22 अक्टूबर 2026
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भारत इटली साझेदारी में अभूतपूर्व प्रगति: राजदूत बार्तोली, 2029 तक ₹1.68 लाख करोड़ व्यापार का लक्ष्य

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भारत इटली साझेदारी में अभूतपूर्व प्रगति: राजदूत बार्तोली, 2029 तक ₹1.68 लाख करोड़ व्यापार का लक्ष्य

सारांश

एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली ने भारत इटली परिणामोन्मुख साझेदारी में 'अभूतपूर्व प्रगति' का दावा किया। 2029 तक 20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य और मोदी मेलोनी की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को संबंधों की नई ऊँचाई का आधार बताया गया।

मुख्य बातें

इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली ने 22 अक्टूबर 2026 को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में भारत इटली साझेदारी में 'अभूतपूर्व प्रगति' बताई।
दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, सुरक्षा और आवागमन क्षेत्रों में सहयोग का रोडमैप तैयार; प्रगति निगरानी तंत्र स्थापित।
अगले वर्ष को भारत इटली संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष घोषित किया गया।
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने चीन के सैन्य विस्तार और तस्मान सागर में नौसैनिक गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई।
बार्तोली ने कहा कि भारत गुटनिरपेक्षता से बहु संरेखण की ओर बढ़ा है, जिसका इटली स्वागत करता है।

इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और इटली के बीच परिणामोन्मुख विशेष रणनीतिक साझेदारी में अभूतपूर्व गति आई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच व्यक्तिगत तालमेल को इस प्रगति का एक अहम कारक बताया।

मुख्य घटनाक्रम

बार्तोली एनडीटीवी वर्ल्ड समिट के सत्र 'द वेस्ट, रीवायर्ड: द न्यू ट्रांसअटलांटिक ऑर्डर' में बोल रहे थे। इस सत्र में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन एरिक पकेट, ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन और जर्मनी के राजदूत जैस्पर वीक भी उपस्थित थे।

राजदूत ने स्पष्ट किया कि नेताओं के बीच अच्छा तालमेल जरूरी है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं — दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों का परस्पर मेल होना भी उतना ही आवश्यक है।

व्यापार और औद्योगिक सहयोग

बार्तोली ने बताया कि दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, "भारत अपने विनिर्माण आधार को मजबूत करना चाहता है, जबकि इटली यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी औद्योगिक शक्ति है — इसलिए सहयोग की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हैं।"

दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक रोडमैप तैयार किया है और उसकी प्रगति की निगरानी के लिए एक समर्पित व्यवस्था भी बनाई गई है। रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, सुरक्षा और आवागमन प्रमुख सहयोग क्षेत्र बताए गए।

भारत की वैश्विक भूमिका पर बार्तोली का नजरिया

इटली के राजदूत ने कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर महज दर्शक नहीं रह गया है। उनके अनुसार, भारत गुटनिरपेक्षता से बहु संरेखण की नीति की ओर बढ़ा है और उसकी भूमिका निष्क्रिय से सक्रिय हुई है। उन्होंने कहा कि इटली इस अधिक सक्रिय और जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका का स्वागत करता है।

यूक्रेन संघर्ष पर बात करते हुए बार्तोली ने कहा कि रूस की आक्रामकता को केवल यूरोप की समस्या नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद पर पड़ता है और आम उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचता है। उन्होंने काला सागर से खाद्य आपूर्ति में बाधाओं और बाब अल मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर संभावित अवरोध का भी उल्लेख किया।

ऑस्ट्रेलिया की चीन पर चिंता

सत्र में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने चीन के तेज़ सैन्य विस्तार, नौसैनिक तैनाती और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षणों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी भी देश का सैन्य विस्तार इतनी तेज़ी से नहीं हुआ है।

ग्रीन ने बताया कि एक समय चीन के साथ आर्थिक गतिरोध के कारण ऑस्ट्रेलिया के लगभग 20 अरब डॉलर के व्यापार पर एक सप्ताह के भीतर असर पड़ा था, लेकिन उसका करीब 96 प्रतिशत हिस्सा दूसरे बाजारों में पहुँच गया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच तस्मान सागर में चीनी नौसैनिक गतिविधियों और दक्षिण पश्चिम प्रशांत के छोटे द्वीपीय देशों के आसपास बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों का भी उल्लेख किया।

क्या होगा आगे

भारत इटली सांस्कृतिक और पर्यटन सहयोग के लिहाज से अगले वर्ष को 'भारत इटली संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर संपर्क और समझ को बढ़ावा मिलेगा। व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के रोडमैप की प्रगति निगरानी तंत्र के तहत जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिमाप्य व्यापारिक और रणनीतिक लक्ष्यों पर आधारित हैं। हालाँकि 2029 तक 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य महत्वाकांक्षी है — वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार इससे काफी दूर है। सत्र में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त की चीन केंद्रित टिप्पणियाँ बताती हैं कि पश्चिमी और इंडो पैसिफिक साझेदार भारत को इंडो पैसिफिक रणनीति में एक सक्रिय स्तंभ के रूप में देखने लगे हैं — यह बदलाव नई दिल्ली के लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी में क्या नया हुआ है?
इटली के राजदूत एंटोनियो बार्तोली ने 22 अक्टूबर 2026 को कहा कि दोनों देशों के बीच परिणामोन्मुख साझेदारी में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। दोनों देशों ने 2029 तक 20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य के साथ एक रोडमैप और निगरानी तंत्र स्थापित किया है।
भारत और इटली के बीच व्यापार लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग भी बढ़ाया जा रहा है।
मोदी और मेलोनी के तालमेल का भारत इटली संबंधों पर क्या असर है?
राजदूत बार्तोली के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल राजनयिकों के काम को आसान बनाता है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल नेताओं की केमिस्ट्री पर्याप्त नहीं, राष्ट्रीय हितों का परस्पर मेल होना भी जरूरी है।
भारत की बहु संरेखण नीति को इटली कैसे देखता है?
इटली के राजदूत ने कहा कि भारत गुटनिरपेक्षता से बहु संरेखण की नीति की ओर बढ़ा है और उसकी भूमिका निष्क्रिय से सक्रिय हुई है। इटली इस बदलाव का स्वागत करता है और भारत की बढ़ती वैश्विक जिम्मेदारियों को सकारात्मक संकेत मानता है।
ऑस्ट्रेलिया ने चीन के सैन्य विस्तार पर क्या कहा?
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी भी देश का सैन्य विस्तार इतनी तेज़ी से नहीं हुआ है। उन्होंने तस्मान सागर में चीनी नौसैनिक गतिविधियों और प्रशांत क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों पर गंभीर चिंता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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