23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली में 2,800 एसी इलेक्ट्रिक बसें: PM ई-ड्राइव योजना से बेड़ा 7,500 तक पहुँचेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली में 2,800 एसी इलेक्ट्रिक बसें: PM ई-ड्राइव योजना से बेड़ा 7,500 तक पहुँचेगा

सारांश

दिल्ली सरकार PM ई-ड्राइव योजना के तहत 2,800 एसी इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने जा रही है — जिससे मौजूदा 4,300 का बेड़ा साल के अंत तक 7,500 तक पहुँचेगा। फेज-दो में 3,330 अतिरिक्त बसें और भी आएंगी। ₹10,900 करोड़ की यह केंद्रीय योजना 1 अक्टूबर 2024 से लागू है।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार PM ई-ड्राइव योजना के तहत 2,800 एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल करेगी।
नई बसों में 1,400 नौ मीटर और 1,400 बारह मीटर लंबी बसें शामिल हैं।
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 4,300 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं; लक्ष्य 7,500 तक पहुँचना है।
PM ई-ड्राइव फेज-दो के तहत 3,330 अतिरिक्त बसें (500 सात मीटर सहित) भी प्रस्तावित हैं।
PM ई-ड्राइव योजना ₹10,900 करोड़ के परिव्यय के साथ 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी है।
बस डिपो में चार्जिंग और विद्युत अवसंरचना भी स्थापित की जाएगी।

दिल्ली सरकार केंद्र की पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM ई-ड्राइव) योजना के अंतर्गत 2,800 वातानुकूलित लो-फ्लोर शून्य-उत्सर्जन बसें अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े में जोड़ने जा रही है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने 7 जून 2026 को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस विस्तार से राष्ट्रीय राजधानी का कुल इलेक्ट्रिक बस बेड़ा वर्ष के अंत तक लगभग 7,500 तक पहुँच जाएगा।

नई बसों का विवरण

प्रस्तावित 2,800 बसों में 1,400 नौ मीटर और 1,400 बारह मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। परिवहन मंत्री के अनुसार, यह संतुलित बेड़ा घनी आबादी वाले इलाकों के साथ-साथ आस-पड़ोस और कम सुविधा वाले क्षेत्रों की कनेक्टिविटी की जरूरतें एक साथ पूरी करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। इन बसों के साथ-साथ बस डिपो में आवश्यक चार्जिंग और विद्युत अवसंरचना भी स्थापित की जाएगी।

वर्तमान स्थिति और विस्तार लक्ष्य

फिलहाल दिल्ली में लगभग 4,300 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जिससे यह देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़ों में से एक है। 2,800 नई बसें जुड़ने के बाद यह संख्या 7,100 से अधिक हो जाएगी और सरकार का लक्ष्य इसे 7,500 तक ले जाने का है।

PM ई-ड्राइव का अगला चरण

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि PM ई-ड्राइव फेज-दो के तहत 3,330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने पर भी काम जारी है, जिनमें 500 सात मीटर लंबी बसें होंगी। ये छोटी बसें फीडर सेवाओं और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी, विशेष रूप से आवासीय, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में।

PM ई-ड्राइव योजना की पृष्ठभूमि

₹10,900 करोड़ के स्वीकृत वित्तीय परिव्यय के साथ PM ई-ड्राइव योजना 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी हो गई है। इसका प्राथमिक उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने में तेजी लाना, चार्जिंग अवसंरचना विकसित करना और देश में सशक्त EV विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र खड़ा करना है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है और परिवहन क्षेत्र उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों में से एक माना जाता है।

पर्यावरण और यात्री अनुभव पर असर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा अधिक भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में यह निरंतर निवेश राष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली चुनौती बेड़े के विस्तार से नहीं, बल्कि चार्जिंग अवसंरचना और डिपो क्षमता से है — जो अब तक विस्तार की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पाई। फेज-दो की 3,330 बसें तब तक कागज़ पर ही रहेंगी जब तक बिजली आपूर्ति और भूमि आवंटन के मुद्दे हल नहीं होते। यह भी ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में परिवहन का योगदान तो है, पर उद्योग और पराली जलाने जैसे बाहरी स्रोत भी उतने ही ज़िम्मेदार हैं — केवल बस विद्युतीकरण से प्रदूषण का पूरा समाधान नहीं होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM ई-ड्राइव योजना क्या है और दिल्ली को इससे क्या मिलेगा?
PM ई-ड्राइव (पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट) केंद्र सरकार की ₹10,900 करोड़ की योजना है, जो 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी है। इसका उद्देश्य EV अपनाने में तेजी, चार्जिंग अवसंरचना विकास और EV विनिर्माण को बढ़ावा देना है। दिल्ली इसी योजना के तहत 2,800 एसी इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त करेगी।
दिल्ली में कितनी इलेक्ट्रिक बसें हैं और लक्ष्य क्या है?
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 4,300 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। 2,800 नई बसें जुड़ने के बाद परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के अनुसार, वर्ष 2026 के अंत तक यह संख्या लगभग 7,500 तक पहुँचने का लक्ष्य है।
नई 2,800 इलेक्ट्रिक बसें किन क्षेत्रों में चलेंगी?
ये बसें घनी आबादी वाले इलाकों और कम सुविधा वाले दूरदराज के क्षेत्रों दोनों की जरूरतें पूरी करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। 9 मीटर की बसें संकरे रास्तों और आवासीय इलाकों के लिए, जबकि 12 मीटर की बसें मुख्य मार्गों पर चलाई जाएंगी।
PM ई-ड्राइव फेज-दो में क्या होगा?
PM ई-ड्राइव फेज-दो के तहत दिल्ली सरकार 3,330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना बना रही है, जिनमें 500 सात मीटर लंबी बसें भी होंगी। ये छोटी बसें फीडर सेवाओं और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए होंगी।
इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर क्या असर पड़ेगा?
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि दिल्ली का प्रदूषण बहु-कारकीय है और परिवहन विद्युतीकरण एक महत्वपूर्ण लेकिन आंशिक समाधान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले