20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार के उपमुख्यमंत्री बने विजय चौधरी: नीतीश के सबसे विश्वसनीय रणनीतिकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार के उपमुख्यमंत्री बने विजय चौधरी: नीतीश के सबसे विश्वसनीय रणनीतिकार

सारांश

बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है, जो नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं। इस नई सरकार में सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्य बातें

विजय चौधरी को उपमुख्यमंत्री का पद मिला है।
यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है।
नीतीश कुमार की रणनीति का हिस्सा हैं।
जदयू की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पटना, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में एनडीए नेतृत्व का एक नया ढांचा उभरा है। भाजपा के सम्राट चौधरी के रूप में बिहार को पहला भाजपा मुख्यमंत्री मिला है। जदयू के हिस्से से पार्टी के सबसे अनुभवी और नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार विजय कुमार चौधरी को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई है। उनके साथ बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

विजय चौधरी का उपमुख्यमंत्री बनना मात्र एक पद का बंटवारा नहीं है, बल्कि यह नीतीश कुमार का एक अच्छी तरह से सोचा गया राजनीतिक कदम है। विजय चौधरी हमेशा से नीतीश कुमार की 'कोर कमेटी' का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इस नई सरकार में भाजपा भले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज है, लेकिन विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाकर जदयू ने यह सुनिश्चित किया है कि सत्ता और प्रशासन पर उसकी मजबूत पकड़ बनी रहे।

विजय कुमार चौधरी बिहार की राजनीति के उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो अपनी सादगी, बौद्धिक क्षमता और बेहतरीन संसदीय ज्ञान के लिए जाने जाते हैं। विवादों से दूर रहकर काम करने की शैली उन्हें एक अलग पहचान देती है।

8 जनवरी 1957 को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में एक भूमिहार ब्राह्मण परिवार में जन्मे विजय चौधरी के पिता स्वर्गीय जगदीश प्रसाद चौधरी एक स्वतंत्रता सेनानी थे और कांग्रेस के टिकट पर दलसिंहसराय से तीन बार विधायक रहे।

विजय चौधरी ने 1979 में पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने तुरंत राजनीति में कदम नहीं रखा। वे 1979 में त्रिवेंद्रम में भारतीय स्टेट बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में नियुक्त हुए और कुछ समय तक वहां कार्य किया।

पिता के निधन के बाद उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ दी और 1982 के उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दलसिंहसराय से जीतकर पहली बार विधायक बने। 1985 से 1990 तक वे कांग्रेस के विधायक रहे।

कांग्रेस में कई वर्षों तक रहने (और महासचिव का पद संभालने) के बाद 2005 में वे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। वे वर्तमान में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अपने लंबे राजनीतिक करियर में विजय चौधरी ने बिहार सरकार के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है। वे बिहार विधानसभा के 15वें अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने शिक्षा, वित्त, वाणिज्य कर, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ग्रामीण विकास और भवन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई है।

वे 2008 में पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता भी रहे हैं। विधानसभा में सरकार का पक्ष रखने (विशेषकर संसदीय कार्य मंत्री के रूप में) में उन्हें महारत हासिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नीतीश कुमार की रणनीतिक सोच को दर्शाती है। यह कदम भले ही भाजपा के मुख्यमंत्री के साथ हुआ हो, लेकिन जदयू की मजबूती को भी दर्शाता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय चौधरी का राजनीतिक करियर कैसा रहा है?
विजय चौधरी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला है और बिहार विधानसभा के 15वें अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद विजय चौधरी का क्या लक्ष्य है?
उनका लक्ष्य बिहार में जदयू की सत्ता को मजबूत करना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
विजय चौधरी जदयू में कब शामिल हुए?
उन्होंने 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू में शामिल होने का निर्णय लिया।
विजय चौधरी का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उनका जन्म 8 जनवरी 1957 को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में हुआ।
नीतीश कुमार के साथ विजय चौधरी का संबंध कैसा है?
विजय चौधरी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं और 'कोर कमेटी' का हिस्सा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले