अदाणी टोटल गैस Q2 FY27: आय 34% उछलकर ₹2,102 करोड़, मुनाफा ₹167 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने 22 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिनमें परिचालन से आय सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर ₹2,102 करोड़ रही — जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹1,569 करोड़ थी। शुद्ध मुनाफा (पैट) भी सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹167 करोड़ पर पहुँचा।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
तिमाही का एबिटडा (EBITDA) सालाना आधार पर 12 प्रतिशत उछलकर ₹340 करोड़ हो गया। छमाही आधार (H1 FY27) पर देखें तो एबिटडा 3 प्रतिशत बढ़कर ₹621 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड मुनाफा इस तिमाही में ₹173 करोड़ और वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के लिए ₹315 करोड़ दर्ज किया गया।
वॉल्यूम वृद्धि के कारण
कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुल वॉल्यूम सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा। इसमें CNG (सीएनजी) की मात्रा 17 प्रतिशत और PNG (पीएनजी) की मात्रा 3 प्रतिशत बढ़ी, जो नेटवर्क विस्तार का प्रत्यक्ष परिणाम है। अब तक लगभग 11.81 लाख घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
सीईओ की टिप्पणी
एटीजीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संजय पंडिता ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया, 'सीएनजी की लगातार माँग और पीएनजी की बढ़ती पहुँच से वॉल्यूम में 12 प्रतिशत और आय में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।'
पंडिता ने यह भी रेखांकित किया कि यह प्रदर्शन पश्चिम एशिया के संकट, ब्रेंट और स्पॉट गैस की ऊँची कीमतों, मुद्रा की गिरती कीमत तथा एपीएम (APM) आवंटन में कटौती जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद हासिल किया गया — जो कंपनी की परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
नए कारोबार का विस्तार
ईवी चार्जिंग के मोर्चे पर, अदाणी टोटलएनर्जीज ई-मोबिलिटी लिमिटेड ने 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 225 शहरों में 5,513 ईवी चार्ज पॉइंट स्थापित किए हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 63 मेगावाट है। इनमें से 4,809 चार्ज पॉइंट अभी परिचालन में हैं।
अदाणी टोटलएनर्जीज बायोमास लिमिटेड ने H1 FY27 में 460 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की बिक्री की, जिसमें से 195 टन विशेष सीबीजी स्टेशनों के ज़रिए बेची गई। जैविक खाद की कुल बिक्री 6,865 टन से अधिक रही, जिसमें 'हरित अमृत' ब्रांड के तहत 1,757 टन शामिल है।
ESG और सस्टेनेबिलिटी
पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) के मोर्चे पर कंपनी का NSE सस्टेनेबिलिटी स्कोर बढ़कर 75 हो गया है और स्टेकहोल्डर्स एम्पावरमेंट सर्विसेज (SES) स्कोर भी सुधरकर 100 में से 75 पर पहुँच गया। गौरतलब है कि ये आँकड़े ऐसे समय में आए हैं जब शहरी गैस वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नियामकीय दबाव दोनों बढ़ रहे हैं। आगे की तिमाहियों में APM आवंटन नीति और वैश्विक ऊर्जा कीमतों का रुझान कंपनी के मार्जिन पर निर्णायक असर डाल सकता है।