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55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण: भारतीय रेलवे नेटवर्क हुआ ऐतिहासिक रूप से मजबूत, PMO ने साझा किए आंकड़े

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55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण: भारतीय रेलवे नेटवर्क हुआ ऐतिहासिक रूप से मजबूत, PMO ने साझा किए आंकड़े

सारांश

भारतीय रेलवे ने 2014 से 55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण, 80,000 किमी भारी रेल बिछाने और USFD तकनीक से ट्रैक दोष 90% घटाकर नेटवर्क को ऐतिहासिक रूप से मजबूत बनाया। PMO ने गुरुवार को यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।

मुख्य बातें

55,000 किलोमीटर रेल पटरियों का नवीनीकरण 2014 से अब तक किया जा चुका है।
80,000 किमी से अधिक भारी 60 किलोग्राम रेल बिछाई गई हैं जो तेज और भारी ट्रेनों के लिए सक्षम हैं।
अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) तकनीक से ट्रैक दोषों में 90 प्रतिशत तक कमी आई है।
भारत में प्रतिदिन 25,000 से अधिक ट्रेनें चलती हैं जो 2 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को सेवा देती हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस समेत हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं को ट्रैक आधुनिकीकरण से सीधा लाभ मिला।
PMO ने 23 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के लेख के साथ साझा की।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल: भारतीय रेलवे ने वर्ष 2014 से अब तक लगभग 55,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण कर देश के रेल नेटवर्क को पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बना दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस नवीनीकरण अभियान से वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं को विशेष बल मिला है।

रेल ट्रैक आधुनिकीकरण का व्यापक अभियान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक मीडिया लेख में विस्तार से बताया कि भारतीय रेलवे की पूरी कार्यप्रणाली की नींव ट्रैक पर टिकी होती है। यदि पटरियां उत्तम स्थिति में हों तो ट्रेनें तेज और निर्बाध गति से चलती हैं, जबकि जर्जर ट्रैक दुर्घटनाओं और विलंब का प्रमुख कारण बनते हैं।

इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए करीब एक दशक पहले रेलवे ने बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसमें आधुनिक मशीनों से ट्रैक प्रतिस्थापन, उन्नत तकनीक से निरीक्षण, मशीन-आधारित रखरखाव और सुरक्षा के लिए फेंसिंग जैसे कदम शामिल किए गए।

80,000 किमी से अधिक मजबूत रेल की स्थापना

ट्रैक नवीनीकरण के साथ-साथ 80,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई में 60 किलोग्राम भार वाली भारी-भरकम रेल बिछाई गई हैं। ये रेल भारी माल वाहन और तीव्र गति वाली ट्रेनों के दबाव को आसानी से झेलने में सक्षम हैं। इससे रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

रेल मंत्री ने बताया कि भारत में प्रतिदिन 25,000 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं, जो रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। इसके अतिरिक्त कोयला, लोहा, अनाज, स्टील और सीमेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई भी इसी विशाल नेटवर्क के माध्यम से होती है।

अल्ट्रासोनिक तकनीक से 90% तक कम हुई खामियां

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मजबूत ट्रैक के साथ-साथ समय रहते खामियों की पहचान करना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (USFD) तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

इस तकनीक के माध्यम से लाखों किलोमीटर ट्रैक और करोड़ों वेल्ड की सूक्ष्म जांच की जा चुकी है। USFD तकनीक पटरियों के भीतर छिपी बारीक दरारों को पहले ही उजागर कर देती है, जिससे रेल और वेल्ड फेल होने की घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

यात्रियों और माल ढुलाई पर सकारात्मक असर

इन सभी सुधारों का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ा है। ट्रेनों की समय-पालना में सुधार आया है, देरी के मामले घटे हैं और सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गया है। माल ढुलाई क्षेत्र में भी इन बदलावों ने उत्पादकता बढ़ाई है।

आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे इस आधुनिकीकरण अभियान को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिसमें और अधिक रूटों पर हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन और स्मार्ट निगरानी प्रणाली की स्थापना शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति है। 55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण और USFD तकनीक से 90% दोष कटौती यह सिद्ध करती है कि सुरक्षा अब प्राथमिकता है। अब जरूरत है कि इस गति को बनाए रखते हुए छोटे शहरों और ग्रामीण रूटों तक भी यह आधुनिकीकरण पहुंचे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे ने कितने किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण किया है?
भारतीय रेलवे ने 2014 से अब तक लगभग 55,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया है। इसके साथ 80,000 किमी से अधिक 60 किलोग्राम की भारी रेल भी बिछाई गई है।
USFD तकनीक क्या है और रेलवे में इसका क्या उपयोग है?
USFD यानी अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन एक उन्नत निरीक्षण तकनीक है जो पटरियों के अंदर छिपी दरारें पहले ही पकड़ लेती है। इस तकनीक से रेल और वेल्ड फेल होने की घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है।
भारत में प्रतिदिन कितनी ट्रेनें चलती हैं और कितने यात्री सफर करते हैं?
भारत में प्रतिदिन 25,000 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं। ये ट्रेनें रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं।
ट्रैक नवीनीकरण से वंदे भारत एक्सप्रेस को क्या फायदा हुआ?
55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण और उन्नत रखरखाव से वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-स्पीड ट्रेन सेवाओं को सीधा लाभ मिला है। इससे इन ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है।
PMO ने रेलवे ट्रैक नवीनीकरण की जानकारी कब और कहां दी?
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने 23 अप्रैल, गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए यह जानकारी दी। पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मीडिया लेख का लिंक भी शामिल था।
राष्ट्र प्रेस
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