वंदे मातरम विवाद पर VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर बोले — स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा को राजनीतिक रंग देना गलत
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 11 अगस्त 2026 को मुंबई में कहा कि 'वंदे मातरम' को लेकर उठाया जा रहा विवाद पूरी तरह बेबुनियाद है, क्योंकि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान देश के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसे एकजुट होकर गाया था और उस दौर में इसे लेकर कोई विवाद नहीं था।
वंदे मातरम और राजनीतिक विवाद
नायर ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही 'वंदे मातरम' जनमानस में गहराई से समाया हुआ था। उनके अनुसार, बाद के वर्षों में कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इस गीत को धार्मिक रंग देने और विवाद का विषय बनाने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों पर आरोप लगाया कि वे एक विशेष समुदाय को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
नायर ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में 'वंदे मातरम' को पुनः सम्मान दिलाने की पहल स्वागत योग्य है, हालांकि उन्होंने इसे इतने वर्षों बाद किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका मानना है कि यह गीत आगे भी देश में गाया जाता रहेगा और सभी देशवासियों को इसे सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए।
इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड पर समर्थन
इस्कॉन मंदिरों में लागू किए गए ड्रेस कोड के बारे में नायर ने कहा कि इस्कॉन एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्था है, जिसके मंदिर दुनिया के अनेक देशों में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी श्रद्धालु मंदिर की गरिमा के अनुरूप वस्त्र पहनकर आते हैं।
नायर के अनुसार, मंदिर एक पवित्र धार्मिक स्थल है जहाँ लोग पूजा और आध्यात्मिक अनुभव के लिए जाते हैं, इसलिए वहाँ सभ्य और मर्यादित वस्त्र पहनना उचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक संस्था को अपनी आंतरिक नियमावली बनाने और लागू करने का पूरा अधिकार है, और इस्कॉन का यह निर्णय उसी अधिकार के अंतर्गत आता है।
प्रकाश राज के दावे पर तीखी प्रतिक्रिया
अभिनेता प्रकाश राज द्वारा मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने के दावे पर नायर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसा कोई मामला है, तो संबंधित व्यक्ति को चुनावी अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करानी चाहिए — इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर उपलब्ध है।
नायर ने कहा कि इस मुद्दे को सार्वजनिक विवाद बनाना 'सुर्खियों में बने रहने की कोशिश' हो सकती है। उन्होंने प्रकाश राज पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), हिंदुत्व और हिंदू धार्मिक मान्यताओं को लेकर लगातार एकतरफा टिप्पणी करने का आरोप लगाया और उन्हें 'सिलेक्टिव एक्टिविस्ट' बताया। गौरतलब है कि नायर के ये आरोप उनके अपने दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
आगे क्या
'वंदे मातरम' को लेकर यह बहस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर और अधिक प्रासंगिक हो गई है। VHP की यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक विमर्श आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है।