13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: कडप्पा सांसद के पिता भास्कर रेड्डी ईडी के सामने पेश, मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: कडप्पा सांसद के पिता भास्कर रेड्डी ईडी के सामने पेश, मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज

सारांश

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड की जांच अब सबसे संवेदनशील मोड़ पर है — कडप्पा सांसद के पिता खुद ईडी के सामने पेश हुए। ₹40 करोड़ की कथित सुपारी और लंबे समय से चली आ रही सीबीआई जांच के बाद अब ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच ने इस राजनीतिक हत्याकांड को नया आयाम दे दिया है।

मुख्य बातें

भास्कर रेड्डी — कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी के पिता — 13 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में ईडी के सामने पेश हुए।
भास्कर रेड्डी इस मामले के छठे आरोपी हैं; उनके बेटे अविनाश रेड्डी आठवें आरोपी हैं।
सीबीआई को संदेह है कि हत्या के लिए ₹40 करोड़ की 'सुपारी' दी गई थी; ईडी मनी लॉन्ड्रिंग कोण की जांच कर रही है।
इससे पहले देवीरेड्डी शिवा शंकर रेड्डी से 11 घंटे की पूछताछ हो चुकी है।
विवेकानंद रेड्डी की हत्या 15 मार्च 2019 को हुई थी; सीबीआई ने 2020 में जांच अपने हाथ में ली।
सीबीआई ने 2021 , 2022 और 2023 में चार्जशीट दाखिल कीं; भास्कर रेड्डी और उदय कुमार रेड्डी 2023 में गिरफ्तार हुए।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत वाई.एस. भास्कर रेड्डी मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के सामने उपस्थित हुए। भास्कर रेड्डी, कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी के पिता और मारे गए नेता के चचेरे भाई हैं।

पूछताछ का विवरण

ईडी ने भास्कर रेड्डी को वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था। वे इस मामले में छठे आरोपी हैं। उन्हें समन उस समय भेजा गया जब उनके बेटे अविनाश रेड्डी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि 2019 के इस हत्याकांड में अविनाश रेड्डी आठवें आरोपी हैं और वे पूर्व मुख्यमंत्री एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को इस मामले के पाँचवें आरोपी देवीरेड्डी शिवा शंकर रेड्डी ईडी के सामने पेश हुए थे, जिनसे अधिकारियों ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की। पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय एजेंसी ने येरा गांगी रेड्डी और अन्य आरोपियों से भी कथित वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ की है। इससे पूर्व ईडी ने उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तगीर — जो आरोपी से सरकारी गवाह बन चुके हैं — से भी पूछताछ की। रिपोर्टों के अनुसार, सुनील यादव के बयान के आधार पर ही गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से पूछताछ की गई।

₹40 करोड़ की 'सुपारी' और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह

ईडी इस हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को संदेह है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपियों को ₹40 करोड़ की 'सुपारी' दी गई थी। ईडी ने CBI द्वारा दर्ज प्राथमिकी और दाखिल चार्जशीट के आधार पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच शुरू की है।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के चाचा, 68 वर्षीय पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनके घर पर हत्या कर दी गई थी। वे उस समय अपने घर पर अकेले थे जब अज्ञात व्यक्ति अंदर घुसे और उनकी हत्या कर दी।

जाँच की प्रगति

सीबीआई ने 2020 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर यह जांच अपने हाथ में ली। न्यायालय, विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर संदेह व्यक्त किया था। सीबीआई ने 2023 में भास्कर रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में अनुपूरक चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला अब एक साथ कई आरोपियों की ईडी पूछताछ के साथ अपने सबसे व्यापक जांच चरण में प्रतीत होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई थे। 15 मार्च 2019 को आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले अज्ञात व्यक्तियों ने उनके घर में घुसकर 68 वर्षीय नेता की हत्या कर दी थी।
ईडी इस हत्याकांड में किस कोण की जांच कर रही है?
ईडी इस हत्याकांड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। सीबीआई के अनुसार हत्या के लिए आरोपियों को ₹40 करोड़ की 'सुपारी' दी गई थी और ईडी ने इसी आधार पर अपनी जांच शुरू की है।
वाई.एस. भास्कर रेड्डी की इस मामले में क्या भूमिका है?
भास्कर रेड्डी इस मामले में छठे आरोपी हैं। वे कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी के पिता और मारे गए नेता विवेकानंद रेड्डी के चचेरे भाई हैं। सीबीआई ने उन्हें 2023 में गिरफ्तार किया था और अब ईडी ने उन्हें वित्तीय दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए तलब किया।
सीबीआई ने इस मामले में जांच कब और क्यों शुरू की?
सीबीआई ने 2020 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर यह जांच अपने हाथ में ली। विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह कदम उठाया था, जिसमें उन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर संदेह जताया था।
इस मामले में अब तक कितनी चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं?
सीबीआई ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में अनुपूरक चार्जशीट दाखिल की हैं। ईडी ने इन्हीं चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की अलग जांच शुरू की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले