सूडान में WFP के राहत ट्रकों पर हवाई हमला, 50 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के दो ट्रकों पर रविवार को सूडान के दक्षिण कोर्डोफान राज्य में डिलिंग के निकट हवाई हमला किया गया। ये ट्रक कडुगली शहर के लिए जीवनरक्षक खाद्य सहायता पहुँचाने के मिशन पर थे। इस हमले में 50 मीट्रिक टन से अधिक खाद्य सामग्री नष्ट हो गई, जो लगभग 5,800 लोगों को एक माह तक पोषण देने के लिए पर्याप्त थी।
हमले का विवरण और WFP की प्रतिक्रिया
WFP ने बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि हमले के वक्त ट्रकों पर WFP के बैनर और झंडे स्पष्ट रूप से लगे हुए थे, जिससे उनकी पहचान करना बेहद आसान था। संस्था ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सरासर उल्लंघन बताया।
WFP के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत से अब तक उसके परिसरों और अभियानों पर आठ हवाई हमले हो चुके हैं, जिनसे राहत कार्यों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। संस्था ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अपील की कि वे आम नागरिकों, राहतकर्मियों और मानवीय सहायता संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
कडुगली में मानवीय संकट
WFP फिलहाल कडुगली में लगभग 58,000 लोगों को सीधे खाद्य सहायता उपलब्ध करा रहा है, जो गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे हैं। इस हमले से न केवल तत्काल राहत आपूर्ति बाधित हुई है, बल्कि इस क्षेत्र में भविष्य के अभियानों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 के मध्य से सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच जारी सशस्त्र संघर्ष में हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग देश के भीतर तथा बाहर विस्थापित हो चुके हैं।
इमरजेंसी लॉयर्स की चेतावनी
स्वयंसेवी मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि स्पष्ट रूप से चिन्हित मानवीय वाहनों को निशाना बनाना राहत कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों की जान के लिए भी सीधा खतरा है।
संगठन ने चेतावनी दी कि राहत सामग्री की पहुँच पर लगाई जा रही पाबंदियाँ और सहायता वितरण को बाधित करने की कोशिशें संकट को और गहरा कर रही हैं। खेती और पशुपालन में गिरावट तथा कम वर्षा के कारण हालात और बिगड़ रहे हैं, जिससे पानी के संकट का खतरा भी बढ़ सकता है।
जवाबदेही की माँग
इमरजेंसी लॉयर्स ने इस हमले और इससे पहले मानवीय सहायता पर हुए अन्य हमलों की तुरंत स्वतंत्र जाँच कराने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की माँग की है। संगठन ने संघर्ष के सभी पक्षों से आग्रह किया कि जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी भेदभाव और रुकावट के सहायता पहुँचने दी जाए।
यह हमला ऐसे समय में आया है जब सूडान में मानवीय संकट दुनिया के सबसे गंभीर संकटों में से एक बन चुका है और राहत एजेंसियाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर रही हैं। WFP ने स्पष्ट किया है कि राहतकर्मियों और मानवीय अभियानों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल बंद होना चाहिए।