बेंगलुरु की रामोहल्ली झील में सूटकेस से मिला महिला का शव, कुंबलगोडु पुलिस जांच में जुटी
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के दक्षिण-पश्चिम डिवीजन अंतर्गत रामोहल्ली झील में मंगलवार, 21 जुलाई को एक सूटकेस के भीतर अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया — एक ऐसी घटना जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कुंबलगोडु पुलिस थाने की टीम ने स्थानीय निवासियों की सूचना पर मौके पर पहुँचकर सूटकेस को झील से बाहर निकाला।
घटनाक्रम: कैसे मिला शव
स्थानीय लोगों ने झील की सतह पर एक सूटकेस तैरते हुए देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस दल के मौके पर पहुँचते ही सूटकेस को बाहर निकाला गया, जिसके भीतर एक महिला का शव मिला। अधिकारियों के अनुसार, शव को दो से तीन दिन पहले झील में फेंके जाने की आशंका है।
मृत महिला की पहचान और मृत्यु की परिस्थितियाँ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर जाँच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों का बयान
दक्षिण-पश्चिम डिवीजन की पुलिस उपायुक्त अनीता हड्डन्नावर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है और प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
बेंगलुरु में सूटकेस हत्याकांड का पैटर्न
गौरतलब है कि यह बेंगलुरु में इस तरह का पहला मामला नहीं है। मार्च 2025 में प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश राजेंद्र खेडेकर (36) ने अपनी पत्नी गौरी अनिल सांबेकर (32) की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और शव को ट्रॉली सूटकेस में भरकर डोड्डाकाम्मनहल्ली स्थित किराए के डुप्लेक्स घर में छोड़ दिया था। बाद में वह फरार हो गया, किंतु बेंगलुरु पुलिस ने उसे पुणे से गिरफ्तार किया था। जाँच में सामने आया था कि घरेलू विवाद इस हत्या की वजह बना।
इसी क्रम में, जून 2025 में बेंगलुरु के चंदापुरा इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक सूटकेस में 17 वर्षीय लड़की का शव मिला था। लड़की मूलरूप से बिहार की रहने वाली थी और आरोप है कि 30 वर्षीय आशीक कुमार — जो एक फैक्ट्री में हेल्पर का काम करता था — उसे शादी का झाँसा देकर 18 मई को कर्नाटक लाया था। 21 मई को रेलवे पुल के पास शव मिला था, जिसके बाद पुलिस ने एक नाबालिग सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
आगे क्या होगा
पुलिस फिलहाल महिला की पहचान स्थापित करने और मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। फोरेंसिक टीम द्वारा जाँच के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु में सूटकेस से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या पर शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।