पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता बनर्जी की सत्ता का अंत और विकास का कमल खिलेगा - कृष्णा हेगड़े
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की सत्ता का अंत संभव है।
- बंगाल में विकास का कमल खिलेगा।
- कांग्रेस की गारंटियों पर सवाल उठाए गए।
- गृह मंत्री के घुसपैठ पर सही विचार।
- विपदा के समय एकजुटता का महत्व।
मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के नेता कृष्णा हेगड़े ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर यह दावा किया है कि टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी की सत्ता का अंत होगा और प्रदेश में विकास का कमल खिलेगा।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में, हेगड़े ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब उनकी सरकार और बंगाल पुलिस है, तो भी उन्हें अपनी जान का डर क्यों है। यह दर्शाता है कि उनके प्रशासन में कुछ खोट है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के समय ममता बनर्जी को सुरक्षा की चिंता क्यों हो रही है। वह जनता से सहानुभूति प्राप्त करना चाहती हैं, लेकिन बंगाल का जनमानस अब उन्हें कुछ नहीं देने वाला है। ममता सरकार में बंगाल में विकास नहीं हुआ है, लोग उनके शासन से परेशान हैं। पश्चिम बंगाल के लोग बदलाव की चाह रखते हैं और विकास के लिए कमल को चुनेंगे।
असम चुनाव के लिए कांग्रेस की पांच गारंटी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल गारंटी देने का दिखावा करती है। चुनाव से पहले वह अपने मेनिफेस्टो में कुछ कहती हैं और सरकार बनने के बाद कुछ नहीं करती हैं। जनता उनकी नीतियों को भलीभांति समझती है। असम में कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं है।
गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ के बयान पर उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में हमने देखा कि लाखों लोग फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में थे, जिन्हें हटाया गया। भारत से घुसपैठियों को हटाना आवश्यक हो गया है। गृह मंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा के बारे में बिल्कुल सही कहा है। शिवसेना उनके बयान का स्वागत करती है।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच, हेगड़े ने कांग्रेस को सलाह दी कि विपदा के समय विपक्षी दलों को सरकार के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। लेकिन यह दुखद है कि कांग्रेस ऐसे समय में भी सिर्फ राजनीति कर रही है। यह देश के लिए उचित नहीं है।