9 अक्टूबर 2026
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वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर का बयान: एसआईआर से फर्जी वोटरों पर लगाम, गरबा पर भी स्पष्टीकरण

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वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर का बयान: एसआईआर से फर्जी वोटरों पर लगाम, गरबा पर भी स्पष्टीकरण

सारांश

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने एसआईआर को लोकतंत्र की रक्षा का औजार बताया और विपक्ष पर चुनाव हारने के बाद 'बौखलाहट' में सवाल उठाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने गरबा को विशुद्ध धार्मिक आयोजन बताते हुए मूर्ति पूजा में अनास्था रखने वालों को इससे दूर रहने की बात कही।

मुख्य बातें

वीएचपी राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एसआईआर के समर्थन में बयान दिया।
नायर के अनुसार, एसआईआर ने फर्जी मतदाताओं के जरिए चुनाव जीतने की कोशिशों पर रोक लगाई है।
नवरात्रि को शुद्ध धार्मिक पर्व बताते हुए कहा कि मूर्ति पूजा में अनास्था रखने वाले गरबा पंडालों में न आएं।
केरल के नेता रमेश चेन्निथला के हवाले से कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी फर्जी नाम डालती थी, एसआईआर से वे हटे।
विपक्ष पर आरोप — राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल खुद कहते थे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है, अब पश्चिम बंगाल में हार के बाद एसआईआर पर सवाल।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में विशेष वक्तव्य जारी करते हुए विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन किया और कहा कि इस प्रक्रिया ने फर्जी मतदाताओं के जरिए चुनाव जीतने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लगाई है। साथ ही उन्होंने नवरात्रि और गरबा आयोजनों की धार्मिक प्रकृति पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया।

गरबा पर वीएचपी का स्पष्टीकरण

नायर ने कहा, 'नवरात्रि हिंदू परंपराओं से जुड़ा एक धार्मिक त्योहार है, न कि केवल संगीत और नृत्य का कोई सांस्कृतिक आयोजन।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देवी दुर्गा की पूजा रीति-रिवाजों, प्रार्थनाओं और आरती के जरिए गरबा पंडालों में की जाती है। इसलिए संगठन का मत है कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते और इसे वर्जित मानते हैं, उन्हें इन धार्मिक आयोजनों में सम्मिलित नहीं होना चाहिए।

एसआईआर का समर्थन और विपक्ष पर हमला

एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर श्रीराज नायर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष पहले स्वयं मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों का आरोप लगाता था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं ने खुद कहा था कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में अवैध नाम हैं। उनके अनुसार, अब लगातार चुनाव हारने के बाद ये नेता एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं।

केरल का संदर्भ और रमेश चेन्निथला का बयान

नायर ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे रमेश चेन्निथला ने एसआईआर का स्वागत किया था। चेन्निथला ने कथित तौर पर कहा था कि कम्युनिस्ट पार्टी बड़ी संख्या में फर्जी वोटरों के नाम सूची में डालती थी और एसआईआर के कारण वे सब हटाए गए। यह संदर्भ विपक्ष की आंतरिक असहमति को उजागर करता है।

पश्चिम बंगाल और लोकतंत्र की मजबूती

वीएचपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष वहीं शांत रहता है जहाँ उसे जीत मिलती है, परंतु पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हार के बाद 'बौखलाहट' में एसआईआर को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे लगभग 140 करोड़ की आबादी वाले सबसे बड़े लोकतंत्र में पूरी तरह प्रामाणिक मतदाता सूची ही लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करती है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा

नायर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और कानून-व्यवस्था में सुधार अनुभव किया है। उनके अनुसार, मोदी को देश और विदेश दोनों जगह व्यापक पहचान और सम्मान प्राप्त है।

वीएचपी के इस वक्तव्य के साथ एसआईआर की राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, जबकि आगामी राज्य चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची की प्रामाणिकता का मुद्दा केंद्रीय बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनावी मौसम में एक सुचिंतित राजनीतिक संदेश की तरह लगता है। एसआईआर पर विपक्ष की आपत्तियों को 'हार की बौखलाहट' कहना बहस को तथ्यों से हटाकर भावनाओं पर ले जाता है — असली सवाल यह है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता कितनी है। गरबा प्रवेश का मुद्दा हर नवरात्रि पर उठता है, लेकिन इसे एसआईआर की राजनीतिक बहस के साथ जोड़ना वीएचपी की व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि एसआईआर के क्रियान्वयन में किन समुदायों के नाम अनुपातहीन रूप से हटाए गए — वही असली जवाबदेही की कसौटी है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण एक निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूचियों की जाँच कर अवैध, फर्जी या दोहराव वाले नामों को हटाया जाता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को प्रामाणिक और अद्यतन रखना है।
वीएचपी ने एसआईआर का समर्थन क्यों किया?
वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर का कहना है कि एसआईआर से फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कथित तौर पर चुनावों को प्रभावित करने के लिए जोड़े गए थे। उनके अनुसार, प्रामाणिक मतदाता सूची लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
गरबा में गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर वीएचपी का क्या कहना है?
वीएचपी का कहना है कि नवरात्रि एक धार्मिक पर्व है जिसमें देवी दुर्गा की पूजा, आरती और प्रार्थना होती है। संगठन का मत है कि जो लोग मूर्ति पूजा में आस्था नहीं रखते, उन्हें गरबा पंडालों में नहीं आना चाहिए।
विपक्ष एसआईआर का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी काटे जा सकते हैं। हालांकि वीएचपी ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बात करते थे, और अब चुनाव हारने के बाद एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं।
केरल में एसआईआर को लेकर क्या हुआ था?
नायर के अनुसार, केरल के नेता रमेश चेन्निथला ने एसआईआर का स्वागत किया था और कहा था कि कम्युनिस्ट पार्टी बड़ी संख्या में फर्जी नाम मतदाता सूची में जोड़ती थी, जो एसआईआर की वजह से हटाए गए। यह बयान विपक्ष की एकजुट आलोचना में दरार को उजागर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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