यूपी राजस्व प्रशासन: तीन शीर्ष पदों पर महिला IAS अधिकारी, अर्चना अग्रवाल बनीं राजस्व परिषद अध्यक्ष
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 31 मई 2026 को राजस्व प्रशासन की शीर्ष संरचना में एक साथ तीन वरिष्ठ महिला IAS अधिकारियों को निर्णायक भूमिकाओं में तैनात किया है — एक कदम जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में उल्लेखनीय माना जा रहा है। 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि प्रमुख सचिव राजस्व की जिम्मेदारी अपर्णा यू के पास पहले से है और कंचन वर्मा आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
तीन अधिकारी, तीन अहम पद
अर्चना अग्रवाल वर्तमान में अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। तीन दशकों से अधिक के प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में नेतृत्वकारी भूमिका को देखते हुए उन्हें राजस्व परिषद की कमान सौंपी गई है।
2001 बैच की आईएएस अधिकारी अपर्णा यू को इसी वर्ष प्रमुख सचिव राजस्व बनाया गया था। राजस्व विभाग प्रदेश में भूमि, भू-अभिलेख, अधिग्रहण और संबंधित नीतिगत मामलों का प्रमुख विभाग है — यानी उनके पास विभाग की प्रशासनिक और नीतिगत धुरी है।
2005 बैच की आईएएस अधिकारी कंचन वर्मा राजस्व परिषद में आयुक्त एवं सचिव के पद पर कार्यरत हैं। परिषद के प्रशासनिक संचालन और विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों के निस्तारण में उनकी केंद्रीय भूमिका है।
राजस्व परिषद की भूमिका क्यों अहम है
राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश राज्य का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय है, जो भूमि विवादों, राजस्व अपीलों और भू-अभिलेख संबंधी नीतिगत निर्णयों की अंतिम सुनवाई करता है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल कृषि-प्रधान राज्य में भूमि विवाद प्रशासन की सबसे संवेदनशील चुनौतियों में से एक हैं। ऐसे में इस परिषद के शीर्ष पर अनुभवी नेतृत्व की तैनाती सीधे आम नागरिकों तक न्याय की पहुँच को प्रभावित करती है।
योगी सरकार की नीति और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार पहले भी विभिन्न विभागों, आयोगों और निगमों में महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियाँ देती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर नीतिगत बहस तेज है। आलोचकों का कहना है कि नियुक्तियों की संख्या के साथ-साथ निर्णय-निर्माण में वास्तविक स्वायत्तता भी उतनी ही ज़रूरी है।
आगे क्या
इन तीनों अधिकारियों की तैनाती से राजस्व प्रशासन में निरंतरता और दक्षता को बल मिलने की उम्मीद है। अर्चना अग्रवाल के राजस्व परिषद अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद लंबित भूमि विवादों के निपटारे की गति पर नज़र रखी जाएगी।