16 जुलाई 2026
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यूपी राजस्व प्रशासन: तीन शीर्ष पदों पर महिला IAS अधिकारी, अर्चना अग्रवाल बनीं राजस्व परिषद अध्यक्ष

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यूपी राजस्व प्रशासन: तीन शीर्ष पदों पर महिला IAS अधिकारी, अर्चना अग्रवाल बनीं राजस्व परिषद अध्यक्ष

सारांश

उत्तर प्रदेश के राजस्व प्रशासन की तीनों शीर्ष कुर्सियों पर अब महिला IAS अधिकारी — अर्चना अग्रवाल (1990 बैच) राजस्व परिषद अध्यक्ष, अपर्णा यू प्रमुख सचिव राजस्व, और कंचन वर्मा आयुक्त-सचिव। योगी सरकार के लिए यह प्रशासनिक बदलाव महिला नेतृत्व के दावे को ठोस रूप देता है।

मुख्य बातें

अर्चना अग्रवाल ( 1990 बैच , IAS) को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया; वे अपर मुख्य सचिव परिवहन और यूपीएसआरटीसी अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही हैं।
अपर्णा यू ( 2001 बैच ) पहले से प्रमुख सचिव राजस्व के पद पर हैं और विभाग की नीतिगत धुरी संभाल रही हैं।
कंचन वर्मा ( 2005 बैच ) राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय है, जो भूमि विवादों और राजस्व अपीलों की अंतिम सुनवाई करता है।
यह नियुक्ति 31 मई 2026 को की गई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की महिला नेतृत्व नीति के तहत आती है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 31 मई 2026 को राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में एक साथ तीन वरिष्ठ महिला IAS अधिकारियों को निर्णायक भूमिकाओं में तैनात किया है — एक कदम जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में उल्लेखनीय माना जा रहा है। 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रमुख सचिव राजस्व की जिम्मेदारी अपर्णा यू के पास पहले से है और कंचन वर्मा आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

तीन अधिकारी, तीन अहम पद

अर्चना अग्रवाल वर्तमान में अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। तीन दशकों से अधिक के प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में नेतृत्वकारी भूमिका को देखते हुए उन्हें राजस्व परिषद की कमान सौंपी गई है।

2001 बैच की आईएएस अधिकारी अपर्णा यू को इसी वर्ष प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया था। राजस्व विभाग प्रदेश में भूमि, भू-अभिलेख, अधिग्रहण और संबंधित नीतिगत मामलों का प्रमुख विभाग है — यानी उनके पास विभाग की प्रशासनिक और नीतिगत धुरी है।

2005 बैच की आईएएस अधिकारी कंचन वर्मा राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं। परिषद के प्रशासनिक संचालन और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों के निस्तारण में उनकी केंद्रीय भूमिका है।

राजस्व परिषद की भूमिका क्यों अहम है

राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश राज्य का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय है, जो भूमि विवादों, राजस्व अपीलों और भू-अभिलेख संबंधी नीतिगत निर्णयों की अंतिम सुनवाई करता है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल कृषि-प्रधान राज्य में भूमि विवाद प्रशासन की सबसे संवेदनशील चुनौतियों में से एक हैं। ऐसे में इस परिषद के शीर्ष पर अनुभवी नेतृत्व की तैनाती सीधे आम नागरिकों तक न्याय की पहुँच को प्रभावित करती है।

योगी सरकार की नीति और पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार पहले भी विभिन्न विभागों, आयोगों और निगमों में महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियाँ देती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर नीतिगत बहस तेज है। आलोचकों का कहना है कि नियुक्तियों की संख्या के साथ-साथ निर्णय-निर्माण में वास्तविक स्वायत्तता भी उतनी ही ज़रूरी है।

आगे क्या

इन तीनों अधिकारियों की तैनाती से राजस्व प्रशासन में निरंतरता और दक्षता को बल मिलने की उम्मीद है। अर्चना अग्रवाल के राजस्व परिषद अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद लंबित भूमि विवादों के निपटारे की गति पर नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रमुख सचिव राजस्व और आयुक्त-सचिव — तीनों पदों पर एक साथ महिला अधिकारियों की मौजूदगी संख्या के लिहाज से उल्लेखनीय है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या इन्हें निर्णय-निर्माण में वास्तविक स्वायत्तता मिलती है। उत्तर प्रदेश में भूमि विवादों की विशाल संख्या और राजस्व प्रशासन की जटिलता को देखते हुए, इन नियुक्तियों का प्रभाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी मापा जाएगा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रशासन में महिला प्रतिनिधित्व और नीतिगत परिणामों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए दीर्घकालिक डेटा ज़रूरी है — महज नियुक्तियाँ पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की नई अध्यक्ष कौन हैं?
वरिष्ठ IAS अधिकारी अर्चना अग्रवाल (1990 बैच) को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे पहले अपर मुख्य सचिव परिवहन और यूपीएसआरटीसी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थीं।
राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश क्या है और इसका काम क्या है?
राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश राज्य का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय है। यह भूमि विवादों, राजस्व अपीलों, भू-अभिलेख और अधिग्रहण संबंधी नीतिगत मामलों की अंतिम सुनवाई करता है।
यूपी राजस्व प्रशासन में अभी कौन-सी तीन महिला IAS अधिकारी हैं?
अर्चना अग्रवाल राजस्व परिषद अध्यक्ष, अपर्णा यू प्रमुख सचिव राजस्व, और कंचन वर्मा आयुक्त एवं सचिव (राजस्व परिषद) — ये तीनों वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में हैं।
अपर्णा यू और कंचन वर्मा किस बैच की IAS अधिकारी हैं?
अपर्णा यू 2001 बैच की IAS अधिकारी हैं और प्रमुख सचिव राजस्व के पद पर हैं। कंचन वर्मा 2005 बैच की IAS अधिकारी हैं और राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
योगी सरकार ने राजस्व विभाग में महिला अधिकारियों को क्यों नियुक्त किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार महिला अधिकारियों को प्रमुख प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ देने की नीति पर काम कर रही है। राजस्व प्रशासन में यह नियुक्ति उसी नीति का हिस्सा बताई जा रही है, जिसके तहत पहले भी विभिन्न विभागों और निगमों में महिला अधिकारियों को अहम पद दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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