23 जुलाई 2026
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वीके पांडियन को भुवनेश्वर पुलिस का नोटिस, 25 जुलाई को पेश होने का निर्देश; दो जांच रिपोर्टें गुम होने का मामला

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वीके पांडियन को भुवनेश्वर पुलिस का नोटिस, 25 जुलाई को पेश होने का निर्देश; दो जांच रिपोर्टें गुम होने का मामला

सारांश

ओडिशा में पूर्व बीजद सरकार के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक वी. कार्तिकेय पांडियन को अब पुलिस के सामने जवाब देना होगा — सीएमओ से दो अहम जांच रिपोर्टों के कथित रूप से गुम होने के मामले में। 25 जुलाई की तारीख तय है।

मुख्य बातें

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने वी.
कार्तिकेय पांडियन को 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे एसीपी, जोन-I के समक्ष पेश होने का नोटिस दिया।
मामला 10 जून 2026 को गृह विभाग की शिकायत पर दर्ज; केस नंबर 460/26 ।
जांच दो रिपोर्टों के गुम होने से जुड़ी — न्यायमूर्ति ए.एस.
नायडू आयोग (स्वामी लक्ष्मणानंद हत्या) और आरडीसी (एसयूएम अस्पताल अग्निकांड)।
इससे पहले राजेश वर्मा और मनोज कुमार मिश्रा को भी नोटिस; मिश्रा 18 जुलाई को पेश हुए।
पांडियन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी और पूर्व आईएएस अधिकारी हैं।

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने 22 जुलाई 2026 को पूर्व आईएएस अधिकारी और बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वी. कार्तिकेय पांडियन को औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व बीजद सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो जांच आयोगों की रिपोर्टों के कथित रूप से गुम होने की जांच के सिलसिले में दिया गया है। पांडियन को 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), जोन-I, भुवनेश्वर के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

राजधानी पुलिस थाने में मामला संख्या 460/26 10 जून 2026 को राज्य के गृह विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पंजीकृत किया गया था। जांच दो अलग-अलग आयोगों की रिपोर्टों के कथित रूप से लापता होने से जुड़ी है।

पहली रिपोर्ट न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की है, जो कंधमाल जिले के जलेशपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य की हत्या की जांच के लिए गठित की गई थी। दूसरी रिपोर्ट भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लगी भीषण आग की जांच से संबंधित राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की रिपोर्ट है।

नोटिस में क्या कहा गया

जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान एकत्रित जानकारी के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि पांडियन इस मामले से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। नोटिस में यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने पास मौजूद या अपने नियंत्रण में जांच से संबंधित कोई भी दस्तावेज़, रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य सामग्री साथ लेकर आएं।

पहले किन अधिकारियों को भेजा गया नोटिस

इस मामले में कमिश्नरेट पुलिस पहले ही दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर चुकी है — सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा और ओडिशा के पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रामिश्रा 18 जुलाई 2026 को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया।

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में बीजद सरकार के जाने के बाद राज्य की नई सरकार पूर्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा कर रही है। गौरतलब है कि पांडियन को बीजद शासन के दौरान सीएमओ में असाधारण प्रभाव का केंद्र माना जाता था।

आगे क्या होगा

25 जुलाई 2026 को पांडियन की उपस्थिति से जांच को नई दिशा मिल सकती है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कानून के अनुसार अनुपालन अपेक्षित है। जांच का दायरा और अन्य संभावित गवाहों या संदिग्धों की पहचान आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इनकी रिपोर्टों का गायब होना जवाबदेही की गंभीर विफलता है। जांच की दिशा यह तय करेगी कि क्या यह केवल दस्तावेज़ी लापरवाही है या सुनियोजित सूचना-दमन।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीके पांडियन को पुलिस नोटिस क्यों जारी किया गया?
भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने पूर्व आईएएस अधिकारी वी. कार्तिकेय पांडियन को इसलिए नोटिस दिया क्योंकि जांच में एकत्रित जानकारी के आधार पर यह प्रतीत होता है कि वे पूर्व बीजद सरकार के सीएमओ से दो जांच आयोगों की रिपोर्टों के कथित रूप से गुम होने के मामले से संबंधित तथ्यों से परिचित हो सकते हैं।
कौन-सी दो जांच रिपोर्टें गुम होने का आरोप है?
पहली रिपोर्ट न्यायमूर्ति ए.एस. नायडू आयोग की है, जो कंधमाल जिले के जलेशपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और अन्य की हत्या की जांच से संबंधित है। दूसरी रिपोर्ट भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लगी भीषण आग पर राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) की जांच रिपोर्ट है।
पांडियन को कब और कहाँ पेश होना है?
पांडियन को 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), जोन-I, भुवनेश्वर के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उनसे जांच से संबंधित दस्तावेज़, रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री भी साथ लाने को कहा गया है।
इस मामले में अब तक और कौन-से अधिकारियों को नोटिस मिला है?
इससे पहले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा और ओडिशा के पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मिश्रा 18 जुलाई 2026 को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया।
यह मामला कब और किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ?
राजधानी पुलिस थाने में केस नंबर 460/26 के तहत यह मामला 10 जून 2026 को राज्य के गृह विभाग द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पंजीकृत किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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