CBSE विवाद पर विजय शर्मा का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- ऐसे मुद्दों पर राजनीति न करें
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 3 जून को रायपुर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के CBSE से जुड़े बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड में किए गए हालिया प्रशासनिक बदलाव केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश पर बेहतर सुशासन के लिए किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की CBSE से जुड़ी कार्रवाई और तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की वास्तविक चिंता होती, तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक पद से हटा दिया गया होता। इसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता को ‘किसी न किसी को निशाना बनाना ही होता है’, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं।
शर्मा ने ज़ोर देकर कहा कि बेहतर प्रशासन के लिए ज़रूरी संरचनात्मक बदलाव होते रहते हैं और इन्हें राजनीतिक चश्मे से देखना उचित नहीं है।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर रुख
उपमुख्यमंत्री ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लगातार होने वाले चुनावों के कारण पूरी प्रशासनिक मशीनरी व्यस्त रहती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उनके अनुसार, यह सुधार मोदी सरकार के नेतृत्व में ही संभव है।
शर्मा ने अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक की समाप्ति और CAA लागू करने जैसे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह पिछले लक्ष्य हासिल किए गए हैं, उसी तरह यह लक्ष्य भी पूरा होगा।
शशि थरूर पर ‘वंदे मातरम’ टिप्पणी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की उस टिप्पणी पर — कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाना अनिवार्य नहीं है — विजय शर्मा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि थरूर को पहले इसे याद कर लेना चाहिए और सही उच्चारण के साथ गाना चाहिए, उसके बाद ही ऐसी टिप्पणियाँ करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोग थरूर को विद्वान मानते हैं, इसलिए उन्हें यह ऐतिहासिक संदर्भ भी समझना चाहिए कि गीत को पहले किन परिस्थितियों में संक्षिप्त किया गया था और अब इसे पूर्ण रूप में गाने का निर्णय क्यों लिया गया।
हमास–पाकिस्तान कथित संबंधों पर बयान
हमास और पाकिस्तान के कथित आतंकी संबंधों की रिपोर्टों पर शर्मा ने कहा कि आम जनता के बीच पहले से ही यह धारणा थी कि पाकिस्तान की भूमिका हो सकती है, और अब सबूतों के साथ यह स्पष्ट हो गया है। उन्होंने जोड़ा कि पाकिस्तान को अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ा है, और भविष्य में भी ऐसे किसी प्रयास का मोदी सरकार कड़ा जवाब देगी।
क्या होगा आगे
CBSE में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि मानसून सत्र में यह मुद्दा संसद में उठ सकता है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफ़ारिशों का क्रियान्वयन भी आने वाले महीनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बनेगा।