वीके पांडियन को भुवनेश्वर पुलिस का नोटिस, 25 जुलाई को पेश होने का निर्देश; दो जांच रिपोर्टें गुम होने का मामला
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वी. कार्तिकेय पांडियन को औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व बीजद सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो जांच आयोगों की रिपोर्टों के कथित रूप से गुम होने की जांच के सिलसिले में दिया गया है। पांडियन को 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), जोन-I, भुवनेश्वर के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
राजधानी पुलिस थाने में मामला संख्या 460/26 10 जून 2026 को राज्य के गृह विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पंजीकृत किया गया था। जांच दो अलग-अलग आयोगों की रिपोर्टों के कथित रूप से लापता होने से जुड़ी है।
पहली रिपोर्ट न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की है, जो कंधमाल जिले के जलेशपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य की हत्या की जांच के लिए गठित की गई थी। दूसरी रिपोर्ट भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लगी भीषण आग की जांच से संबंधित राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की रिपोर्ट है।
नोटिस में क्या कहा गया
जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान एकत्रित जानकारी के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि पांडियन इस मामले से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। नोटिस में यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने पास मौजूद या अपने नियंत्रण में जांच से संबंधित कोई भी दस्तावेज़, रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य सामग्री साथ लेकर आएं।
पहले किन अधिकारियों को भेजा गया नोटिस
इस मामले में कमिश्नरेट पुलिस पहले ही दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुकी है — सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा और ओडिशा के पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा। मिश्रा 18 जुलाई 2026 को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में बीजद सरकार के जाने के बाद राज्य की नई सरकार पूर्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा कर रही है। गौरतलब है कि पांडियन को बीजद शासन के दौरान सीएमओ में असाधारण प्रभाव का केंद्र माना जाता था।
आगे क्या होगा
25 जुलाई 2026 को पांडियन की उपस्थिति से जांच को नई दिशा मिल सकती है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कानून के अनुसार अनुपालन अपेक्षित है। जांच का दायरा और अन्य संभावित गवाहों या संदिग्धों की पहचान आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की संभावना है।