जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को, निर्मला सीतारमण करेंगी अध्यक्षता; अनुपालन सुधारों पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक अब 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी — यह दूसरी बार है जब इस बैठक की तारीख बदली गई है। परिषद सचिवालय ने एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन में पुष्टि की कि अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते पहले से निर्धारित 7 अक्टूबर की तिथि में यह बदलाव किया गया है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक का पुनर्निर्धारण — दूसरी बार
गौरतलब है कि यह बैठक मूल रूप से 12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित थी। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण इसे पहले 7 अक्टूबर तक टाल दिया गया था। अब एक बार फिर तिथि बदलकर 8 अक्टूबर की गई है, जिससे इस महत्वपूर्ण बैठक में लगातार देरी होती रही है। यह देरी उस समय आई है जब जीएसटी अनुपालन में सुधार को लेकर कारोबारियों में व्यापक प्रतीक्षा बनी हुई है।
एजेंडे में क्या है
रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में कारोबारियों और करदाताओं के लिए जीएसटी अनुपालन को सरल बनाने के उद्देश्य से कई प्रक्रियागत सुधारों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इनमें पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, जीएसटी विवादों का समाधान, तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के प्रवाह को सुगम बनाना शामिल है। इसका मूल उद्देश्य अनुपालन में लगने वाले समय और लागत दोनों को कम करना है।
इसके अलावा, ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं सहित कारोबारियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को और सहज बनाने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।
कानून समिति की सिफारिशें
ये प्रस्ताव जीएसटी परिषद की कानून समिति की व्यापक सिफारिशों का हिस्सा हैं। समिति ने जीएसटी कानूनों को सरल बनाने और जानबूझकर कर चोरी तथा अनजाने में कर भुगतान न होने वाले मामलों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करने के तरीकों की समीक्षा की है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत, केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत आयुक्त को गिरफ्तारी का आदेश देने का अधिकार है, यदि उन्हें धारा 132 के तहत निर्दिष्ट अपराधों — जैसे कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट — के किए जाने का विश्वास करने का कारण हो।
नेतृत्व की प्राथमिकताएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा था कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण अनुपालन को सहज बनाएगा और रिफंड प्रक्रिया में सुधार करेगा, जिससे कारोबारियों का निवेश और विस्तार में भरोसा बढ़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया है कि सुधारों के इस चरण में पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड, विवाद समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर केंद्रित ध्यान दिया जाएगा।
आगे क्या
8 अक्टूबर की बैठक में लिए गए निर्णय करोड़ों करदाताओं और कारोबारियों के लिए सीधा असर रखते हैं। यह बैठक यह भी तय करेगी कि जीएसटी प्रणाली की जटिलताओं को दूर करने की दिशा में सरकार कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है।