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योगी सरकार की होमस्टे नीति से यूपी में पर्यटन क्रांति, 900 से अधिक यूनिट रजिस्टर्ड

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योगी सरकार की होमस्टे नीति से यूपी में पर्यटन क्रांति, 900 से अधिक यूनिट रजिस्टर्ड

सारांश

योगी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट और होमस्टे नीति उत्तर प्रदेश के पर्यटन को होटलों की दीवारों से निकालकर गाँव-गाँव तक ले जा रही है। 900 से अधिक पंजीकृत यूनिट और बुंदेलखंड में उभरते नए पर्यटन केंद्र यह संकेत देते हैं कि रोज़गार और पर्यटन की यह जुगलबंदी ज़मीन पर असर दिखाने लगी है।

मुख्य बातें

योगी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति 2025 में लागू हुई, जो पर्यटकों को किफायती आवास और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय का अवसर देती है।
पर्यटन विभाग के आँकड़ों के अनुसार अब तक 3,000 से अधिक आवेदन मिले और लगभग 900 होमस्टे व फार्मस्टे पंजीकृत हो चुके हैं।
शहरी श्रेणी में वाराणसी, अयोध्या, आगरा, मथुरा, प्रयागराज और लखनऊ अग्रणी; ग्रामीण मॉडल में बुंदेलखंड सबसे तेज़।
प्रत्येक इकाई में अधिकतम 6 कमरे और 12 बेड ; पंजीकृत इकाइयों को आवासीय दरों पर कर, सौर सब्सिडी और निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार नीति का उद्देश्य पर्यटन का लाभ गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाना है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा लागू बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति राज्य के पर्यटन परिदृश्य को नया रूप दे रही है। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन, काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार और मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद के बाद किफायती आवास की माँग तेज़ी से बढ़ी है, और यह नीति उसी ज़रूरत का जवाब बन रही है। पर्यटन विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में नीति लागू होने के बाद से अब तक प्रदेशभर से 3,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और लगभग 900 होमस्टे व फार्मस्टे पंजीकृत हो चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पर्यटन विभाग के अनुसार 2026 की शुरुआत से आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय तेज़ी आई है, जो दर्शाता है कि नागरिक पर्यटन आधारित व्यवसाय में बढ़-चढ़कर रुचि दिखा रहे हैं। शहरी श्रेणी में वाराणसी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज और लखनऊ अग्रणी हैं। वहीं ग्रामीण होमस्टे मॉडल में सबसे तीव्र वृद्धि बुंदेलखंड क्षेत्र में देखी जा रही है, जहाँ बांदा, हमीरपुर, महोबा और झाँसी नए पर्यटन केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

ग्रामीण पर्यटन का विस्तार

अधिकारियों के अनुसार बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर भी ग्रामीण पर्यटन स्थलों के रूप में तेज़ी से पहचान बना रहे हैं। मथुरा-वृंदावन और आगरा के ग्रामीण इलाकों में भी यात्रियों और स्थानीय निवासियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। किफायती आवास उपलब्ध होने से पर्यटक और श्रद्धालु अब ग्रामीण परिवेश की ओर भी रुख कर रहे हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों तक सीमित थे।

रोज़गार और स्वरोज़गार पर असर

अधिकारियों का कहना है कि यह नीति छोटे ज़िलों में स्थानीय स्तर पर रोज़गार और लघु व्यवसाय को बढ़ावा दे रही है। कई परिवार अपने खाली कमरों को आय के स्रोत में बदल रहे हैं, जिससे बड़े शहरों की ओर पलायन की ज़रूरत कम हो रही है। यह मॉडल विशेष रूप से सेवानिवृत्त व्यक्तियों, वृद्ध दंपतियों, महिला-संचालित परिवारों और खाली मकानों वाले परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का प्रभावी ज़रिया बनता जा रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, 'पर्यटन की असली ताकत तब दिखती है, जब उसका लाभ सीधे गाँवों और स्थानीय परिवारों तक पहुँचे। होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल न केवल पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की वास्तविक संस्कृति, स्थानीय खान-पान, परंपराओं और ग्रामीण जीवन से जोड़ रहे हैं, बल्कि खाली घरों को आय के साधन में बदलकर गाँवों में रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े शहरों और होटलों तक सीमित न रहे, बल्कि गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचे।'

