वांग यी-न्यांती वार्ता: चीन ने लाइबेरिया को शून्य टैरिफ नीति का पहला लाभार्थी बताया
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 19 मई 2025 को बीजिंग में लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोलो न्यांती के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में अफ्रीका के प्रति चीन की व्यापार नीति, शून्य टैरिफ प्रावधान और वैश्विक दक्षिण के साझा हितों पर विस्तार से चर्चा हुई।
चीन की अफ्रीका नीति और शून्य टैरिफ
वांग यी ने वार्ता में स्पष्ट किया कि अफ्रीकी देशों के विकास को समर्थन देना चीन की अटल और दीर्घकालिक नीति है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा घोषित शून्य टैरिफ नीति — जो चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले सभी अफ्रीकी देशों पर लागू होती है — अब कार्यान्वित हो चुकी है। लाइबेरिया इस नीति का लाभ उठाने वाले पहले देशों में से एक है।
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन में सदस्यता
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन लाइबेरिया के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन का सदस्य बनने के फैसले का स्वागत करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि चीन और लाइबेरिया दोनों वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधि हैं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
लाइबेरिया का रुख और प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री न्यांती ने वार्ता में कहा कि लाइबेरिया एक चीन सिद्धांत पर दृढ़ता से कायम है। उन्होंने चीन के गरीबी उन्मूलन के अनुभवों से सीखने की इच्छा जताई और 'मानवता के लिए साझे भविष्य वाले समुदाय' की अवधारणा तथा चीन की वैश्विक पहलों की सराहना की।
आगे की दिशा
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब चीन अफ्रीकी देशों के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में सक्रिय है। शून्य टैरिफ नीति के कार्यान्वयन से लाइबेरिया जैसे देशों को चीनी बाज़ार तक बेहतर पहुँच मिलने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति दे सकती है।