16 जुलाई 2026
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चाओ लची की मॉस्को यात्रा: चीन-रूस संसदीय सहयोग की 11वीं बैठक, द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाई पर

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चाओ लची की मॉस्को यात्रा: चीन-रूस संसदीय सहयोग की 11वीं बैठक, द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाई पर

सारांश

चाओ लची की मॉस्को यात्रा महज़ एक औपचारिकता नहीं थी — यह चीन-रूस रणनीतिक धुरी को संसदीय स्तर पर और पक्का करने का कदम था। रणनीतिक साझेदारी की 30वीं वर्षगाँठ पर यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते समन्वय का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

चाओ लची ने 27 से 30 मई 2026 तक मॉस्को की आधिकारिक मैत्रीपूर्ण यात्रा की।
चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 11वीं बैठक में भाग लिया गया।
यात्रा चीन-रूस रणनीतिक समन्वय साझेदारी की 30वीं वर्षगाँठ और मैत्री संधि की 25वीं वर्षगाँठ के अवसर पर हुई।
वोलोडिन ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित विभिन्न क्षेत्रों में विधायी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लची ने 27 से 30 मई 2026 तक रूस की आधिकारिक मैत्रीपूर्ण यात्रा की। यह यात्रा रूस की संघ परिषद की अध्यक्ष वैलेंटिना मात्वियेन्को और स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन के निमंत्रण पर हुई। इस दौरान मॉस्को में उच्चस्तरीय संसदीय वार्ताएं आयोजित की गईं और चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 11वीं बैठक में भाग लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

चाओ लची ने मात्वियेन्को और वोलोडिन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रणनीतिक मार्गदर्शन में नए युग के लिए चीन-रूस व्यापक रणनीतिक समन्वय साझेदारी निरंतर उच्च स्तर पर विकसित हो रही है।

चाओ लची ने यह भी रेखांकित किया कि हाल ही में राष्ट्रपति पुतिन ने चीन की सफल राजकीय यात्रा की, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने गहन, मैत्रीपूर्ण और फलदायी वार्ता की। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने व्यापक रणनीतिक समन्वय को और सुदृढ़ करने तथा पड़ोसी देशों के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग को गहरा करने संबंधी एक संयुक्त बयान पर भी हस्ताक्षर किए।

वर्षगाँठ और प्रतिबद्धताएँ

चाओ लची ने इस यात्रा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह चीन-रूस रणनीतिक समन्वय साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगाँठ और दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण पड़ोसी एवं मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगाँठ का अवसर है। उन्होंने कहा कि चीन पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने, रणनीतिक पारस्परिक विश्वास को मजबूत करने और आपसी लाभ वाले सहयोग को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चाओ लची ने स्पष्ट किया कि चीन-रूस संबंध अब अधिक सक्रिय और तेज विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं तथा चीन, रूस के साथ मिलकर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमतियों को पूरी तरह लागू करने के लिए तैयार है।

रूसी पक्ष की प्रतिक्रिया

वैलेंटिना मात्वियेन्को ने कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के नेतृत्व में रूस-चीन संबंध इतिहास के सर्वोत्तम स्तर पर पहुँच गए हैं। उन्होंने चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के साथ आदान-प्रदान बढ़ाने तथा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति, परिवहन और स्थानीय सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को कानूनी समर्थन प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की।

व्याचेस्लाव वोलोडिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध 21वीं सदी में प्रमुख देशों के संबंधों का एक आदर्श उदाहरण हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि रूस एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करता है और द्वितीय विश्व युद्ध की विजय से प्राप्त उपलब्धियों की रक्षा के लिए चीन के साथ बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का इच्छुक है।

तकनीक और विधायी सहयोग

वोलोडिन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के विधायी निकायों के बीच अनुभव साझा करने और आदान-प्रदान को और मजबूत करने की आशा व्यक्त की। रूस की स्टेट ड्यूमा की सभी राजनीतिक पार्टियों के बीच चीन के साथ मैत्रीपूर्ण सहयोग को बढ़ावा देना साझा सहमति बताई गई।

आगे की राह

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और पश्चिमी देशों के साथ दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के बीच चीन-रूस धुरी और मज़बूत होती दिख रही है। संसदीय स्तर पर यह सहयोग दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों को और गहरा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों देशों का यह संसदीय समन्वय सिर्फ़ रस्मी नहीं है। गौरतलब है कि रणनीतिक साझेदारी की 30वीं वर्षगाँठ पर इस तरह के उच्चस्तरीय दौरे का समय सोचा-समझा है। भारत के लिए यह प्रवृत्ति महत्वपूर्ण है — उसके दोनों पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देश एक-दूसरे के और क़रीब आ रहे हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाओ लची कौन हैं और उन्होंने रूस की यात्रा क्यों की?
चाओ लची चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (NPC) की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 27 से 30 मई 2026 तक रूसी संसदीय नेताओं के निमंत्रण पर मॉस्को की आधिकारिक मैत्रीपूर्ण यात्रा की, जिसका उद्देश्य चीन-रूस संसदीय सहयोग को और मज़बूत करना था।
चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 11वीं बैठक में क्या हुआ?
इस बैठक में दोनों देशों के संसदीय प्रतिनिधियों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति, परिवहन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने विधायी स्तर पर अनुभव साझा करने और आदान-प्रदान को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
रूस ने एक-चीन सिद्धांत पर क्या कहा?
स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने इस यात्रा के दौरान दोहराया कि रूस एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करता है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की विजय से प्राप्त उपलब्धियों की रक्षा के लिए चीन के साथ बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की इच्छा भी व्यक्त की।
चीन-रूस रणनीतिक साझेदारी की कौन-सी वर्षगाँठ इस वर्ष है?
इस वर्ष चीन-रूस रणनीतिक समन्वय साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगाँठ और दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण पड़ोसी एवं मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगाँठ है। चाओ लची ने इन्हें संबंधों को और गहरा करने के अवसर के रूप में रेखांकित किया।
इस यात्रा का भू-राजनीतिक महत्व क्या है?
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब चीन और रूस दोनों पश्चिमी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों का सामना कर रहे हैं। संसदीय स्तर पर यह उच्चस्तरीय समन्वय दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को संस्थागत रूप देने और वैश्विक मंच पर साझा रुख को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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