नीति की संरचना और लाभ

नीति के अंतर्गत होमस्टे श्रेणी में वे आवासीय भवन शामिल हैं जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो और उसके पास अधिकतम 6 अतिरिक्त कमरे (कुल 12 बेड) उपलब्ध हों। बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) इकाइयों में भूस्वामी का स्वयं निवास अनिवार्य नहीं, किंतु एक केयरटेकर रखना ज़रूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में भी 6 कमरे और 12 बेड की अधिकतम सीमा लागू है। पंजीकरण एक सरल ऑनलाइन प्रक्रिया के ज़रिए किया जा सकता है। पंजीकृत इकाइयों को बिजली, जल कर, गृह कर और सीवर कर आवासीय दरों पर देना होगा। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा सब्सिडी, माननीय कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान द्वारा 8 सहायक कर्मचारियों को निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण और पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रचार-प्रसार का लाभ भी मिलेगा।

गौरतलब है कि यह नीति ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन अभूतपूर्व ऊँचाई पर है और राज्य सरकार पर्यटन को रोज़गार सृजन के प्रमुख माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 आवेदनों के बीच का अंतर यह सवाल उठाता है कि प्रक्रियागत बाधाएँ कहाँ हैं। बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में रुचि उत्साहजनक है, पर असली परीक्षा तब होगी जब ये इकाइयाँ साल-भर टिकाऊ आय दे सकें — न कि केवल त्योहारी सीज़न में। पर्यटन विभाग को पंजीकरण के बाद की गुणवत्ता निगरानी और बुकिंग इकोसिस्टम पर भी उतना ही ध्यान देना होगा, जितना आवेदन संख्या बढ़ाने पर।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की 2025 में लागू की गई नीति है जो नागरिकों को अपने घर के अतिरिक्त कमरे पर्यटकों को किराए पर देने और उससे आय अर्जित करने की अनुमति देती है। इसके तहत होमस्टे, फार्मस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयाँ ऑनलाइन पंजीकरण के ज़रिए पर्यटन विभाग की मान्यता प्राप्त कर सकती हैं।
होमस्टे पंजीकरण के लिए क्या पात्रता है?
होमस्टे के लिए भूस्वामी का स्वयं उसी भवन में निवास करना ज़रूरी है और वह अधिकतम 6 अतिरिक्त कमरे (कुल 12 बेड ) पर्यटकों को दे सकता है। बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाई में भूस्वामी का निवास अनिवार्य नहीं, लेकिन एक केयरटेकर रखना ज़रूरी है।
पंजीकृत होमस्टे को क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
पंजीकृत इकाइयों को बिजली, जल कर, गृह कर और सीवर कर आवासीय दरों पर देना होता है। इसके अलावा सौर पैनल के लिए सरकारी सब्सिडी, 8 कर्मचारियों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण और पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर निःशुल्क प्रचार का लाभ भी मिलता है।
किन ज़िलों में होमस्टे सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं?
शहरी क्षेत्र में वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, आगरा, प्रयागराज और लखनऊ आगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बुंदेलखंड — विशेषकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और झाँसी — सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज कर रहे हैं।
यह नीति रोज़गार पर क्या असर डाल रही है?
अधिकारियों के अनुसार यह नीति छोटे ज़िलों में पलायन रोकने में मददगार साबित हो रही है, क्योंकि परिवार अपने खाली कमरों से घर बैठे आय अर्जित कर पा रहे हैं। यह मॉडल विशेष रूप से सेवानिवृत्त व्यक्तियों, महिला-संचालित परिवारों और वृद्ध दंपतियों के लिए स्वरोज़गार का प्रभावी साधन बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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