12 अगस्त 2026
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वंदे मातरम विवाद पर VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर बोले — स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा को राजनीतिक रंग देना गलत

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वंदे मातरम विवाद पर VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर बोले — स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा को राजनीतिक रंग देना गलत

सारांश

VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि 'वंदे मातरम' आज़ादी की लड़ाई का प्रेरणास्रोत रहा है और इसे विवाद का विषय बनाना तुष्टिकरण की राजनीति है। साथ ही उन्होंने इस्कॉन के ड्रेस कोड का समर्थन किया और प्रकाश राज के मतदाता सूची दावे को सुर्खियों की चाहत बताया।

मुख्य बातें

VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 11 अगस्त को मुंबई में कहा कि 'वंदे मातरम' को लेकर विवाद बेबुनियाद है।
नायर के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सभी वर्गों के लोगों ने 'वंदे मातरम' गाया था; विवाद बाद में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते उठाया गया।
उन्होंने इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड लागू करने के फैसले का समर्थन किया, कहा — धार्मिक संस्थाओं को नियम बनाने का अधिकार है।
अभिनेता प्रकाश राज के मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावे को नायर ने सुर्खियों में बने रहने की कोशिश बताया।
नायर ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में 'वंदे मातरम' को पुनः सम्मान दिलाने की पहल स्वागत योग्य है।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 11 अगस्त 2026 को मुंबई में कहा कि 'वंदे मातरम' को लेकर उठाया जा रहा विवाद पूरी तरह बेबुनियाद है, क्योंकि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान देश के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसे एकजुट होकर गाया था और उस दौर में इसे लेकर कोई विवाद नहीं था।

वंदे मातरम और राजनीतिक विवाद

नायर ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती दिनों से ही 'वंदे मातरम' जनमानस में गहराई से समाया हुआ था। उनके अनुसार, बाद के वर्षों में कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इस गीत को धार्मिक रंग देने और विवाद का विषय बनाने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों पर आरोप लगाया कि वे एक विशेष समुदाय को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

नायर ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में 'वंदे मातरम' को पुनः सम्मान दिलाने की पहल स्वागत योग्य है, हालांकि उन्होंने इसे इतने वर्षों बाद किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका मानना है कि यह गीत आगे भी देश में गाया जाता रहेगा और सभी देशवासियों को इसे सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए।

इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड पर समर्थन

इस्कॉन मंदिरों में लागू किए गए ड्रेस कोड के बारे में नायर ने कहा कि इस्कॉन एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्था है, जिसके मंदिर दुनिया के अनेक देशों में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी श्रद्धालु मंदिर की गरिमा के अनुरूप वस्त्र पहनकर आते हैं।

नायर के अनुसार, मंदिर एक पवित्र धार्मिक स्थल है जहाँ लोग पूजा और आध्यात्मिक अनुभव के लिए जाते हैं, इसलिए वहाँ सभ्य और मर्यादित वस्त्र पहनना उचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक संस्था को अपनी आंतरिक नियमावली बनाने और लागू करने का पूरा अधिकार है, और इस्कॉन का यह निर्णय उसी अधिकार के अंतर्गत आता है।

प्रकाश राज के दावे पर तीखी प्रतिक्रिया

अभिनेता प्रकाश राज द्वारा मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने के दावे पर नायर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसा कोई मामला है, तो संबंधित व्यक्ति को चुनावी अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करानी चाहिए — इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर उपलब्ध है।

नायर ने कहा कि इस मुद्दे को सार्वजनिक विवाद बनाना 'सुर्खियों में बने रहने की कोशिश' हो सकती है। उन्होंने प्रकाश राज पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), हिंदुत्व और हिंदू धार्मिक मान्यताओं को लेकर लगातार एकतरफा टिप्पणी करने का आरोप लगाया और उन्हें 'सिलेक्टिव एक्टिविस्ट' बताया। गौरतलब है कि नायर के ये आरोप उनके अपने दृष्टिकोण पर आधारित हैं।

आगे क्या

'वंदे मातरम' को लेकर यह बहस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर और अधिक प्रासंगिक हो गई है। VHP की यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक विमर्श आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक खास वोट-बैंक को संबोधित करती है। आलोचकों का कहना है कि जिन दलों पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया जा रहा है, वे भी इस बहस को अपने तरीके से भुनाते हैं — यानी दोनों पक्ष इस विवाद को जीवित रखने में रुचि रखते हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस बहस से आम नागरिक के जीवन में कोई बदलाव आता है, या यह केवल चुनावी मौसम का शोर है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 'वंदे मातरम' विवाद पर क्या कहा?
नायर ने कहा कि 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा है और उस दौर में इसे लेकर कोई विवाद नहीं था। उनके अनुसार बाद के वर्षों में कुछ राजनीतिक दलों ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत इसे विवादास्पद बनाने की कोशिश की।
इस्कॉन मंदिरों में ड्रेस कोड पर VHP का क्या रुख है?
VHP प्रवक्ता नायर ने इस्कॉन के ड्रेस कोड निर्णय का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था को अपनी आंतरिक नियमावली बनाने और लागू करने का अधिकार है, और मंदिर परिसर में सभ्य वस्त्र पहनना उचित है।
प्रकाश राज के मतदाता सूची दावे पर नायर ने क्या कहा?
नायर ने इस दावे को 'सुर्खियों में बने रहने की कोशिश' बताया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में मतदाता सूची में गड़बड़ी है, तो संबंधित व्यक्ति को चुनावी अधिकारियों के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत करनी चाहिए।
'वंदे मातरम' और स्वतंत्रता संग्राम का क्या संबंध है?
'वंदे मातरम' बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित गीत है, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख प्रेरणा-गीत के रूप में उभरा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसे आज़ादी की लड़ाई में प्रेरणा के रूप में गाया था।
VHP ने 'वंदे मातरम' से जुड़ी पहल का स्वागत क्यों किया?
नायर ने कहा कि स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में इस गीत को पुनः सम्मान दिलाने की पहल सराहनीय है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इतने वर्षों बाद इस पहल की ज़रूरत पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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