पश्चिम बंगाल में अराजकता: टीआर श्रीनिवास की तीखी टिप्पणी
सारांश
Key Takeaways
- मालदा हिंसा ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
- टीआर श्रीनिवास ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने राज्य प्रशासन को केंद्र के खिलाफ खड़ा कर दिया।
हैदराबाद, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता टीआर श्रीनिवास ने पश्चिम बंगाल में मालदा हिंसा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के ‘तांडव’ वाले बयान, असम में संभावित राजनीतिक गठबंधन और माइग्रेशन के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत कार्यरत न्यायिक अधिकारियों के साथ हिंसा और मारपीट के मामलों पर भाजपा नेता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
टीआर श्रीनिवास ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए मालदा में हुई हिंसा को अत्यंत दर्दनाक और शर्मनाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के दौरान एक न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाया गया, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की पूरी प्रशासनिक संरचना को केंद्र के खिलाफ खड़ा किया गया है। उनके अनुसार, राज्य की नौकरशाही, पुलिस और सत्तारूढ़ दल टीएमसी का कैडर अराजकता की ओर बढ़ रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।
श्रीनिवास ने कहा कि यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय ‘किंगडम’ जैसी प्रतीत होती है और अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
असम की राजनीति और ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ओवैसी विभिन्न राज्यों में चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओवैसी ने बदरुद्दीन अजमल के साथ राजनीतिक समीकरण इसलिए बनाया है क्योंकि हाल के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
श्रीनिवास ने यह भी कहा कि असम में घुसपैठ एक गंभीर मुद्दा है और इस पर गहन विचार की आवश्यकता है। उनके अनुसार, ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते समय एक जनप्रतिनिधि को संयम बरतना चाहिए और राज्य के भौगोलिक व सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखना चाहिए।