सीएम योगी का सड़क सुरक्षा पर बड़ा एक्शन: स्टंटबाजी, नशे में ड्राइविंग, अवैध डंपर पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मई 2026 को लखनऊ में सड़क सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्य निर्देश और कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर स्टंटबाजी, ओवर स्पीड और नशे की हालत में वाहन चलाना किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध वाहनों का परिचालन और सड़क किनारे अवैध पार्किंग तत्काल बंद की जाए।
जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस को निर्देश दिया गया कि वे सड़क सुरक्षा पर नियमित समन्वय बैठकें करें। शासन स्तर पर पाक्षिक समीक्षा बैठक के ज़रिए कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं के संदर्भ में टॉप-टू-बॉटम हर अधिकारी की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया गया।
परिवहन और स्कूल वाहनों पर विशेष जोर
परिवहन निगम को निर्देश दिया गया कि केवल उचित फिटनेस प्रमाणपत्र वाली बसें ही सड़कों पर उतरें और वे अपने निर्धारित स्टैंड पर ही खड़ी हों। चालकों और परिचालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि बिना फिटनेस के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर न चले। आरटीओ और एआरटीओ की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
जन-जागरूकता और बुनियादी ढाँचे पर फोकस
मुख्यमंत्री ने चौराहों, टोल प्लाजा और व्यस्त मार्गों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के ज़रिए यातायात नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए। सीट बेल्ट, हेलमेट और सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) को आदेश दिया गया कि प्रदेश के ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर तय समयसीमा में उनका निराकरण किया जाए और उचित स्थानों पर टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर व साइनेज लगाए जाएं।
हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग के साथ-साथ एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार मिल सके।
ज़ीरो फैटिलिटी योजना और नए उपकरण
यातायात पुलिस अधिकारियों ने बैठक में बताया कि सड़क सुरक्षा कोष से प्राप्त अनुदान के अंतर्गत 25 चार पहिया इंटरसेप्टर, 62 दोपहिया इंटरसेप्टर और 82 स्पीड लेजर गन जनपदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहाँ सभी 75 जनपदों के 487 क्रिटिकल पुलिस थानों पर ज़ीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू है। इन थानों में 573 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें गठित की गई हैं, जिनमें प्रत्येक में एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षी तैनात हैं। विगत चार माह में इस योजना के क्रियान्वयन से 566 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी बल दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुगम होगा। दुर्घटना-प्रवण जनपदों और स्थलों की पहचान कर उनके लिए विशेष समाधान योजना तैयार करने के आदेश दिए गए। यह बैठक राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही और जन-जागरूकता दोनों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।