27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेलेंस्की का दावा: पुतिन अक्टूबर में 3-5 लाख सैनिकों की भर्ती करेंगे, बिना ट्रेनिंग युद्ध में भेजेंगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेलेंस्की का दावा: पुतिन अक्टूबर में 3-5 लाख सैनिकों की भर्ती करेंगे, बिना ट्रेनिंग युद्ध में भेजेंगे

सारांश

जेलेंस्की ने एक्स पर दावा किया कि पुतिन 21 सितंबर के ड्यूमा चुनावों के बाद चुपके से 3-5 लाख सैनिकों की भर्ती करेंगे और उन्हें बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के युद्धक्षेत्र में उतारेंगे। यह 2022 की आंशिक भर्ती से भी बड़ा कदम हो सकता है — और इसके मानवीय परिणाम कहीं अधिक गंभीर।

मुख्य बातें

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 27 जुलाई को एक्स पर दावा किया कि पुतिन बड़े पैमाने पर सैन्य भर्ती की तैयारी में हैं।
खुफिया जानकारी के अनुसार भर्ती 21 सितंबर के ड्यूमा चुनावों के बाद, अक्टूबर की शुरुआत में शुरू हो सकती है।
लक्ष्य 3 लाख से 5 लाख नए सैनिकों की भर्ती; पर्याप्त प्रशिक्षण के बिना युद्धक्षेत्र में भेजे जाने की आशंका।
जेलेंस्की के अनुसार रूस के अधिकांश नागरिक नई भर्ती के विरुद्ध हैं, लेकिन पुतिन इसे सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं करेंगे।
जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोप से हथियार उत्पादन लाइसेंस और कड़े प्रतिबंधों की माँग दोहराई।
यूक्रेन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में अभी असमर्थ; यूरोपीय एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम पर काम जारी।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 27 जुलाई को एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 21 सितंबर को होने वाले रूसी ड्यूमा चुनावों के बाद एक बड़े पैमाने पर सैन्य भर्ती अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी खुफिया जानकारी संकेत देती है कि पुतिन 3 लाख से 5 लाख नए सैनिकों को भर्ती करने का लक्ष्य रखते हैं और उन्हें न्यूनतम प्रशिक्षण के साथ सीधे युद्धक्षेत्र में भेजने की योजना है।

खुफिया दावों का सार

जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, 'पुतिन इस युद्ध को रोकने के लिए तैयार नहीं हैं।' उनकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में यह भर्ती अभियान सक्रिय हो सकता है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि पुतिन इस कदम को सार्वजनिक रूप से घोषित करने से बचेंगे क्योंकि उन्हें अपने ही देश के नागरिकों की प्रतिक्रिया का भय है।

जेलेंस्की के अनुसार, उन्होंने जो सर्वेक्षण देखे हैं उनसे पता चलता है कि रूस के अधिकांश नागरिक नई सैन्य भर्ती के विरुद्ध हैं और बड़ी संख्या में लोग इस युद्ध के भी खिलाफ हैं — हालाँकि फिर भी वे पुतिन का समर्थन करते हैं।

प्रशिक्षण की कमी और जनहानि की आशंका

जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने वाले सैनिकों को कम समय में पर्याप्त प्रशिक्षण देना पुतिन के लिए संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पहले की तरह ही अपर्याप्त तैयारी के साथ सैनिकों को युद्धक्षेत्र में उतारा जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में जानें जा सकती हैं

यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों की जनहानि के आँकड़े पहले से ही भारी हैं और युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नज़र नहीं आ रही।

यूक्रेन की माँग: हथियार लाइसेंस और वायु रक्षा

जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में अमेरिका और यूरोपीय देशों से एक बार फिर हथियार उत्पादन लाइसेंस देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लाइसेंस केवल इस युद्ध की अवधि तक के लिए माँगा जा रहा है और उत्पादित हथियार केवल यूक्रेन व उसके साझेदारों के उपयोग के लिए होंगे, तीसरे पक्ष को नहीं बेचे जाएँगे।

जेलेंस्की ने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन का घरेलू उत्पादन ड्रोन और कुछ अन्य हमलों को नाकाम करने में सहायक है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में यूक्रेन अभी असमर्थ है। उन्होंने कहा कि यूरोप का अपना एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम जारी है, हालाँकि इसमें समय लगेगा।

प्रतिबंधों की अहमियत

जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन और उसके सहयोगी रूस की आपूर्ति श्रृंखला, हथियार, पेट्रोल और डीजल की व्यवस्था में रुकावट डालने में विफल रहे और पश्चिमी देश कड़े प्रतिबंध नहीं लगाते, तो पुतिन का यह भर्ती अभियान अक्टूबर की शुरुआत में ही शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जेलेंस्की ने रूसी सैन्य भर्ती की चेतावनी दी हो — 2022 में भी पुतिन ने आंशिक सैन्य भर्ती की घोषणा की थी जिसके बाद रूस में व्यापक विरोध और पलायन देखा गया था। यदि नई भर्ती उस पैमाने से बड़ी होती है, तो इसके राजनीतिक और मानवीय परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे देखते हुए पुतिन का इसे गुप्त रखने का तर्क विश्वसनीय लगता है। असली सवाल यह है कि पश्चिमी देश इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं — क्योंकि यदि भर्ती होती है और युद्ध लंबा खिंचता है, तो यूक्रेन को और अधिक समर्थन की दरकार होगी जो अभी भी अनिश्चित है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेलेंस्की ने पुतिन की सैन्य भर्ती को लेकर क्या दावा किया है?
जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी खुफिया जानकारी के अनुसार पुतिन 21 सितंबर के ड्यूमा चुनावों के बाद 3 लाख से 5 लाख सैनिकों की भर्ती करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यह भर्ती अक्टूबर की शुरुआत में शुरू हो सकती है और इसे सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया जाएगा।
पुतिन यह भर्ती सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं करेंगे?
जेलेंस्की के अनुसार पुतिन को अपने ही देश के नागरिकों की प्रतिक्रिया का डर है। उनके देखे सर्वेक्षणों के मुताबिक रूस के अधिकांश लोग नई सैन्य भर्ती और इस युद्ध के विरुद्ध हैं, हालाँकि वे पुतिन का समर्थन करते हैं।
बिना प्रशिक्षण के सैनिक भेजने से क्या खतरा है?
जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने वाले सैनिकों को कम समय में पर्याप्त प्रशिक्षण देना संभव नहीं होगा। इसका परिणाम यह होगा कि अपर्याप्त तैयारी के साथ युद्धक्षेत्र में उतारे गए सैनिकों में बड़ी संख्या में जनहानि होगी।
जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से क्या माँग की है?
जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से हथियार उत्पादन लाइसेंस देने और रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस केवल इस युद्ध की अवधि तक के लिए होगा और उत्पादित हथियार केवल यूक्रेन व उसके साझेदारों के लिए उपयोग किए जाएँगे।
यूक्रेन बैलिस्टिक मिसाइलों से खुद को कैसे बचाने की कोशिश कर रहा है?
जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि यूक्रेन अभी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में असमर्थ है। यूरोप का अपना एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने पर काम जारी है, हालाँकि इसमें अभी समय लगेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले