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उत्तरकाशी में 'पोषण पखवाड़ा' की शुरुआत, जिलाधिकारी ने पोषण रथ को रवाना किया

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उत्तरकाशी में 'पोषण पखवाड़ा' की शुरुआत, जिलाधिकारी ने पोषण रथ को रवाना किया

सारांश

उत्तरकाशी में कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए 'पोषण पखवाड़ा' की औपचारिक शुरुआत हुई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करेगा।

मुख्य बातें

पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ उत्तरकाशी में हुआ।
जिलाधिकारी ने पोषण रथ को रवाना किया।
कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
बच्चों और माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सामूहिक प्रयास से कुपोषण मुक्त जनपद बनाना है।

उत्तरकाशी, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जिले में कुपोषण के खिलाफ जन जागरूकता को बढ़ाने के लिए एक नई पहल के तहत 'पोषण पखवाड़ा' का औपचारिक आरंभ किया गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय से 'पोषण रथ' को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। यह रथ पूरे जनपद में घूमकर आम लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा।

पोषण अभियान के अंतर्गत इस पखवाड़े में जिला और विकासखंड स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, पारंपरिक आहार संबंधी ज्ञान का प्रचार-प्रसार और प्रारंभिक बाल्यावस्था में विकास निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य भी किया जाएगा, जिससे उनके समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के चलते बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिसे सुधारने के लिए अभिभावकों को जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने और उन्हें शारीरिक गतिविधियों तथा पारंपरिक खेलों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही एक मजबूत समाज की नींव है और इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि वहां बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक और पोषण संबंधी वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए खिलौने, शिक्षण सामग्री और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बच्चों का उचित मानसिक और शारीरिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान आईसीडीएस की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने कुपोषण के खिलाफ इस अभियान को सफल बनाने और जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोषण पखवाड़ा क्या है?
पोषण पखवाड़ा एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और सही पोषण के महत्व को समझाया जाता है।
इस पखवाड़े में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
इस पखवाड़े में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के पोषण पर आधारित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
जिलाधिकारी ने क्या निर्देश दिए?
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक और पोषण संबंधी वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और जनपद को कुपोषण मुक्त बनाना है।
क्या इस कार्यक्रम में कोई अधिकारी शामिल थे?
हाँ, कार्यक्रम के दौरान आईसीडीएस की सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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