विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: कडप्पा सांसद के पिता भास्कर रेड्डी ईडी के सामने पेश, मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत वाई.एस. भास्कर रेड्डी मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के सामने उपस्थित हुए। भास्कर रेड्डी, कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी के पिता और मारे गए नेता के चचेरे भाई हैं।
पूछताछ का विवरण
ईडी ने भास्कर रेड्डी को वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था। वे इस मामले में छठे आरोपी हैं। उन्हें समन उस समय भेजा गया जब उनके बेटे अविनाश रेड्डी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि 2019 के इस हत्याकांड में अविनाश रेड्डी आठवें आरोपी हैं और वे पूर्व मुख्यमंत्री एवं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को इस मामले के पाँचवें आरोपी देवीरेड्डी शिवा शंकर रेड्डी ईडी के सामने पेश हुए थे, जिनसे अधिकारियों ने करीब 11 घंटे तक पूछताछ की। पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय एजेंसी ने येरा गांगी रेड्डी और अन्य आरोपियों से भी कथित वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ की है। इससे पूर्व ईडी ने उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तगीर — जो आरोपी से सरकारी गवाह बन चुके हैं — से भी पूछताछ की। रिपोर्टों के अनुसार, सुनील यादव के बयान के आधार पर ही गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से पूछताछ की गई।
₹40 करोड़ की 'सुपारी' और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह
ईडी इस हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को संदेह है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपियों को ₹40 करोड़ की 'सुपारी' दी गई थी। ईडी ने CBI द्वारा दर्ज प्राथमिकी और दाखिल चार्जशीट के आधार पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच शुरू की है।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के चाचा, 68 वर्षीय पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनके घर पर हत्या कर दी गई थी। वे उस समय अपने घर पर अकेले थे जब अज्ञात व्यक्ति अंदर घुसे और उनकी हत्या कर दी।
जाँच की प्रगति
सीबीआई ने 2020 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर यह जांच अपने हाथ में ली। न्यायालय, विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर संदेह व्यक्त किया था। सीबीआई ने 2023 में भास्कर रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में अनुपूरक चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला अब एक साथ कई आरोपियों की ईडी पूछताछ के साथ अपने सबसे व्यापक जांच चरण में प्रतीत होता है।