क्या अदाणी ग्रुप अगले पांच वर्षों में एनर्जी ट्रांजिशन क्षेत्र में 75 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा?

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क्या अदाणी ग्रुप अगले पांच वर्षों में एनर्जी ट्रांजिशन क्षेत्र में 75 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा?

सारांश

अदाणी ग्रुप ने घोषणा की है कि वे अगले पांच वर्षों में एनर्जी ट्रांजिशन में 75 अरब डॉलर का निवेश करेंगे। यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाने का संकेत है। गौतम अदाणी के अनुसार, भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन सबसे कम है और देश तेजी से ऊर्जा परिवर्तन के पथ पर अग्रसर है।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रुप का 75 अरब डॉलर का निवेश एनर्जी ट्रांजिशन में महत्वपूर्ण है।
भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन विश्व में सबसे कम है।
गौतम अदाणी ने ऊर्जा परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अदाणी का निवेश वैश्विक स्थिरता में योगदान देगा।
भारत का ऊर्जा मिश्रण तेजी से बदल रहा है।

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी ग्रुप अगले पांच वर्षों में एनर्जी ट्रांजिशन में 75 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश करने जा रहा है। यह जानकारी चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को साझा की।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स), धनबाद में शताब्दी समारोह के दौरान, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि वे लगातार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बनाने के लिए निवेश कर रहे हैं।

गौतम अदाणी ने यह भी बताया कि ग्लोबल ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन हमारे समय का सबसे बड़ा उद्योग बनने जा रहा है, जिसका मूल्य आने वाले दशकों में कई ट्रिलियन डॉलर होगा।

उन्होंने कहा, "इससे बिजली आधारित मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन स्टील, ग्रीन फर्टिलाइजर, हाइड्रोजन इकोसिस्टम और महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा, जिस पर एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्थाएं निर्भर करती हैं।"

चेयरमैन ने आगे कहा, "अदाणी ग्रुप अगले पांच वर्षों में एनर्जी ट्रांजिशन के क्षेत्र में 75 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर रहा है।"

इसके अलावा, गौतम अदाणी ने हाल ही में ब्राजील में हुए सीओपी-30 सम्मेलन के एक नैरेटिव की आलोचना की, जहां एक रिपोर्ट ने भारत की स्थिरता रैंकिंग को घटा दिया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के पास कोयले से बाहर निकलने की कोई समय-सीमा नहीं है।

अदाणी समूह के अध्यक्ष ने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन दुनिया में सबसे कम है और देश मानव इतिहास में सबसे तेज एनर्जी ट्रांजिशन की ओर बढ़ रहा है।

गौतम अदाणी ने भारत की सतत विकास प्रगति को परिभाषित करने वाले आंकड़े साझा करते हुए कहा, "भारत ने इस ग्रह को गर्म नहीं किया। फिर भी, अब विकसित दुनिया के अधिकांश लोग भारत से पृथ्वी को ठंडा करने की अपेक्षा रखते हैं।"

अदाणी समूह के चेयरमैन ने कहा कि भारत की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक गैर-जीवाश्म स्रोतों से आता है।

इसी तरह, 2015 में अपनाए गए पेरिस समझौते के तहत, कोई भी अन्य प्रमुख देश अपने ऊर्जा मिश्रण को भारत जितनी तेजी से नहीं बदल पाया है।

गौतम अदाणी ने कहा, "प्रति व्यक्ति सबसे कम कार्बन उत्सर्जन वाले देशों में से एक, भारत मानव इतिहास में सबसे तेज ऊर्जा परिवर्तन भी कर रहा है।"

अपने अनुभवों और चिंतन के आधार पर, उद्योगपति ने छात्रों को व्यक्तिगत सलाह दी कि "सफलता कभी मिलती नहीं। उसे खोदा जाता है।"

गौतम अदाणी ने छात्रों से भारत के स्वतंत्रता सेनानी बनने और देश को "आर्थिक और संसाधन स्वतंत्रता" प्राप्त करने में मदद करने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अदाणी का निवेश इसे और भी तेज गति प्रदान करेगा। यह न केवल भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता में भी योगदान देगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रुप का निवेश किस क्षेत्र में है?
अदाणी ग्रुप का निवेश एनर्जी ट्रांजिशन क्षेत्र में है।
गौतम अदाणी ने कब यह घोषणा की?
गौतम अदाणी ने यह घोषणा 9 दिसंबर को की।
भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन कैसा है?
भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन विश्व में सबसे कम है।
अदाणी ग्रुप ने कितने वर्षों में 75 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है?
अदाणी ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में 75 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है।
क्या भारत ने पेरिस समझौते के तहत अपने ऊर्जा मिश्रण को तेजी से बदला है?
हाँ, भारत ने पेरिस समझौते के तहत ऊर्जा मिश्रण को तेजी से बदला है।
राष्ट्र प्रेस