कोंडा सुरेखा ने अपने नाम से वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से किया इनकार, बर्खास्तगी के बाद बढ़ी हलचल
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना कैबिनेट से बर्खास्त पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने शुक्रवार, 4 सितंबर को स्पष्ट किया कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके नाम से प्रसारित हो रही किसी भी पोस्ट या खबर से उनका अथवा उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया जब मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा उन्हें कैबिनेट से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद उनके नाम से 'बड़ा अपडेट जल्द' और 'इंतजार लगभग खत्म' जैसी रहस्यमय पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
एक्स पर सुरेखा का खंडन
सुरेखा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक अकाउंट से यह स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने मीडिया और आम जनता से अनुरोध किया कि केवल उनके सत्यापित आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा की गई जानकारी को ही प्रामाणिक माना जाए। गौरतलब है कि बर्खास्तगी के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासबाजी तेज हो गई थी, जिसकी पृष्ठभूमि में ये फर्जी पोस्ट और अधिक चर्चा में आ गईं।
बर्खास्तगी का घटनाक्रम
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार, 3 सितंबर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात कर औपचारिक रूप से सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश की। राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर घोषणा की कि सुरेखा तत्काल प्रभाव से मंत्री पद पर नहीं रहेंगी। यह कदम कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी के बाद उठाया गया।
बीते 2-3 दिनों में मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ सहित राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत के बाद शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व ने यह निर्णय लिया। सुरेखा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्य प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के साथ भी बैठकें की थीं।
अनुशासन समिति और कारण बताओ नोटिस
सुरेखा के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश इकाई की अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद की गई। समिति ने उनके और तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष पद से हटाए गए जी. चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी।
विवाद की जड़ सुरेखा की बेटी सुष्मिता की वे टिप्पणियाँ थीं जो उन्होंने पिछले महीने वारंगल जिले के पार्काल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ की थीं। सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। दरअसल, सुष्मिता पार्काल से कांग्रेस टिकट की आकांक्षी हैं और मुख्यमंत्री की मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को समर्थन देने की अपील से नाराज थीं। उन्होंने यहाँ तक घोषणा की कि वह प्रकाश रेड्डी के कांग्रेस उम्मीदवार होने पर भी इस सीट से चुनाव लड़ेंगी।
पार्टी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में सुरेखा ने तर्क दिया था कि उनकी बेटी एक स्वतंत्र महिला है और उनकी टिप्पणियों के लिए उन्हें जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता। पार्टी नेतृत्व ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना।
सुरेखा के आरोप और राजनीतिक रुख
बर्खास्तगी की निंदा करते हुए सुरेखा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उन्हें कैबिनेट से बाहर करने के लिए कांग्रेस हाईकमान को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के भाइयों — राजस्व मंत्री पोंगुलेटि श्रीनिवास रेड्डी और सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी — पर उन्हें निशाना बनाने की साजिश का आरोप लगाया।
हालाँकि, सुरेखा ने स्पष्ट किया कि वह और उनके पति कोंडा मुरली कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। भाजपा में शामिल होने या नई पार्टी बनाने की संभावना को भी उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'मैं कहीं नहीं जा रही हूँ।'
आगे की राह
सुरेखा की बर्खास्तगी और उसके बाद वायरल हुई फर्जी पोस्टों ने तेलंगाना कांग्रेस में आंतरिक खींचतान को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्काल सीट को लेकर सुष्मिता की महत्वाकांक्षा और मुख्यमंत्री के साथ टकराव अभी थमा नहीं है। आने वाले दिनों में सुरेखा की अगली रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।