क्या कांग्रेस को चाय बेचने में दिक्कत है, तो खड़गे कॉफी बेच लें?
सारांश
Key Takeaways
- योगेंद्र चंदोलिया ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
- कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए।
- दिल्ली के जलभराव की समस्या का समाधान खोजा जा रहा है।
- राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से ना लेने की अपील की गई।
- सनातन धर्म को विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का ब्योरा पेश किया। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर कई तीखे तीर छोड़े। चंदोलिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को यह सलाह दी कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी जैसा बनने की इच्छा है, तो उन्हें कॉफी बेचने पर ध्यान देना चाहिए।
योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि जब-जब कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करती है, तब-तब वे और भी मजबूत बनकर उभरते हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के परिवार के चाय बेचने का मजाक उड़ाया है। अगर कांग्रेस को इतनी परेशानी है, तो खड़गे को कॉफी बेचना चाहिए। शायद इस तरह वे प्रधानमंत्री के स्तर तक पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के समय में भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जबकि अब हम चौथे स्थान पर हैं। अगर हालात सही रहे, तो हमें तीसरे स्थान पर पहुंचने में भी देर नहीं लगेगी।
चंदोलिया ने लोकसभा में राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से ना लेने की अपील की। उनका कहना था कि राहुल विदेशों में भारत का अपमान करते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सही समय पर ट्रंप को जवाब दिया जाएगा। हमारे प्रधानमंत्री अब राहुल गांधी से सलाह नहीं लेंगे कि क्या कहना है।
दिल्ली के किराड़ी में जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जल निकासी के लिए 29 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिससे सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
चंदोलिया ने यह भी कहा कि राहुल और सोनिया गांधी को नेतृत्व का मौका नहीं मिलेगा। आज, कांग्रेस की विश्वसनीयता देश के हर हिस्से में समाप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि राहुल कभी EVM का जिक्र करते हैं और कभी वोट चोरी का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह करते हैं, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आखिर में, उन्होंने सनातन धर्म के संबंध में कहा कि यह कोई नया धर्म नहीं है, बल्कि यह युगों से चला आ रहा है। सनातन और विज्ञान मिलकर देश को प्रगति के मार्ग पर ले जाएंगे।