मुंबई: वानखेड़े ड्रोन शो से भटके दो ड्रोन चर्चगेट स्टेशन पर गिरे, यात्री घायल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 28 अक्टूबर 2026 की रात आयोजित एक ड्रोन शो के दौरान तकनीकी खराबी के कारण दो ड्रोन नियंत्रण से बाहर हो गए और चर्चगेट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ गिरे। इस हादसे में 37 वर्षीय यात्री हेमंत प्रकाश महोत्सवकर घायल हो गए, जिन्हें बाद में जीटी अस्पताल भेजा गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर, जब वानखेड़े स्टेडियम में ड्रोन शो जारी था, तभी शो में इस्तेमाल किए जा रहे दो ड्रोन अचानक अपने तय रास्ते से भटक गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये ड्रोन चर्चगेट स्टेशन के विरार छोर की ओर स्थित प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आ गिरे।
उस वक्त प्लेटफॉर्म पर मौजूद हेमंत प्रकाश महोत्सवकर (37 वर्ष) एक ड्रोन की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रोन सीधे उनके माथे और सिर पर लगा, जिससे चोट आई और रक्तस्राव शुरू हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एएसआई शंकरलाल मीणा, हेड कांस्टेबल गौरव परमार और एमएसएफ स्टाफ आकाश गायकवाड़ मौके पर पहुँचे। घायल यात्री को तुरंत 108 एंबुलेंस की सहायता से प्राथमिक उपचार दिया गया।
रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अनुसार, शुरुआत में महोत्सवकर ने प्राथमिक उपचार के बाद घर जाने की इच्छा जताई और लिखित बयान भी दिया। हालाँकि करीब 15 मिनट बाद उन्होंने आगे इलाज कराने की इच्छा जताई, जिसके बाद रात 9 बजकर 11 मिनट पर उन्हें जीआरपी की निगरानी में एंबुलेंस से जीटी अस्पताल भेजा गया।
ड्रोन जब्त, जाँच शुरू
चर्चगेट जीआरपी ने घटनास्थल से दोनों ड्रोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पुष्टि हुई है कि ये ड्रोन वानखेड़े स्टेडियम में चल रहे ड्रोन शो का हिस्सा थे और तकनीकी कारणों से नियंत्रण से बाहर होकर स्टेशन परिसर में पहुँच गए।
पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि ड्रोन किस कारण नियंत्रण से बाहर हुए और क्या सुरक्षा मानकों में किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।
सुरक्षा चिंताएँ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान ड्रोन शो का चलन तेज़ी से बढ़ा है। गौरतलब है कि घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में ड्रोन परिचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से स्पष्ट दिशानिर्देश जारी हैं, जिनमें सुरक्षित क्षेत्र और ऊँचाई सीमा तय की गई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ बताती हैं कि सार्वजनिक स्थलों के नजदीक ड्रोन शो के अनुमति तंत्र की समीक्षा ज़रूरी है।
आगे क्या
जीआरपी और संबंधित अधिकारी ड्रोन संचालक की पहचान और शो के आयोजकों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया में हैं। जाँच के नतीजों के आधार पर भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त किए जा सकते हैं।