अदाणी पावर को ईएसजी में 'लीडरशिप' श्रेणी में मिला स्थान, कंपनी ने उद्योग को पीछे छोड़ा: केयरएज

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अदाणी पावर को ईएसजी में 'लीडरशिप' श्रेणी में मिला स्थान, कंपनी ने उद्योग को पीछे छोड़ा: केयरएज

सारांश

अदाणी पावर ने केयरएज की ईएसजी रेटिंग में 'लीडरशिप' श्रेणी में स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि कार्बन-इंटेंसिव थर्मल पावर क्षेत्र में काम करने के बावजूद हासिल हुई है। जानिए इसके पीछे का कारण।

Key Takeaways

  • अदाणी पावर को ईएसजी में 80.0 की रेटिंग मिली है।
  • कंपनी ने कार्बन-इंटेंसिव क्षेत्र में काम करते हुए उपलब्धि हासिल की।
  • पर्यावरण में 75.6 का स्कोर, जो उद्योग औसत से बेहतर है।
  • 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य।
  • सीएसआर कार्यक्रमों से 12.3 लाख लोगों को फायदा।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रेटिंग एजेंसी केयरएज द्वारा अदाणी पावर को ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस) में ८०.० की रेटिंग प्रदान की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी ‘लीडरशिप’ श्रेणी में शामिल हो गई है। यह विशेष उपलब्धि तब हासिल की गई है जब कंपनी कार्बन-इंटेंसिव थर्मल पावर क्षेत्र में कार्यरत है। यह घोषणा मंगलवार को की गई।

भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनी ने पर्यावरण के क्षेत्र में औसत उद्योग प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए उत्कृष्टता दिखाई है, जो पावर क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

अदाणी पावर को पर्यावरण के क्षेत्र में ७५.६ का स्कोर प्राप्त हुआ है, जबकि उद्योग का औसत स्कोर ५०.२ है। यह सुधार उत्सर्जन में कमी, कम बिजली खपत और बेहतर ऊर्जा दक्षता के कारण संभव हुआ है।

कंपनी की कुल स्थापित क्षमता का ६० प्रतिशत से अधिक हिस्सा सुपरक्रिटिकल और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है, जिसके चलते कम कोयले से अधिक बिजली उत्पन्न होती है और प्रदूषण भी कम होता है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष २०२५ में कंपनी की कुल उत्सर्जन मात्रा में वृद्धि हुई है क्योंकि क्षमता में विस्तार हुआ है, लेकिन प्रति यूनिट उत्सर्जन में लगभग १ प्रतिशत की कमी आई है, जो उद्योग के औसत से बेहतर है।

इसके अतिरिक्त, स्कोप २ उत्सर्जन बहुत कम रहा है, क्योंकि कंपनी अपने स्वयं के बिजली उत्पादन और रूफटॉप सोलर सिस्टम का उपयोग कर रही है।

अदाणी पावर की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति २०७० तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य पर आधारित है, जो भारत के जलवायु लक्ष्यों और पेरिस समझौते के अनुरूप है।

कंपनी वर्तमान में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और कार्बन कैप्चर जैसी नई तकनीकों पर कार्य करेगी।

सामाजिक क्षेत्र में कंपनी को ८१.६ का स्कोर प्राप्त हुआ है, जो कर्मचारियों की सुरक्षा, सामुदायिक विकास और कर्मचारी कल्याण में अच्छे प्रदर्शन को दर्शाता है।

कंपनी के सीएसआर कार्यक्रमों से १२.३ लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्य शामिल हैं।

गवर्नेंस में अदाणी पावर को ८५.८ का स्कोर मिला है, जो मजबूत नियमों के पालन और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को दर्शाता है।

कंपनी की वर्तमान बिजली उत्पादन क्षमता १८.१५ गीगावाट (जीडब्ल्यू) है, जिसे २०३२ तक २३.७२ जीडब्ल्यू करने की योजना है। इसके लिए २२ अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का निवेश माना जा रहा है।

Point of View

बल्कि यह भारतीय उद्योग के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इसकी डिकार्बोनाइजेशन रणनीति और ऊर्जा दक्षता के प्रयास स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भारत जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

अदाणी पावर की ईएसजी रेटिंग क्या है?
अदाणी पावर को केयरएज द्वारा ईएसजी में 80.0 की रेटिंग दी गई है।
कंपनी की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति का लक्ष्य क्या है?
कंपनी की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य पर आधारित है।
अदाणी पावर की वर्तमान बिजली उत्पादन क्षमता क्या है?
अदाणी पावर की वर्तमान बिजली उत्पादन क्षमता 18.15 गीगावाट है।
कंपनी ने पर्यावरण के क्षेत्र में कितने अंक प्राप्त किए?
कंपनी ने पर्यावरण के क्षेत्र में 75.6 अंक प्राप्त किए हैं।
अदाणी पावर के सीएसआर कार्यक्रमों से कितने लोगों को लाभ मिला?
कंपनी के सीएसआर कार्यक्रमों से 12.3 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है।
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