क्या अमेरिकी टैरिफ पर अनिश्चितता अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेगी?
सारांश
Key Takeaways
- निवेशकों को दिसंबर तिमाही के नतीजों पर ध्यान देना चाहिए।
- महंगाई के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।
- अमेरिकी व्यापार नीति पर नजर रखें।
- निफ्टी के लिए 25,800 का स्तर महत्वपूर्ण है।
- बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अगले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। देश और दुनिया से जुड़े कई मुद्दे बाजार पर प्रभाव डाल सकते हैं। दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत, महंगाई से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और अमेरिका की व्यापार नीति पर बनी अनिश्चितता निवेशकों का ध्यान आकर्षित करेगी।
पिछले हफ्ते, बेंचमार्क इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए, जिससे लगातार पांच कारोबारी सत्रों में गिरावट देखने को मिली। कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों में सतर्कता देखी गई। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला।
अब अगले सप्ताह निवेशकों की निगाह इस बात पर होगी कि दिसंबर तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहेगा और क्या आर्थिक आंकड़े बाजार को राहत प्रदान करेंगे या नहीं।
दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत देश की प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा से होगी।
आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से भी यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान भारत में खुदरा महंगाई, थोक महंगाई, व्यापार घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे।
ये सभी आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को समझने में मदद करेंगे और इससे ब्याज दरों और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर उम्मीदें तय होंगी।
वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर अमेरिका की व्यापार नीति से संबंधित गतिविधियों पर निवेशकों की निगाह बनी रहेगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई और निर्णय का इंतजार है, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को चुनौती देने वाला मामला भी शामिल है।
यदि इस मामले में कोई स्पष्ट निर्णय या चौंकाने वाला फैसला आता है, तो इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ेगा, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल रजिस्टेंस 25,800 पर है। इसके बाद 25,940 और 26,000 के स्तर पर भी दबाव रह सकता है। वहीं नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है। यदि बाजार 25,300 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि रोजाना के आधार पर देखें तो निफ्टी 25,800 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे बंद हुआ है। यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है और फिलहाल मंदी का असर दिखाई दे रहा है।