29 अक्टूबर 2026
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मुंबई: वानखेड़े ड्रोन शो से भटके दो ड्रोन चर्चगेट स्टेशन पर गिरे, यात्री घायल

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मुंबई: वानखेड़े ड्रोन शो से भटके दो ड्रोन चर्चगेट स्टेशन पर गिरे, यात्री घायल

सारांश

मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम के ड्रोन शो का मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब दो ड्रोन भटककर भीड़-भाड़ वाले चर्चगेट स्टेशन पर जा गिरे और एक यात्री घायल हो गया। यह घटना सार्वजनिक स्थलों के निकट ड्रोन परिचालन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

मुख्य बातें

28 अक्टूबर 2026 की रात 8:10 बजे वानखेड़े स्टेडियम के ड्रोन शो के दो ड्रोन चर्चगेट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर गिरे।
37 वर्षीय हेमंत प्रकाश महोत्सवकर के माथे और सिर पर चोट लगी, रक्तस्राव हुआ।
रात 9:11 बजे घायल यात्री को जीआरपी निगरानी में एंबुलेंस से जीटी अस्पताल भेजा गया।
चर्चगेट जीआरपी ने दोनों ड्रोन जब्त किए; तकनीकी खराबी प्रारंभिक कारण बताई जा रही है।
पुलिस ड्रोन संचालकों की जवाबदेही और सुरक्षा मानकों की जाँच कर रही है।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 28 अक्टूबर 2026 की रात आयोजित एक ड्रोन शो के दौरान तकनीकी खराबी के कारण दो ड्रोन नियंत्रण से बाहर हो गए और चर्चगेट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ गिरे। इस हादसे में 37 वर्षीय यात्री हेमंत प्रकाश महोत्सवकर घायल हो गए, जिन्हें बाद में जीटी अस्पताल भेजा गया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर, जब वानखेड़े स्टेडियम में ड्रोन शो जारी था, तभी शो में इस्तेमाल किए जा रहे दो ड्रोन अचानक अपने तय रास्ते से भटक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये ड्रोन चर्चगेट स्टेशन के विरार छोर की ओर स्थित प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ गिरे।

उस वक्त प्लेटफॉर्म पर मौजूद हेमंत प्रकाश महोत्सवकर (37 वर्ष) एक ड्रोन की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रोन सीधे उनके माथे और सिर पर लगा, जिससे चोट आई और रक्तस्राव शुरू हो गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही एएसआई शंकरलाल मीणा, हेड कांस्टेबल गौरव परमार और एमएसएफ स्टाफ आकाश गायकवाड़ मौके पर पहुँचे। घायल यात्री को तुरंत 108 एंबुलेंस की सहायता से प्राथमिक उपचार दिया गया।

रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अनुसार, शुरुआत में महोत्सवकर ने प्राथमिक उपचार के बाद घर जाने की इच्छा जताई और लिखित बयान भी दिया। हालाँकि करीब 15 मिनट बाद उन्होंने आगे इलाज कराने की इच्छा जताई, जिसके बाद रात 9 बजकर 11 मिनट पर उन्हें जीआरपी की निगरानी में एंबुलेंस से जीटी अस्पताल भेजा गया।

ड्रोन जब्त, जाँच शुरू

चर्चगेट जीआरपी ने घटनास्थल से दोनों ड्रोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पुष्टि हुई है कि ये ड्रोन वानखेड़े स्टेडियम में चल रहे ड्रोन शो का हिस्सा थे और तकनीकी कारणों से नियंत्रण से बाहर होकर स्टेशन परिसर में पहुँच गए।

पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि ड्रोन किस कारण नियंत्रण से बाहर हुए और क्या सुरक्षा मानकों में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।

सुरक्षा चिंताएँ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान ड्रोन शो का चलन तेज़ी से बढ़ा है। गौरतलब है कि घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में ड्रोन परिचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से स्पष्ट दिशानिर्देश जारी हैं, जिनमें सुरक्षित क्षेत्र और ऊँचाई सीमा तय की गई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ बताती हैं कि सार्वजनिक स्थलों के नजदीक ड्रोन शो के अनुमति तंत्र की समीक्षा ज़रूरी है।

आगे क्या

जीआरपी और संबंधित अधिकारी ड्रोन संचालक की पहचान और शो के आयोजकों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया में हैं। जाँच के नतीजों के आधार पर भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका क्रियान्वयन और आयोजकों की जवाबदेही अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। चर्चगेट जैसे व्यस्त स्टेशन के पास ड्रोन शो की अनुमति देने की प्रक्रिया और 'नो-फ्लाई बफर जोन' की वास्तविक निगरानी पर जाँच एजेंसियों को साफ जवाब देने होंगे — वरना ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चर्चगेट स्टेशन पर ड्रोन कैसे गिरे?
वानखेड़े स्टेडियम में चल रहे ड्रोन शो के दौरान दो ड्रोन तकनीकी कारणों से नियंत्रण से बाहर हो गए और चर्चगेट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ गिरे। यह घटना 28 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8:10 बजे हुई।
घायल यात्री कौन है और उनकी स्थिति कैसी है?
घायल यात्री का नाम हेमंत प्रकाश महोत्सवकर (37 वर्ष) है। ड्रोन उनके माथे और सिर पर लगा, जिससे चोट और रक्तस्राव हुआ। रात 9:11 बजे उन्हें जीआरपी की निगरानी में जीटी अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
चर्चगेट जीआरपी ने दोनों ड्रोन घटनास्थल से जब्त कर लिए हैं। एएसआई शंकरलाल मीणा, हेड कांस्टेबल गौरव परमार और एमएसएफ स्टाफ आकाश गायकवाड़ तुरंत मौके पर पहुँचे। अब जाँच जारी है कि ड्रोन क्यों नियंत्रण से बाहर हुए और सुरक्षा मानकों में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई।
क्या ड्रोन शो के लिए सुरक्षा नियम हैं?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने शहरी इलाकों और सार्वजनिक स्थलों के निकट ड्रोन परिचालन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें सुरक्षित दूरी और ऊँचाई सीमाएँ शामिल हैं। इस घटना के बाद आयोजकों के अनुमति तंत्र और बफर जोन की जाँच होगी।
इस घटना के बाद आगे क्या होगा?
जीआरपी ड्रोन संचालक की पहचान और शो के आयोजकों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया में है। जाँच के नतीजों के आधार पर भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों में ड्रोन परिचालन के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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