ओडिशा सीएमओ रिपोर्ट गायब मामला: रिटायर्ड IAS उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस, 26 जुलाई को पेश होने का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से कथित रूप से गायब हुई दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टों के मामले में जारी किया गया है। बेहेरा से 26 जुलाई को सुबह 11 बजे भुवनेश्वर यूपीडी के एसीपी जोन-1 कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
मामले का पृष्ठभूमि
यह मामला भुवनेश्वर के कैपिटल पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 460/26 से संबंधित है। राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजेडी) सरकार के कार्यकाल में सीएमओ से फाइलें गायब होने की जानकारी दी गई थी।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को भी इसी मामले में नोटिस जारी किया था।
कौन-सी रिपोर्टें हैं गायब
कथित तौर पर गायब हुई दो रिपोर्टों में पहली है — 2008 में कंधमाल जिले के जलेसपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य लोगों की हत्या की जांच के लिए गठित जस्टिस ए.एस. नायडू आयोग की रिपोर्ट। दूसरी रिपोर्ट 2016 में भुवनेश्वर के आईएमएस और एसयूएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में हुई भीषण अग्निकांड पर राजस्व मंडलीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट है।
ये दोनों रिपोर्टें संवेदनशील मानी जाती हैं क्योंकि इनमें राज्य प्रशासन की जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण निष्कर्ष शामिल होने की संभावना है।
नोटिस में क्या कहा गया
जांच अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर यह प्रतीत होता है कि बेहेरा इस मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह अपने पास मौजूद कोई भी दस्तावेज, रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या जांच से संबंधित अन्य सामग्री लेकर आएं।
अन्य अधिकारियों को भी नोटिस
इसी मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा को नया नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 30 जुलाई तक एसीपी जोन-1 कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। वर्मा को पहले 22 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे।
इससे पहले पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा 18 जुलाई को जांच अधिकारी के सामने पेश हुए थे और अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल चार वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिख रहा है। 26 जुलाई और 30 जुलाई की पेशी तारीखें इस मामले में अगले अहम मोड़ होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस इन रिपोर्टों के गायब होने की जिम्मेदारी तय करने में सफल होती है और क्या जांच का दायरा और अधिकारियों तक विस्तृत होता है।