27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या यूएस टैरिफ पॉलिसी की अनिश्चितता से शेयर बाजार लाल निशान में खुला?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या यूएस टैरिफ पॉलिसी की अनिश्चितता से शेयर बाजार लाल निशान में खुला?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लाल निशान में खुलकर निवेशकों को चौंका दिया। अमेरिकी व्यापार नीति की अनिश्चितता ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया। जानिए बाजार के नवीनतम रुझानों और निवेशकों की प्रतिक्रियाओं के बारे में।

मुख्य बातें

शेयर बाजार ने लाल निशान में शुरुआत की है।
अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी की अनिश्चितता का प्रभाव।
मिडकैप और स्मॉलकैप में थोड़ी खरीदारी।
बैंकिंग क्षेत्र का स्थिर प्रदर्शन।
विदेशी निवेशकों ने बड़ी बिकवाली की।

मुंबई, 14 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में शुरुआत की। इसका मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी के संबंध में अनिश्चितता बताया जा रहा है।

सुबह 9:36 बजे सेंसेक्स 375 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,131 पर और निफ्टी 95 अंक या 0.38 प्रतिशत की कमी के साथ 25,054 पर था।

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में थोड़ी खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 17 अंक या 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,781 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 71 अंक या 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,714 पर था।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "निफ्टी में मुख्यतः आईटी शेयरों में कमजोरी के चलते गिरावट का रुख बन रहा है। यह कमजोरी बनी रह सकती है, खासकर जब पिछले शुक्रवार को एफआईआई ने नकद बाजार में बड़ी बिकवाली की।"

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 11 जुलाई को 5,104 करोड़ रुपए के साथ शुद्ध विक्रेता रहे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 3,558 करोड़ रुपए की खरीदारी के साथ शुद्ध खरीदार बने रहे।

उन्होंने आगे कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र इस कमजोर बाजार में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति जारी रह सकती है। बाजार ने पहली तिमाही के नतीजों में बैंकिंग शेयरों के लिए अपेक्षित एनआईएम संकुचन को पहले ही कम करके आंका है। इसलिए, बैंकिंग शेयरों में गिरावट खरीदारी का अवसर प्रदान कर सकती है।"

शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल आधार पर ऑटो, पीएसयू बैंक, मेटल, रियल्टी और एनर्जी हरे निशान में थे, जबकि आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी, मीडिया और इन्फ्रा सेक्टर में लाल निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, पावर ग्रिड, सन फार्मा, टाइटन, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, एसबीआई और टाटा स्टील शीर्ष लाभार्थी रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एलएंडटी, एचसीएल टेक, टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचयूएल शीर्ष हानिकारक रहे।

व्यापारिक तनाव में वृद्धि के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया से अधिकांश एशिया-प्रशांत बाजारों में मिश्रित कारोबार हो रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ और मेक्सिको से आयात पर 1 अगस्त से 30 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता बनी हुई है। निवेशकों को चाहिए कि वे सावधानीपूर्वक निर्णय लें और बाजार की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण करें।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी व्यापार नीति के संबंध में अनिश्चितता है।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी का मौका है?
हां, मिडकैप और स्मॉलकैप में थोड़ी खरीदारी देखी जा रही है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है।
बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन कैसे है?
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र इस कमजोर बाजार में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की स्थिति क्या है?
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) हाल ही में बड़े पैमाने पर बिकवाली कर रहे हैं।
क्या बाजार में और गिरावट हो सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में गिरावट बनी रह सकती है, खासकर आईटी शेयरों में।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले