वंदे मातरम विवाद: भूपेश बघेल का CM साय पर पलटवार — 'मंत्रियों से बिना देखे पूरा गीत गवाएं'
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने शनिवार, 31 मई 2025 को रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 'वंदे मातरम' से जुड़े बयान पर तीखा पलटवार किया। बघेल ने साय को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने सभी मंत्रियों को बिना किसी पाठ की सहायता लिए पूरा 'वंदे मातरम' गाकर दिखाने को कहें।
वंदे मातरम पर सीधी चुनौती
बघेल ने कहा, 'मैं विष्णुदेव साय से केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि वे अपने सभी मंत्रियों को खड़ा करके बिना किसी पाठ को देखे पूरा 'वंदे मातरम' गाने को कहें।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' गाया जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की हर सभा और सम्मेलन 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान से शुरू होती है और इन्हीं के साथ समाप्त भी होती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा में 'वंदे मातरम' के इतिहास पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।
पंजाब चुनाव की तैयारी पर हाईकमान से मैराथन बैठक
बघेल ने बताया कि शुक्रवार को पंजाब के मुद्दों को लेकर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल के साथ लगभग तीन घंटे की मैराथन बैठक हुई। उन्होंने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव के कुछ महीने बचे हैं और पार्टी को मजबूत करने की विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब कांग्रेस कई राज्यों में अपनी संगठनात्मक स्थिति सुदृढ़ करने की कोशिश में लगी है।
कर्नाटक नेतृत्व पर सतर्क रुख
कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर बघेल ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि विधायक दल की बैठक का इंतजार करना उचित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि औपचारिक घोषणा के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकती है।
एलपीजी संकट और पेट्रोल पंपों पर निशाना
पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार द्वारा सरकारी तेल विपणन कंपनियों को कम से कम 30 दिनों की मांग के बराबर रसोई गैस (एलपीजी) का रणनीतिक भंडार तैयार करने के निर्देश पर बघेल ने मुख्यमंत्री साय पर निशाना साधा।
बघेल ने कहा, 'वैसे भी एलपीजी, पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा है। सारे पेट्रोल पंप ड्राई हैं। विष्णुदेव साय को इसकी चिंता करनी चाहिए कि किसानों को खाद कैसे मिले और ट्रांसपोर्टर को तेल मिले।' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस मामले पर चुप हैं।
आगे क्या
'वंदे मातरम' विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नई बहस का केंद्र बन गया है। बघेल के इस पलटवार के बाद BJP की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। राज्य में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति का मुद्दा भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।