उत्तराखंड में घरेलू गैस आपूर्ति में सुधार, कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम: मंत्री रेखा आर्य
सारांश
Key Takeaways
- गैस आपूर्ति सामान्य है, विशेषकर मैदानी क्षेत्रों में।
- डोर-स्टेप डिलीवरी से उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
- कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
- पीएनजी की व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
- राजनीतिक मामलों पर भी चर्चा हुई है।
देहरादून, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति पर हुई समीक्षा बैठक के बाद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य की गैस आपूर्ति व्यवस्था, चुनौतियों और उनके समाधान पर गहन चर्चा हुई। इसमें विभिन्न जिलों के अधिकारियों के साथ-साथ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसी) के प्रतिनिधि भी शामिल थे, ताकि समन्वय के जरिए आपूर्ति को और बेहतर बनाया जा सके।
मंत्री ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि प्रदेश के सभी जिलों से घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य है। विशेष रूप से मैदानी क्षेत्रों में डोर-स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल रही है।
हालांकि, पहाड़ी जिलों में भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गैस आपूर्ति रोस्टर के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मैदानी बाजारों में कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन पर सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।
बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के बारे में भी चर्चा की गई। रेखा आर्य ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में पीएनजी की व्यवस्था बेहतर ढंग से कार्य कर रही है और राज्य सरकार इसे और बढ़ावा देने के लिए केंद्र से अपील करेगी। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर भी संबंधित कंपनियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, नरेंद्र मोदी सरकार के मार्गदर्शन और राज्य के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में घरेलू और कमर्शियल गैस की स्थिति पूर्णत: सामान्य है।
राजनीतिक मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए रेखा आर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संसद में और बाहर राहुल गांधी के भाषणों और उनकी भागीदारी पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों और कांग्रेस की अपनी सरकारों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी का क्या दृष्टिकोण है, यह एक महत्वपूर्ण विषय है।