हैदराबाद मुक्ति दिवस 2026: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सिकंदराबाद में फहराएंगे तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद मुक्ति दिवस के अवसर पर सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की परेड की सलामी लेंगे। इस वर्ष के केंद्रीय समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में राधाकृष्णन की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करती है।
मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की जाएंगी। गौरतलब है कि यह केंद्र सरकार द्वारा लगातार पाँचवें वर्ष इस दिवस का आयोजन है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
17 सितंबर 1948 को तत्कालीन हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में विलय किया गया था। 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के 13 महीने बाद तक हैदराबाद निजाम के शासन में बना रहा था। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 2022 में इस दिन हैदराबाद में समारोहों की शुरुआत की थी, और 2024 में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर 17 सितंबर को आधिकारिक रूप से हैदराबाद मुक्ति दिवस घोषित किया।
दो समानांतर समारोह
पिछले कुछ वर्षों की परंपरा के अनुरूप इस बार भी केंद्र और तेलंगाना सरकार अलग-अलग थीम के साथ 17 सितंबर को मनाएंगी। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में आयोजित मुख्य राज्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। कांग्रेस सरकार लगातार तीसरे वर्ष इसे 'तेलंगाना प्रजा पालन दिनोत्सव' (जन शासन दिवस) के रूप में मना रही है। राज्य के मंत्री, सरकारी सलाहकार और प्रतिनिधि सभी 32 जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि सभी सरकारी कार्यालयों, शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों में तिरंगा फहराया जाएगा।
राजनीतिक विवाद और विरोध
यह ऐसे समय में आया है जब इस दिवस को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और अन्य दलों ने इस आधार पर समारोहों का विरोध किया है कि पूरे भारत का एक ही स्वतंत्रता दिवस है। मुस्लिम संगठनों का कथित तौर पर यह भी आरोप रहा है कि 'ऑपरेशन पोलो' के नाम से जानी जाने वाली 'पुलिस एक्शन' के दौरान नरसंहार हुआ था, जिसके कारण पूर्ववर्ती सरकारों ने आधिकारिक समारोहों से परहेज किया।
पिछले वर्ष मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्रियों को 'प्रजा पालन दिनोत्सव' में शामिल होने का आमंत्रण दिया था, जिसे BJP नेताओं ने अस्वीकार कर दिया था। किशन रेड्डी ने लिखा था कि वे 'एक ऐसी निष्ठाहीन रस्म का हिस्सा नहीं बन सकते जो लोगों से सच्चाई को मिटाने का खुला प्रयास करती है।'
पिछले वर्षों के मुख्य अतिथि
2022 और 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह में तिरंगा फहराया था। 2024 में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने समारोह का नेतृत्व किया, जबकि 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि थे। इस वर्ष उपराष्ट्रपति की उपस्थिति आयोजन के बढ़ते संवैधानिक महत्व को रेखांकित करती है।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस दिवस की व्याख्या को लेकर जारी राजनीतिक मतभेद आने वाले वर्षों में किस दिशा में जाते हैं।