23 जुलाई 2026
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ओडिशा सीएमओ रिपोर्ट गायब मामला: रिटायर्ड IAS उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस, 26 जुलाई को पेश होने का निर्देश

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ओडिशा सीएमओ रिपोर्ट गायब मामला: रिटायर्ड IAS उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस, 26 जुलाई को पेश होने का निर्देश

सारांश

ओडिशा सीएमओ से गायब फाइलों का मामला गहराता जा रहा है — वीके पांडियन को नोटिस के ठीक अगले दिन रिटायर्ड IAS उपेंद्र नाथ बेहेरा को भी समन। 2008 के कंधमाल हत्याकांड और 2016 के SUM अस्पताल अग्निकांड की जांच रिपोर्टें कथित तौर पर गायब हैं। अब तक चार वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस।

मुख्य बातें

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने रिटायर्ड IAS उपेंद्र नाथ बेहेरा को ओडिशा सीएमओ से गायब रिपोर्ट मामले में नोटिस जारी किया।
बेहेरा को 26 जुलाई को सुबह 11 बजे एसीपी जोन-1 कार्यालय, भुवनेश्वर में पेश होने का निर्देश।
गायब रिपोर्टों में 2008 का जस्टिस ए.एस.
नायडू आयोग (कंधमाल हत्याकांड) और 2016 का एसयूएम अस्पताल अग्निकांड जांच शामिल।
रिटायर्ड IAS राजेश वर्मा को नया नोटिस; 30 जुलाई तक पेश होने का निर्देश — 22 जुलाई को अनुपस्थित रहे थे।
पूर्व IT सचिव मनोज कुमार मिश्रा 18 जुलाई को बयान दर्ज करा चुके हैं; अब तक 4 अधिकारियों को नोटिस।

भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से कथित रूप से गायब हुई दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टों के मामले में जारी किया गया है। बेहेरा से 26 जुलाई को सुबह 11 बजे भुवनेश्वर यूपीडी के एसीपी जोन-1 कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।

मामले का पृष्ठभूमि

यह मामला भुवनेश्वर के कैपिटल पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 460/26 से संबंधित है। राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजेडी) सरकार के कार्यकाल में सीएमओ से फाइलें गायब होने की जानकारी दी गई थी।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को भी इसी मामले में नोटिस जारी किया था।

कौन-सी रिपोर्टें हैं गायब

कथित तौर पर गायब हुई दो रिपोर्टों में पहली है — 2008 में कंधमाल जिले के जलेसपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य लोगों की हत्या की जांच के लिए गठित जस्टिस ए.एस. नायडू आयोग की रिपोर्ट। दूसरी रिपोर्ट 2016 में भुवनेश्वर के आईएमएस और एसयूएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में हुई भीषण अग्निकांड पर राजस्व मंडलीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट है।

ये दोनों रिपोर्टें संवेदनशील मानी जाती हैं क्योंकि इनमें राज्य प्रशासन की जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण निष्कर्ष शामिल होने की संभावना है।

नोटिस में क्या कहा गया

जांच अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर यह प्रतीत होता है कि बेहेरा इस मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह अपने पास मौजूद कोई भी दस्तावेज, रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या जांच से संबंधित अन्य सामग्री लेकर आएं।

अन्य अधिकारियों को भी नोटिस

इसी मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा को नया नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 30 जुलाई तक एसीपी जोन-1 कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। वर्मा को पहले 22 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे।

इससे पहले पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा 18 जुलाई को जांच अधिकारी के सामने पेश हुए थे और अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल चार वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

आगे क्या होगा

जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिख रहा है। 26 जुलाई और 30 जुलाई की पेशी तारीखें इस मामले में अगले अहम मोड़ होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस इन रिपोर्टों के गायब होने की जिम्मेदारी तय करने में सफल होती है और क्या जांच का दायरा और अधिकारियों तक विस्तृत होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें दर्जनों जानें गईं। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ये रिपोर्टें जानबूझकर दबाई गईं और किसके निर्देश पर। वीके पांडियन जैसे नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी तक जांच पहुँचना यह संकेत देता है कि पुलिस सत्ता के शीर्ष तक जाने से नहीं हिचक रही — लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या नोटिस से आगे कोई ठोस कार्रवाई होती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा सीएमओ से कौन-सी जांच रिपोर्टें गायब हुई हैं?
कथित तौर पर दो रिपोर्टें गायब हैं — पहली, 2008 में कंधमाल जिले के जलेसपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य की हत्या की जांच के लिए गठित जस्टिस ए.एस. नायडू आयोग की रिपोर्ट; दूसरी, 2016 में भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल अग्निकांड पर राजस्व मंडलीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट।
उपेंद्र नाथ बेहेरा को नोटिस क्यों जारी किया गया?
जांच अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान मिली जानकारी से यह प्रतीत होता है कि बेहेरा इस मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हो सकते हैं। उन्हें 26 जुलाई को एसीपी जोन-1 कार्यालय, भुवनेश्वर में पेश होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में अब तक कितने अधिकारियों को नोटिस जारी हो चुके हैं?
अब तक चार वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं — वीके पांडियन, उपेंद्र नाथ बेहेरा, राजेश वर्मा और मनोज कुमार मिश्रा। मिश्रा 18 जुलाई को बयान दर्ज करा चुके हैं, जबकि वर्मा 22 जुलाई को अनुपस्थित रहे और उन्हें 30 जुलाई तक नया समन दिया गया है।
यह मामला कहाँ दर्ज है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला भुवनेश्वर के कैपिटल पुलिस स्टेशन में केस नंबर 460/26 के रूप में दर्ज है। राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें पूर्ववर्ती बीजेडी सरकार के कार्यकाल में सीएमओ से फाइलें गायब होने का उल्लेख था।
वीके पांडियन का इस मामले से क्या संबंध है?
वीके पांडियन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 22 जुलाई को इसी मामले में नोटिस जारी किया गया था। उनके बाद अगले दिन बेहेरा को भी नोटिस जारी किया गया, जो जांच के दायरे के विस्तार का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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