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अदाणी ग्रीन एनर्जी का EBITDA वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 41% उछला, ₹7,957 करोड़ पर पहुँचा

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अदाणी ग्रीन एनर्जी का EBITDA वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 41% उछला, ₹7,957 करोड़ पर पहुँचा

सारांश

अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 41% EBITDA वृद्धि के साथ ₹7,957 करोड़ कमाए और खावड़ा में 6.63 GWh का दुनिया का सबसे बड़ा एकल-स्थान बैटरी स्टोरेज सिस्टम चालू किया — यह भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता दौड़ में एक निर्णायक पड़ाव है।

मुख्य बातें

अदाणी ग्रीन एनर्जी (AGEL) का EBITDA वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 41% बढ़कर ₹7,957 करोड़ हुआ।
ऊर्जा बिक्री 32% उछलकर 25.75 अरब यूनिट ; बिजली आपूर्ति आय 36% बढ़कर ₹8,299 करोड़ ।
कैश प्रॉफिट 35% वृद्धि के साथ ₹4,176 करोड़ ; पूंजीगत व्यय ₹17,160 करोड़ (38% अधिक)।
खावड़ा में 6.63 GWh का BESS स्थापित — दुनिया का एक ही स्थान पर सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन।
AGEL बना भारत का सबसे बड़ा BESS ऑपरेटर , देश की कुल चालू क्षमता में 50% से अधिक हिस्सेदारी।
दूसरी तिमाही में EBITDA 51% उछलकर ₹3,835 करोड़ ; तिमाही नकद लाभ ₹1,951 करोड़ ।

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के वित्तीय नतीजे 21 अक्टूबर 2026 को जारी किए, जिनमें कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व आय) सालाना आधार पर 41 प्रतिशत बढ़कर ₹7,957 करोड़ पर पहुँच गया। इसी अवधि में ऊर्जा की कुल बिक्री 32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25.75 अरब यूनिट रही। यह नतीजे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में AGEL की बढ़ती पकड़ को रेखांकित करते हैं।

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन

कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में बिजली आपूर्ति से होने वाली आय सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर ₹8,299 करोड़ हो गई। इस दौरान EBITDA मार्जिन 92.9 प्रतिशत रहा, जो क्षेत्र में असाधारण रूप से ऊँचा आँकड़ा माना जाता है। कैश प्रॉफिट 35 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹4,176 करोड़ रहा।

कंपनी ने इस अवधि में ₹17,160 करोड़ का पूंजीगत व्यय दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है। नेट डेट और रन-रेट EBITDA का अनुपात 5.6 गुना रहा।

दूसरी तिमाही का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में AGEL की ऊर्जा बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 12,090 मिलियन यूनिट रही। बिजली आपूर्ति से प्राप्त आय सालाना आधार पर 45 प्रतिशत की उछाल के साथ ₹4,019 करोड़ हो गई। बिजली आपूर्ति से EBITDA 51 प्रतिशत बढ़कर ₹3,835 करोड़ पर पहुँचा, जबकि तिमाही नकद लाभ 45 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹1,951 करोड़ रहा।

खावड़ा में विश्व का सबसे बड़ा BESS

मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष खन्ना ने कहा कि कंपनी को अपनी अक्षय ऊर्जा संपत्तियों के बेहतर क्रियान्वयन से लगातार लाभ मिल रहा है, जिससे ऊर्जा उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन दोनों में वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने बताया, 'हमने ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हमने खावड़ा में अपनी चालू BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) क्षमता को बढ़ाकर 6.63 गीगावाट घंटा कर दिया है, जो एक ही स्थान पर स्थित दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन है।'

खन्ना ने आगे कहा, 'AGEL अब भारत का सबसे बड़ा BESS ऑपरेटर बन गया है, जिसकी हिस्सेदारी देश की कुल चालू क्षमता के आधे से भी अधिक है। हमारा ध्यान स्टोरेज क्षमता को और बढ़ाने पर है, साथ ही ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।'

वृद्धि के पीछे कारण

कंपनी के अनुसार, आय और मुनाफे में यह मजबूत वृद्धि निरंतर क्षमता विस्तार, आधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों को अपनाने और परियोजनाओं के बेहतर परिचालन प्रदर्शन का परिणाम है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और AGEL जैसी निजी कंपनियाँ इस दौड़ में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

आगे चलकर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और स्टोरेज क्षमता का विस्तार कंपनी के विकास की रफ्तार को परिभाषित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 92.9% EBITDA मार्जिन और 5.6 गुना नेट डेट अनुपात एक साथ देखें तो तस्वीर जटिल है — कंपनी मुनाफे में तेजी से बढ़ रही है, पर ऋण का बोझ भी भारी है। खावड़ा का 6.63 GWh BESS एक तकनीकी उपलब्धि है, किंतु ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएँ — जिनका CEO ने खुद जिक्र किया — यह बताती हैं कि क्षमता विस्तार और वास्तविक ऊर्जा आपूर्ति के बीच की खाई अभी भरी नहीं है। भारत के 2030 नवीकरणीय लक्ष्य में AGEL की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए यह सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या ग्रिड कनेक्टिविटी उसी रफ्तार से बढ़ेगी जिस रफ्तार से निजी निवेश हो रहा है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी ग्रीन एनर्जी का वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही का EBITDA कितना रहा?
AGEL का EBITDA वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत बढ़कर ₹7,957 करोड़ हो गया। इसी दौरान EBITDA मार्जिन 92.9 प्रतिशत दर्ज किया गया।
खावड़ा BESS इंस्टॉलेशन क्यों महत्वपूर्ण है?
खावड़ा में AGEL ने 6.63 गीगावाट घंटा क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) चालू किया है, जो एक ही स्थान पर स्थित दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन है। इससे AGEL भारत का सबसे बड़ा BESS ऑपरेटर बन गया है, जिसकी देश की कुल चालू क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में AGEL का प्रदर्शन कैसा रहा?
दूसरी तिमाही में ऊर्जा बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 12,090 मिलियन यूनिट रही। बिजली आपूर्ति से EBITDA 51 प्रतिशत उछलकर ₹3,835 करोड़ और तिमाही नकद लाभ 45 प्रतिशत बढ़कर ₹1,951 करोड़ पर पहुँचा।
AGEL के मजबूत नतीजों की वजह क्या है?
कंपनी के अनुसार, निरंतर क्षमता विस्तार, आधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों को अपनाने और परियोजनाओं के बेहतर परिचालन प्रदर्शन ने आय व मुनाफे में यह वृद्धि सुनिश्चित की। पहली छमाही में ₹17,160 करोड़ का पूंजीगत व्यय भी इस रफ्तार का संकेत देता है।
AGEL का नेट डेट और EBITDA अनुपात क्या है?
वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में AGEL का नेट डेट और रन-रेट EBITDA का अनुपात 5.6 गुना रहा। यह आँकड़ा कंपनी के उच्च पूंजीगत व्यय और विस्तार योजनाओं के संदर्भ में निवेशकों द्वारा बारीकी से देखा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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