पश्चिम बंगाल BJP में संगठनात्मक फेरबदल, समिक भट्टाचार्य ने 5 नई नियुक्तियों को दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई ने 18 सितंबर 2026 को संगठन में व्यापक फेरबदल करते हुए कई अहम नियुक्तियों की घोषणा की। प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद समिक भट्टाचार्य ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। प्रदेश महासचिव और कार्यालय प्रभारी शशि अग्निहोत्री की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
सोशल मीडिया और डिजिटल मोर्चे पर बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी ने डिजिटल रणनीति को धार देने के उद्देश्य से मेजर रित्विक पॉल (सेवानिवृत्त) को सोशल मीडिया प्रभारी के साथ-साथ प्रदेश प्रवक्ता की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रित्विक पॉल पहले भी मीडिया और डिजिटल मोर्चे पर भाजपा के लिए सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। सोशल मीडिया को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाने की रणनीति के तहत यह नियुक्ति की गई है।
प्रकोष्ठ संकुल में तीन नई नियुक्तियाँ
प्रकोष्ठ संकुल संयोजक के पद पर मानस भट्टाचार्य को नियुक्त किया गया है, जो वर्तमान में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। सह-संयोजक के दो पद मोहन अदक और चंद्रकांता दास को सौंपे गए हैं। मोहन अदक भी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं, जबकि चंद्रकांता दास नदिया दक्षिण जिले के जिला प्रभारी के रूप में भी कार्यरत हैं।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूती का लक्ष्य
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये नियुक्तियाँ संगठन को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं। प्रकोष्ठ संकुल के माध्यम से भाजपा शिक्षक, चिकित्सक, अधिवक्ता और सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जैसे विभिन्न वर्गों को एकजुट करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर राज्य में अपनी उपस्थिति गहरी करने में जुटी है।
वरिष्ठ नेतृत्व को भेजी गई सूचना
इस आदेश की सूचना प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अतिरिक्त प्रदेश प्रभारी सुनील बंसल, प्रभारी मंगल पांडे, सह-प्रभारी अमित मालवीय, संगठन महामंत्री अमिताभ चक्रवर्ती और संयुक्त संगठन महामंत्री सतीश धोंड को भी भेजी गई है। गौरतलब है कि समिक भट्टाचार्य के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद से संगठन में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
आगे की राह
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों और अनुभवी कार्यकर्ताओं के समन्वय से पश्चिम बंगाल में भाजपा संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। राज्य में सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को सक्रिय करने की योजना के तहत आने वाले समय में और नियुक्तियाँ भी संभव हैं।