3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चाओ लेजी और मात्वियेन्को की बीजिंग में बैठक, चीन-रूस रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चाओ लेजी और मात्वियेन्को की बीजिंग में बैठक, चीन-रूस रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति

सारांश

बीजिंग में चाओ लेजी और मात्वियेन्को की बैठक चीन-रूस की बढ़ती रणनीतिक नज़दीकियों की एक और कड़ी है। इस वर्ष शी-पुतिन की दो मुलाकातों के बाद यह विधायी-स्तरीय संवाद दोनों देशों के संस्थागत सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

चाओ लेजी ने 3 नवंबर 2026 को बीजिंग में रूसी फेडरेशन काउंसिल की अध्यक्ष मात्वियेन्को से बातचीत की।
चाओ लेजी ने कहा कि इस वर्ष मई और अगस्त में शी चिनफिंग और पुतिन की दो मुलाकातों से चीन-रूस संबंध 'नए चरण' में पहुँचे।
मात्वियेन्को ने CPC की 20वीं केंद्रीय समिति के पाँचवें पूर्ण सत्र के सफल आयोजन पर बधाई दी।
दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रूस की फेडरेशन काउंसिल और चीन की NPC के बीच विधायी आदान-प्रदान तंत्र को और सक्रिय बनाने पर ज़ोर दिया गया।

चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लेजी ने 3 नवंबर 2026 को बीजिंग में रूसी फेडरेशन काउंसिल की अध्यक्ष वैलेंटिना इवानोव्ना मात्वियेन्को से औपचारिक बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब चीन और रूस अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश में लगे हैं।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

चाओ लेजी ने बातचीत के दौरान रेखांकित किया कि इस वर्ष मई और अगस्त में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन दो बार मिले, जिससे दोनों देशों के संबंध 'अधिक सक्रिय और तीव्र विकास के एक नए चरण' में प्रवेश कर गए हैं। उन्होंने कहा कि चीन दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति के आधार पर रणनीतिक संचार को मज़बूत करने और राजनीतिक पारस्परिक विश्वास को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चाओ लेजी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन सभी क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग का विस्तार करते हुए 'नए युग के लिए चीन-रूस व्यापक रणनीतिक समन्वय साझेदारी' को अधिक गहरा और व्यावहारिक बनाने हेतु रूस के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

मात्वियेन्को का रुख और रूसी पक्ष की प्राथमिकताएँ

मात्वियेन्को ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रणनीतिक मार्गदर्शन में रूस और चीन के बीच 'अच्छे पड़ोसी और मैत्रीपूर्ण सहयोग' को निरंतर गहरा किया जा रहा है। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 20वीं केंद्रीय समिति के पाँचवें पूर्ण सत्र के सफल आयोजन पर चीन को हार्दिक बधाई दी।

मात्वियेन्को ने आगे कहा कि रूसी फेडरेशन काउंसिल चीन की NPC के साथ आदान-प्रदान और सहयोग को और मज़बूत बनाने, व्यापार व निवेश जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने, तथा सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए तत्पर है। उन्होंने भावी पीढ़ियों के लिए रूस-चीन मित्रता की 'जनमत की नींव' को मज़बूत करने पर विशेष बल दिया।

व्यापक संदर्भ: चीन-रूस संबंधों की दिशा

गौरतलब है कि यह बातचीत ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में हो रही है जब दोनों देश पश्चिमी दबाव के बीच अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने में जुटे हैं। शी-पुतिन की इस वर्ष दो बैठकें यह संकेत देती हैं कि दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संपर्क की गति तेज़ हुई है। विधायी निकायों के बीच यह संवाद द्विपक्षीय संबंधों में एक संस्थागत आयाम जोड़ता है, जो महज राजनयिक बयानबाज़ी से परे है।

यह ऐसे समय में आया है जब रूसी-चीनी व्यापार के आँकड़े ऐतिहासिक स्तर को छू रहे हैं और दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की वकालत करते रहे हैं।

आगे की राह

दोनों पक्षों ने विधायी निकायों के बीच आदान-प्रदान तंत्र को और सक्रिय बनाने पर सहमति जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की संसदीय-स्तरीय बैठकें दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को नई गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। चीन-रूस के बीच अगली उच्च-स्तरीय बैठक पर नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या शीर्ष-स्तरीय बयानबाज़ी तक सीमित रहता है। भारत सहित तमाम देशों के लिए यह रणनीतिक संकेत है कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में दोनों देश अपनी धुरी को और मज़बूत कर रहे हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाओ लेजी और मात्वियेन्को की बीजिंग बैठक किस बारे में थी?
यह बैठक 3 नवंबर 2026 को बीजिंग में हुई, जिसमें चीन-रूस रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने, विधायी सहयोग बढ़ाने और व्यापार व सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
इस वर्ष शी चिनफिंग और पुतिन कब-कब मिले?
चाओ लेजी के अनुसार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति पुतिन इस वर्ष मई और अगस्त में दो बार मिले, जिसके बाद दोनों देशों के संबंध 'अधिक सक्रिय और तीव्र विकास के नए चरण' में पहुँचे।
रूसी फेडरेशन काउंसिल और चीन की NPC के बीच सहयोग कैसे बढ़ेगा?
मात्वियेन्को ने कहा कि फेडरेशन काउंसिल NPC के साथ आदान-प्रदान तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करेगी। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
CPC की 20वीं केंद्रीय समिति का पाँचवाँ पूर्ण सत्र क्या है और इसे क्यों महत्व दिया गया?
यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष नीति-निर्धारण बैठक है। मात्वियेन्को ने इसके सफल आयोजन पर बधाई देकर रूस की ओर से चीनी नेतृत्व के प्रति एकजुटता का संकेत दिया।
यह बैठक भारत और वैश्विक कूटनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
चीन और रूस के बीच बढ़ती संस्थागत साझेदारी बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गठजोड़ पश्चिमी कूटनीतिक दबाव का मुकाबला करने की रणनीति का हिस्सा है, जिसका असर भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले