क्या अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों के बाद सोने और चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया?

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क्या अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों के बाद सोने और चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया?

सारांश

अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों के बाद सोने और चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में इन कीमती धातुओं की खरीदारी कर रहे हैं। जानिए इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और आगे की संभावनाएं क्या हैं।

Key Takeaways

  • सोने की कीमत 1,43,500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
  • चांदी की कीमत 2,87,990 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
  • महंगाई के नरम आंकड़ों ने बाजार को समर्थन प्रदान किया है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मांग बढ़ सकती है।
  • भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।

मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन, बुधवार को कीमती धातु (सोना और चांदी) ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाते हुए अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़े और दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी में खरीदारी कर रहे हैं।

बुधवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर सोने ने जहां 1,43,500 रुपए प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्च स्तर छुआ, वहीं चांदी भी 2,87,990 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। बीते कुछ दिन पहले भी इन कीमती धातुओं ने अपना रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (दोपहर 12.16 बजे के करीब) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,059 रुपए या 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। तो वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 9,942 रुपए या 3.61 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,85,129 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

दिसंबर के लिए अमेरिकी कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) के आंकड़ों में महीने-दर-महीने महंगाई 0.2 प्रतिशत और साल-दर-साल 2.6 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो उम्मीद से कम रहे, जिससे बाजार को भरोसा मिला कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरें घटा सकता है। इससे सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला।

विशेषज्ञों का कहना है कि कम महंगाई और अमेरिका के रोजगार से जुड़े मिले-जुले आंकड़ों को देखते हुए केंद्रीय बैंक जनवरी में ब्याज दरें स्थिर रख सकता है, लेकिन साल भर में दो से तीन बार दरों में कटौती हो सकती है, जिससे सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि ईरान में अशांति और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि महंगाई का आंकड़ा उम्मीद से कम रहने से यह संकेत मिला है कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।

एक्सपर्ट के अनुसार, सोने को 1,39,550 से 1,37,310 रुपए के आसपास सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ऊपर की ओर 1,44,350 से 1,46,670 रुपए पर रेजिस्टेंस है। वहीं, चांदी के लिए 2,69,810 से 2,54,170 रुपए का स्तर सपोर्ट है और 2,79,810 से 2,84,470 रुपए के बीच रेजिस्टेंस है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि ईरान में अशांति, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े तनाव भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने में मदद कर रहे हैं।

एक्सपर्ट के अनुसार, डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका की सर्वोच्च अदालत के टैरिफ से जुड़े फैसले से पहले इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि मजबूत उछाल के बाद चांदी की कीमतें शॉर्ट और मीडियम-टर्म के औसत से काफी ऊपर बनी हुई हैं, जिसकी वजह सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में बढ़ती मांग और बाजार में सीमित आपूर्ति है। इसी कारण चांदी में खरीदारी ज्यादा देखी जा रही है।

Point of View

NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का कारण क्या है?
महंगाई के नरम आंकड़े और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी में खरीदारी कर रहे हैं।
क्या सोने और चांदी की कीमतें और बढ़ेंगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।
क्या अमेरिका के केंद्रीय बैंक की नीतियों का सोने की कीमतों पर प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों में बदलाव सोने की मांग और कीमतों पर प्रभाव डाल सकता है।
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