पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कीमती धातुओं में वृद्धि; चांदी में 5000 रुपए की बढ़त

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पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कीमती धातुओं में वृद्धि; चांदी में 5000 रुपए की बढ़त

सारांश

बढ़ते वैश्विक तनावों के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी आई है। चांदी में 5000 रुपए का उछाल देखा गया है, जबकि सोने की कीमतों में भी हल्की बढ़त हुई है। जानिए बाजार की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं।

Key Takeaways

  • पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कीमती धातुओं में वृद्धि हुई है।
  • चांदी में 5000 रुपए की बढ़त देखी गई।
  • सोने की कीमत 1,62,150 रुपए प्रति 10 ग्राम पर है।
  • भारतीय रुपया 92.3575 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक तनावों में वृद्धि के कारण घरेलू कमोडिटी बाजार में गुरुवार को कीमती धातुओं (सोने और चांदी) की कीमतों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। प्रारंभिक कारोबार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई, जबकि चांदी ने शुरुआती गिरावट से उबरकर उच्चतम स्तर पर पहुंचने का प्रदर्शन किया। बाजार में निचले स्तर पर मजबूत खरीदारी के चलते चांदी की कीमतों में तेजी आई।

खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 1.36 बजे) मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.22 प्रतिशत यानी 361 रुपए की वृद्धि के साथ 1,62,150 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सोने ने दिन की शुरुआत 1,62,799 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 1,61,789 रुपए से अधिक था। हालांकि, बाद में वैश्विक बाजार से कमजोर संकेतों के कारण इसकी कीमतों में गिरावट आई।

विशेषज्ञों का मानना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है।

एक विश्लेषक के अनुसार, जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहेंगी, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। अगर कीमतें 1,65,000 रुपए से ऊपर स्थिरता से निकलती हैं, तो यह 1,75,000 से 1,80,000 रुपए तक की नई तेजी की संभावना को जन्म दे सकती है।

वहीं, चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूती देखने को मिली। एमसीएक्स पर खबर लिखे जाने तक मई डिलीवरी वाली चांदी 5,911 रुपए या 2.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,74,402 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

चांदी ने 2,69,212 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपए से थोड़ा अधिक था।

इसी बीच, वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अप्रैल डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर रहे। स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर रहकर 85.82 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.3 प्रतिशत गिरकर 92.3575 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

इससे पहले इसी सप्ताह रुपया 92.3475 के पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंचा था, जिसे गुरुवार को पार कर दिया गया।

Point of View

56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण है। चांदी में भी तेजी के संकेत मिल रहे हैं। यह आर्थिक स्थिति और वैश्विक तनाव के बीच बाजार की प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या सोने की कीमतों में गिरावट आएगी?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सोने की कीमतें 1,56,000 से 1,57,000 रुपए के स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तो गिरावट की संभावना कम है।
चांदी की कीमतों में वृद्धि का कारण क्या है?
चांदी में वृद्धि का मुख्य कारण निचले स्तर पर मजबूत खरीदारी और वैश्विक बाजार में अस्थिरता है।
क्या भारतीय रुपया कमजोर हो रहा है?
हां, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपया कमजोर हुआ है।
क्या वैश्विक तनाव का असर कीमती धातुओं पर पड़ता है?
जी हां, वैश्विक तनावों का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव होता है।
क्या सोने में अब और तेजी आएगी?
अगर सोने की कीमतें 1,65,000 रुपए से ऊपर निकलती हैं, तो नई तेजी की संभावना है।
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