यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 60+ महिलाओं को मुफ्त रोडवेज यात्रा, 250 नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए ₹400 करोड़ मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 25 अगस्त 2026 को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में दो अहम फैसले लिए गए — 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की सामान्य बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी, और वित्तीय वर्ष 2026-27 में बस बेड़े में 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने को मंजूरी मिली। यह निर्णय राज्य सरकार के लोक कल्याण संकल्प-2022 के तहत 'सशक्त नारी' संकल्प का विस्तार माना जा रहा है।
निशुल्क यात्रा योजना: किसे मिलेगा लाभ
सरकारी अनुमान के अनुसार इस योजना से प्रतिदिन करीब 88,438 वरिष्ठ महिला यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पात्र महिलाओं की पहचान और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए UPSRTC की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। इस कार्ड के माध्यम से बस में चढ़ते समय पात्रता की जाँच स्वचालित रूप से होगी।
राज्य सरकार पर इस योजना के कारण हर महीने करीब ₹22.55 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण और वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक राहत देने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है।
250 इलेक्ट्रिक बसें: खर्च और संरचना
परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने बताया कि 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर कुल ₹425.50 करोड़ का व्यय अनुमानित है। इसमें से ₹400 करोड़ राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष ₹25.50 करोड़ निगम अपने संसाधनों से जुटाएगा। खरीद प्रस्ताव के अनुसार 100 बसें 50-सीटर और 150 बसें 41-सीटर होंगी।
गौरतलब है कि यह विस्तार केवल क्षमता वृद्धि तक सीमित नहीं है — इन बसों के बेड़े में शामिल होने से चालकों, परिचालकों और तकनीकी-रखरखाव कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, संचालन मार्गों के किनारे ढाबे, रेस्टोरेंट और यात्री सुविधाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
दिल्ली प्रदूषण मानक और पर्यावरणीय महत्व
इलेक्ट्रिक बसों का यह विस्तार एक बड़े नियामकीय संदर्भ में भी अहम है। CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) के निर्देशों के अनुसार 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-6 मानक वाले वाहनों के प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में UPSRTC के इलेक्ट्रिक बेड़े का विस्तार दिल्ली से जुड़े उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन को इन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायक होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। नई इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच आधुनिक, सुविधाजनक और अपेक्षाकृत स्वच्छ परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएंगी।
आगे की राह
स्मार्ट कार्ड वितरण की प्रक्रिया और इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की समयसीमा को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश अपेक्षित हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्मार्ट कार्ड प्रणाली की जमीनी क्रियान्वयन गति कितनी तेज रहती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र महिलाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।