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तेलंगाना मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज, कांग्रेस में बढ़ी उथल-पुथल

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तेलंगाना मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज, कांग्रेस में बढ़ी उथल-पुथल

सारांश

तेलंगाना मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD एन. सुमंत पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ है — और यह महज एक आपराधिक मामला नहीं है। यह तेलंगाना कांग्रेस के भीतर उबलते असंतोष का नया विस्फोट है, जहाँ मंत्री की बेटी खुद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चुनौती दे रही हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना वन मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD एन.
सुमंत सहित 6 लोगों पर BNS धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज।
शिकायतकर्ता गोंगिडी हरिकृष्ण पर कथित तौर पर 30 जुलाई को लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया गया; 10 अगस्त को सर्जरी हुई।
एफआईआर पहले मेडिपल्ली थाने में दर्ज हुई, बाद में जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन, हैदराबाद को स्थानांतरित।
मंत्री की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए; TPCC ने मंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
यह दूसरा अवसर है जब सुमंत से जुड़े विवाद और सुष्मिता के बयानों ने मंत्री को पार्टी के निशाने पर ला दिया।

हैदराबाद में 21 अगस्त को तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) एन. सुमंत और पाँच अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला मेडिपल्ली पुलिस स्टेशन में एक रियल एस्टेट कारोबारी की शिकायत पर जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज हुआ और बाद में हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मंत्री सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के भीतर अपनी बेटी के विवादास्पद बयानों के कारण पहले से ही घिरी हुई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायतकर्ता गोंगिडी हरिकृष्ण, जो बोडुप्पल के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई को सुमंत ने उन्हें रामू के कार्यालय में बुलाया। वहाँ सुमंत ने उनसे पूछताछ की कि क्या वह उनका नाम लेकर पैसे वसूल रहे हैं। हरिकृष्ण के इनकार करने पर, कथित तौर पर सुमंत ने गाली-गलौज की और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। सुमंत के इशारे पर वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने भी डंडों से हमला किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

पीड़ित के अनुसार, इस हमले में उनके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और कई अन्य चोटें भी आईं। 10 अगस्त को उनकी सर्जरी की गई।

आरोपियों पर दर्ज धाराएँ

पुलिस ने पूर्व OSD एन. सुमंत के अलावा रामू, प्रशांत, अरुण कुमार रेड्डी, कार्तिक और महेंद्र रेड्डी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर पहले मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के मेडिपल्ली थाने में दर्ज हुई थी, जिसे बाद में हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स थाने में स्थानांतरित किया गया।

कांग्रेस में आंतरिक विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह मामला तेलंगाना कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया है। दो दिन पहले वारंगल जिले में अपनी माँ के जन्मदिन समारोह में मंत्री की बेटी सुष्मिता ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह अगले चुनाव में पार्कल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी — चाहे पार्टी टिकट दे या न दे। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।

इस पर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने मंत्री कोंडा सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सुरेखा ने जवाब में कहा कि उनकी बेटी ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं और वह उन बयानों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

यह पहली बार नहीं

यह दूसरी बार है जब मंत्री कोंडा सुरेखा अपनी बेटी के बयानों के कारण विवादों में आई हैं। पिछले वर्ष भी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था, और उस दौरान पुलिस पूर्व OSD एन. सुमंत की तलाश में मंत्री के हैदराबाद स्थित आवास पर पहुँची थी। उस समय सुमंत पर एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी को बंदूक दिखाकर वसूली का आरोप था।

तब सुष्मिता ने पुलिस टीम को अरेस्ट वारंट दिखाने को कहा था और घर में प्रवेश नहीं करने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, सलाहकार वेम नरेंद्र रेड्डी और राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी उनके माता-पिता को पिछड़ी जाति से होने के कारण निशाना बना रहे हैं।

आगे क्या होगा

जुबली हिल्स पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पूर्व OSD सुमंत और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। इस मामले के राजनीतिक आयाम को देखते हुए तेलंगाना कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पार्टी के भीतर असंतोष की यह आग अब खुलकर सामने आ चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह असंतोष नहीं — खुली बगावत है। पूर्व OSD का बार-बार विवादों में आना यह भी संकेत देता है कि मंत्री के करीबी दायरे पर पर्याप्त निगरानी नहीं रही। TPCC का कारण बताओ नोटिस अनुशासन की औपचारिकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस आंतरिक संघर्ष को चुनाव से पहले थाम पाएगा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD पर क्या आरोप हैं?
पूर्व OSD एन. सुमंत और पाँच अन्य पर रियल एस्टेट कारोबारी गोंगिडी हरिकृष्ण पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने BNS की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
यह FIR कहाँ दर्ज की गई और इसे कहाँ स्थानांतरित किया गया?
FIR पहले मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के मेडिपल्ली थाने में जीरो FIR के रूप में दर्ज हुई। बाद में इसे हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ अब जाँच जारी है।
मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने क्या आरोप लगाए हैं?
सुष्मिता ने वारंगल में अपनी माँ के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि वह पार्कल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी, चाहे पार्टी टिकट दे या न दे। इस पर TPCC की अनुशासन समिति ने मंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
क्या एन. सुमंत पहले भी विवादों में रहे हैं?
हाँ, पिछले वर्ष भी सुमंत पर एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी को बंदूक दिखाकर वसूली का आरोप लगा था और पुलिस उनकी तलाश में मंत्री के हैदराबाद आवास पर पहुँची थी। उस समय सुष्मिता ने पुलिस को घर में घुसने से रोक दिया था।
तेलंगाना कांग्रेस में इस विवाद का क्या असर होगा?
इस मामले ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर आंतरिक दरार को और उजागर कर दिया है। TPCC के नोटिस और मंत्री की बेटी की खुली बगावत से पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है। आगामी चुनाव को देखते हुए यह विवाद पार्टी की एकजुटता के लिए चुनौती बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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