तेलंगाना मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज, कांग्रेस में बढ़ी उथल-पुथल
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में 21 अगस्त को तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) एन. सुमंत और पाँच अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला मेडिपल्ली पुलिस स्टेशन में एक रियल एस्टेट कारोबारी की शिकायत पर जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ और बाद में हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मंत्री सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के भीतर अपनी बेटी के विवादास्पद बयानों के कारण पहले से ही घिरी हुई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायतकर्ता गोंगिडी हरिकृष्ण, जो बोडुप्पल के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई को सुमंत ने उन्हें रामू के कार्यालय में बुलाया। वहाँ सुमंत ने उनसे पूछताछ की कि क्या वह उनका नाम लेकर पैसे वसूल रहे हैं। हरिकृष्ण के इनकार करने पर, कथित तौर पर सुमंत ने गाली-गलौज की और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। सुमंत के इशारे पर वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने भी डंडों से हमला किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़ित के अनुसार, इस हमले में उनके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और कई अन्य चोटें भी आईं। 10 अगस्त को उनकी सर्जरी की गई।
आरोपियों पर दर्ज धाराएँ
पुलिस ने पूर्व OSD एन. सुमंत के अलावा रामू, प्रशांत, अरुण कुमार रेड्डी, कार्तिक और महेंद्र रेड्डी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर पहले मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के मेडिपल्ली थाने में दर्ज हुई थी, जिसे बाद में हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स थाने में स्थानांतरित किया गया।
कांग्रेस में आंतरिक विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह मामला तेलंगाना कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया है। दो दिन पहले वारंगल जिले में अपनी माँ के जन्मदिन समारोह में मंत्री की बेटी सुष्मिता ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह अगले चुनाव में पार्कल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी — चाहे पार्टी टिकट दे या न दे। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
इस पर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सुरेखा ने जवाब में कहा कि उनकी बेटी ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं और वह उन बयानों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
यह पहली बार नहीं
यह दूसरी बार है जब मंत्री कोंडा सुरेखा अपनी बेटी के बयानों के कारण विवादों में आई हैं। पिछले वर्ष भी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था, और उस दौरान पुलिस पूर्व OSD एन. सुमंत की तलाश में मंत्री के हैदराबाद स्थित आवास पर पहुँची थी। उस समय सुमंत पर एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी को बंदूक दिखाकर वसूली का आरोप था।
तब सुष्मिता ने पुलिस टीम को अरेस्ट वारंट दिखाने को कहा था और घर में प्रवेश नहीं करने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, सलाहकार वेम नरेंद्र रेड्डी और राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी उनके माता-पिता को पिछड़ी जाति से होने के कारण निशाना बना रहे हैं।
आगे क्या होगा
जुबली हिल्स पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पूर्व OSD सुमंत और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। इस मामले के राजनीतिक आयाम को देखते हुए तेलंगाना कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पार्टी के भीतर असंतोष की यह आग अब खुलकर सामने आ चुकी है।