विवेका हत्याकांड: कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी ईडी के सामने पेश, ₹40 करोड़ सुपारी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कडप्पा के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी केंद्रीय एजेंसी के नोटिस के जवाब में पेश हुए। यह पूछताछ वाईएस विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को हुई हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत हो रही है। ईडी इस मामले में कथित तौर पर ₹40 करोड़ की 'सुपारी' और उससे जुड़े धन शोधन की जांच कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद अविनाश रेड्डी इस मामले में आठवें आरोपी (ए8) हैं। उनसे पूछताछ उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी (छठे आरोपी, ए6) के ईडी के समक्ष पेश होने के ठीक एक दिन बाद हुई। अविनाश रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।
इससे पहले सोमवार को इस मामले के पाँचवें आरोपी (ए5) देविरेड्डी शिव शंकर रेड्डी भी ईडी के सामने पेश हुए थे। पिछले कुछ दिनों में एजेंसी ने येर्रा गंगी रेड्डी, उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तागिरी से भी कथित वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ की है।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के भाई और जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी — यह घटना आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव से महज कुछ सप्ताह पहले हुई थी। 68 वर्षीय पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद उस समय घर में अकेले थे, जब अज्ञात हमलावर उनके घर में घुसे।
विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीथा रेड्डी की याचिका पर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2020 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। कुछ रिश्तेदारों पर संदेह जताए जाने के बाद यह कदम उठाया गया था।
सीबीआई और ईडी की जांच की प्रगति
सीबीआई ने 2023 में भास्कर रेड्डी और उनके करीबी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 तथा 2023 में पूरक चार्जशीट दाखिल की थीं। सीबीआई के मामले और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की अलग जांच शुरू की।
अगस्त 2024 में ईडी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की। एजेंसी विशेष रूप से कथित ₹4 करोड़ के ट्रांसफर और सरकारी गवाह बने शेख दस्तागिरी को कथित तौर पर दी गई ₹1 करोड़ की अग्रिम राशि की जांच कर रही है। दस्तागिरी का दावा है कि शिव शंकर रेड्डी ने हत्या के एवज में ₹40 करोड़ देने का वादा किया था।
छापेमारी और नकदी बरामदगी
पिछले महीने ईडी ने अविनाश रेड्डी, भास्कर रेड्डी और मामले के अन्य आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अविनाश रेड्डी के परिसरों से ₹24 लाख की बेहिसाब नकदी बरामद की गई थी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश की राजनीति में वाईएसआरसीपी पहले से ही दबाव में है। जांच में एक के बाद एक आरोपियों की ईडी पेशी से मामला नई दिशा ले रहा है। गौरतलब है कि यह जांच 2019 की हत्या से जुड़े वित्तीय जाल को उजागर करने का प्रयास है, जो राजनीतिक हलकों तक फैला बताया जा रहा है। आने वाले हफ्तों में ईडी की जांच के आधार पर नई गिरफ्तारियाँ या नई चार्जशीट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।