विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: ईडी ने कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी को 14 अक्टूबर तक पेश होने का नोटिस दिया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी को 2 अक्टूबर 2026 को समन जारी किया है, जिसमें उन्हें 14 अक्टूबर को जाँच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस उनके चाचा और आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जाँच के तहत भेजा गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। 68 वर्षीय पूर्व राज्य मंत्री और पूर्व सांसद उस समय अकेले घर में थे, जब कुछ अज्ञात व्यक्ति अंदर घुसे और उनकी जान ले ली।
गौरतलब है कि यह हत्या 2019 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों से महज कुछ सप्ताह पहले हुई थी, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा और तीव्र हो गई।
सीबीआई और ईडी की जाँच का क्रम
विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2020 में यह मामला अपने हाथ में लिया — सुनीता रेड्डी ने कुछ रिश्तेदारों पर संदेह जताया था। सीबीआई ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 तथा 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। 2023 में ही एजेंसी ने वाई.एस. भास्कर रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया।
ईडी ने सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जाँच शुरू की। पिछले साल अगस्त में एजेंसी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की।
कथित वित्तीय लेन-देन की जाँच
सीबीआई को संदेह है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपियों को ₹40 करोड़ की 'सुपारी' दी गई थी। ईडी इसी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की परतें खोल रही है। एजेंसी ₹4 करोड़ के कथित ट्रांसफर और आरोपी से सरकारी गवाह बन चुके शेख दस्तगीर को अग्रिम भुगतान के रूप में दिए गए ₹1 करोड़ की भी जाँच कर रही है।
इससे पहले ईडी ने सुनील यादव से पूछताछ कर उसका बयान दर्ज किया। रिपोर्टों के अनुसार, इसी बयान के आधार पर येरा गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से क्रमशः पूछताछ की गई। गांगी रेड्डी 28 और 29 सितंबर को हैदराबाद में ईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए।
अविनाश रेड्डी को नोटिस और हाल की छापेमारी
वाई.एस. अविनाश रेड्डी, जो इस हत्याकांड में आरोपी हैं और जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं, को अब सीधे जाँच एजेंसी ने तलब किया है। यह नोटिस गांगी रेड्डी व अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद भेजा गया है।
पिछले महीने ईडी ने अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी भी की थी।
आगे क्या होगा
अविनाश रेड्डी के 14 अक्टूबर को ईडी के सामने पेश होने के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है। यह मामला आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक संवेदनशील मोड़ पर है — विशेष रूप से तब, जब YSRCP सत्ता से बाहर है और राज्य में नई सरकार सत्तारूढ़ है। न्यायिक और जाँच प्रक्रियाओं के आगे बढ़ने के साथ इस हत्याकांड के राजनीतिक आयाम और उजागर हो सकते हैं।