वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर का बयान: एसआईआर से फर्जी वोटरों पर लगाम, गरबा पर भी स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में विशेष वक्तव्य जारी करते हुए विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन किया और कहा कि इस प्रक्रिया ने फर्जी मतदाताओं के जरिए चुनाव जीतने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लगाई है। साथ ही उन्होंने नवरात्रि और गरबा आयोजनों की धार्मिक प्रकृति पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया।
गरबा पर वीएचपी का स्पष्टीकरण
नायर ने कहा, 'नवरात्रि हिंदू परंपराओं से जुड़ा एक धार्मिक त्योहार है, न कि केवल संगीत और नृत्य का कोई सांस्कृतिक आयोजन।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देवी दुर्गा की पूजा रीति-रिवाजों, प्रार्थनाओं और आरती के जरिए गरबा पंडालों में की जाती है। इसलिए संगठन का मत है कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते और इसे वर्जित मानते हैं, उन्हें इन धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित नहीं होना चाहिए।
एसआईआर का समर्थन और विपक्ष पर हमला
एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर श्रीराज नायर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष पहले स्वयं मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों का आरोप लगाता था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं ने खुद कहा था कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में अवैध नाम हैं। उनके अनुसार, अब लगातार चुनाव हारने के बाद ये नेता एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं।
केरल का संदर्भ और रमेश चेन्निथला का बयान
नायर ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे रमेश चेन्निथला ने एसआईआर का स्वागत किया था। चेन्निथला ने कथित तौर पर कहा था कि कम्युनिस्ट पार्टी बड़ी संख्या में फर्जी वोटरों के नाम सूची में डालती थी और एसआईआर के कारण वे सब हटाए गए। यह संदर्भ विपक्ष की आंतरिक असहमति को उजागर करता है।
पश्चिम बंगाल और लोकतंत्र की मजबूती
वीएचपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष वहीं शांत रहता है जहाँ उसे जीत मिलती है, परंतु पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हार के बाद 'बौखलाहट' में एसआईआर को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे लगभग 140 करोड़ की आबादी वाले सबसे बड़े लोकतंत्र में पूरी तरह प्रामाणिक मतदाता सूची ही लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करती है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा
नायर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और कानून-व्यवस्था में सुधार अनुभव किया है। उनके अनुसार, मोदी को देश और विदेश दोनों जगह व्यापक पहचान और सम्मान प्राप्त है।
वीएचपी के इस वक्तव्य के साथ एसआईआर की राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, जबकि आगामी राज्य चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची की प्रामाणिकता का मुद्दा केंद्रीय बनता जा रहा है।