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वीके पांडियन को पुलिस नोटिस: ओडिशा सीएमओ से गायब दो जांच रिपोर्टों की जांच तेज, 25 जुलाई को तलब

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वीके पांडियन को पुलिस नोटिस: ओडिशा सीएमओ से गायब दो जांच रिपोर्टों की जांच तेज, 25 जुलाई को तलब

सारांश

ओडिशा के सीएमओ से दो संवेदनशील जांच रिपोर्टें गायब होने का मामला अब सीधे पूर्व बीजेडी नेता वीके पांडियन तक पहुँच गया है। पुलिस ने उन्हें 25 जुलाई को तलब किया है — यह जांच नवीन पटनायक के करीबी सहयोगियों के इर्द-गिर्द तेज़ी से सिकुड़ रही है।

मुख्य बातें

वीके पांडियन को कमिश्नरेट पुलिस ने 22 जुलाई को नोटिस जारी कर 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जोन-1 एसीपी के समक्ष तलब किया।
गायब हुई रिपोर्टों में न्यायमूर्ति ए.एस.
नायडू आयोग की स्वामी लक्ष्मणानंद हत्याकांड रिपोर्ट और एसयूएम अस्पताल अग्निकांड की आरडीसी रिपोर्ट शामिल हैं।
पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा से 18 जुलाई को करीब 30 मिनट पूछताछ हो चुकी है।
पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को नोटिस मिलने के बाद भी अब तक पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
पुलिस ने लोक सेवा भवन में गृह विभाग और जीए विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ की है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो अहम जांच रिपोर्टों के गायब होने के मामले में भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार, 22 जुलाई को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और पूर्व बीजू जनता दल (बीजेडी) नेता वीके पांडियन को आधिकारिक नोटिस जारी किया। उन्हें 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जोन-1 के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

जांच का केंद्र दो अत्यंत संवेदनशील दस्तावेज़ हैं। पहला, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य व्यक्तियों की हत्या के मामले में न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की जांच रिपोर्ट। दूसरा, एसयूएम अस्पताल अग्निकांड मामले में राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट। दोनों रिपोर्टें सीएमओ के रिकॉर्ड से गायब बताई जा रही हैं, जिससे यह मामला प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत गंभीर हो गया है।

पांडियन को क्या निर्देश दिए गए

पुलिस नोटिस के अनुसार, वीके पांडियन को पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी साथ लाने को कहा गया है। पांडियन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी रहे हैं और बीजेडी सरकार के दौरान उनकी प्रमुख भूमिका रही है।

अब तक की जांच: कौन-कौन तलब हुए

यह जांच केवल पांडियन तक सीमित नहीं है। इससे पहले पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा 18 जुलाई को पुलिस नोटिस मिलने के बाद कैपिटल पुलिस स्टेशन पहुँचे थे, जहाँ उनसे लगभग 30 मिनट तक पूछताछ की गई। इसके अलावा, तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को भी नोटिस जारी किया जा चुका है, हालाँकि वह अब तक कैपिटल पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं।

लोक सेवा भवन में भी पूछताछ

जांच दल पहले लोक सेवा भवन भी पहुँचा था, जहाँ गृह विभाग और सामान्य प्रशासन (जीए) विभाग के अधिकारियों से रिपोर्टों के गायब होने के संदर्भ में पूछताछ की गई। पुलिस सीएमओ से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी जुटा रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच में यदि कोई नई जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 25 जुलाई को पांडियन की पूछताछ के बाद मामले में नए सुराग मिलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत जवाबदेही पर गहरा सवाल है — खासकर तब जब ये रिपोर्टें एक हत्याकांड और एक अग्निकांड जैसे संवेदनशील मामलों से जुड़ी हों। वीके पांडियन और राजेश वर्मा जैसे नवीन पटनायक के करीबी सहयोगियों तक जांच का पहुँचना यह संकेत देता है कि पुलिस ऊपर तक जाने में संकोच नहीं कर रही। हालाँकि, राजेश वर्मा का नोटिस के बावजूद अब तक अनुपस्थित रहना और उस पर कोई दृश्यमान कार्रवाई न होना, जांच की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या पूछताछ से ठोस साक्ष्य मिलते हैं या यह प्रक्रिया केवल कागज़ी कार्रवाई बनकर रह जाती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीके पांडियन को पुलिस नोटिस क्यों जारी किया गया?
ओडिशा के सीएमओ से दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टें गायब होने की जांच के सिलसिले में कमिश्नरेट पुलिस ने पूर्व बीजेडी नेता वीके पांडियन को 22 जुलाई को नोटिस जारी किया। उन्हें 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जोन-1 के सहायक पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश होने और संबंधित दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ लाने को कहा गया है।
ओडिशा सीएमओ से कौन-सी दो रिपोर्टें गायब हुई हैं?
गायब हुई रिपोर्टों में पहली, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य लोगों की हत्या के मामले में न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की रिपोर्ट है। दूसरी, एसयूएम अस्पताल अग्निकांड मामले में राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट है।
इस मामले में अब तक किन अधिकारियों से पूछताछ हुई है?
पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा 18 जुलाई को कैपिटल पुलिस स्टेशन पहुँचे थे, जहाँ करीब 30 मिनट तक उनसे पूछताछ हुई। पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को भी नोटिस जारी किया गया है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुए। अब वीके पांडियन को 25 जुलाई को तलब किया गया है।
राजेश वर्मा पुलिस के सामने पेश क्यों नहीं हुए?
तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व प्रधान सचिव राजेश वर्मा को पुलिस नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार वह अभी तक कैपिटल पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं। उनकी अनुपस्थिति का कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस जांच का आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। 25 जुलाई को वीके पांडियन की पूछताछ के बाद मामले में नए सुराग मिलने की संभावना है, और नई जानकारी सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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