24 सितंबर 2026
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एसोचैम का टीआईपीएस प्लेटफॉर्म लॉन्च, 2030 तक $2 लाख करोड़ निर्यात लक्ष्य में योगदान का संकल्प

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एसोचैम का टीआईपीएस प्लेटफॉर्म लॉन्च, 2030 तक $2 लाख करोड़ निर्यात लक्ष्य में योगदान का संकल्प

सारांश

एसोचैम का टीआईपीएस प्लेटफॉर्म महज एक डिजिटल टूल नहीं — यह भारत के निर्यातकों, निवेशकों और एमएसएमई को एक छत के नीचे नीति, बाजार और नियामकीय मार्गदर्शन देने की कोशिश है। 2030 तक $2 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन क्रियान्वयन की गति ही इसकी परीक्षा लेगी।

मुख्य बातें

एसोचैम ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में टीआईपीएस (ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सर्विसेज) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
प्लेटफॉर्म आर्थिक शोध, नीतिगत जानकारी और सिंगल-विंडो सुविधाओं को एकीकृत करेगा।
लक्ष्य: 2030 तक वस्तु व सेवा निर्यात को $2 ट्रिलियन और 2032 तक एफडीआई प्रवाह को $20 अरब तक पहुँचाने में योगदान।
2035 तक जीडीपी में विनिर्माण की हिस्सेदारी 25% करने का लक्ष्य भी इस पहल के एजेंडे में।
मिंडा के अनुसार, टीआईपीएस 'निवेश की मंशा को परियोजनाओं और रोजगार में बदलने' में मदद करेगा।
यह पहल विकसित भारत 2047 , मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रमों के अनुरूप है।

एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सर्विसेज (टीआईपीएस) नामक एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया, जिसका मकसद निर्यातकों, निवेशकों और कारोबारियों को भारत एवं विदेशी बाजारों तक पहुँच सुगम बनाना है। यह पहल हाल ही में संपन्न एसोचैम की मैनेजिंग कमेटी की बैठक में प्रस्तुत की गई।

टीआईपीएस प्लेटफॉर्म में क्या है खास

यह प्लेटफॉर्म आर्थिक शोध, नीतिगत जानकारी और सुविधा सेवाओं को एकीकृत करेगा ताकि कारोबारी विकास के अवसरों की पहचान कर सकें, नियामकीय प्रक्रियाओं को समझ सकें और नए बाजारों में विस्तार कर सकें। इसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का विश्लेषण, निवेश के अवसरों की जानकारी और केंद्र व राज्य सरकारों की सिंगल-विंडो प्रणालियों के माध्यम से मंजूरियों का मार्गदर्शन भी शामिल है।

इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर कराधान, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों, व्यापार समझौतों और उभरते वैश्विक बाजार रुझानों से जुड़ी व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा का बयान

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य बाजार से जुड़ी जानकारी, नीतिगत अंतर्दृष्टि और सुविधा सेवाओं को एकजुट कर 'भारत की विकास की कहानी को ठोस निवेश अवसरों में बदलना' है। उन्होंने यह भी कहा कि टीआईपीएस कारोबारियों को 'निवेश की मंशा को परियोजनाओं तथा रोजगार सृजन में बदलने' में मदद करेगा।

निर्यात और एफडीआई के महत्वाकांक्षी लक्ष्य

एसोचैम के अनुसार, टीआईपीएस का लक्ष्य 2030 तक भारत के वस्तुओं और सेवाओं के संयुक्त वार्षिक निर्यात को $2 लाख करोड़ (2 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुँचाने में योगदान देना है — जिसमें वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात अलग-अलग $1 लाख करोड़ करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 2032 तक वार्षिक एफडीआई प्रवाह को $2,000 करोड़ तक बढ़ाने की भी परिकल्पना है।

गौरतलब है कि चैंबर ने ब्रिक्स देशों को निर्यात बढ़ाकर $2,000 करोड़ करने और 2035 तक जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 25% तक पहुँचाने के लक्ष्य भी रखे हैं।

विकसित भारत 2047 से संरेखण

यह पहल सरकार के विकसित भारत 2047 विजन तथा मेक इन इंडिया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आत्मनिर्भर भारत जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के अनुरूप बताई जा रही है। यह प्लेटफॉर्म निवेशकों को अवसरों की पहचान से लेकर कारोबारी साझेदार तलाशने तक एंड-टू-एंड सहयोग उपलब्ध कराएगा और भारतीय कंपनियों को वैश्विक साझेदारों से जोड़ेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने और एफडीआई आकर्षण में तेजी लाने के लिए संस्थागत ढाँचे को और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आने वाले महीनों में टीआईपीएस की परिचालन क्षमता और उपयोगकर्ता आधार किस तेजी से विस्तार पाते हैं, यही इसकी सफलता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत में 'सिंगल-विंडो' और 'एकीकृत मंच' की अवधारणाएँ पहले भी कई बार घोषित हो चुकी हैं — और क्रियान्वयन की जमीन पर अक्सर फिसलती रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि टीआईपीएस केवल सूचना-संकलन तक सीमित रहता है या वास्तव में निवेशकों के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं में तेजी लाता है। $2 ट्रिलियन निर्यात और $20 अरब एफडीआई के लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, पर इनका पूरा होना टीआईपीएस से कहीं आगे — व्यापार समझौतों की गति, लॉजिस्टिक्स सुधार और नीतिगत स्थिरता — पर निर्भर करेगा।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसोचैम का टीआईपीएस प्लेटफॉर्म क्या है?
टीआईपीएस यानी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सर्विसेज एसोचैम द्वारा लॉन्च किया गया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो निर्यातकों, निवेशकों और कारोबारियों को बाजार तक पहुँच, नीतिगत मार्गदर्शन और नियामकीय सुविधाएँ एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसे 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में लॉन्च किया गया।
टीआईपीएस के जरिए निर्यात और एफडीआई के क्या लक्ष्य रखे गए हैं?
एसोचैम के अनुसार, टीआईपीएस का लक्ष्य 2030 तक भारत के वस्तुओं और सेवाओं के संयुक्त वार्षिक निर्यात को $2 ट्रिलियन (वस्तु और सेवा अलग-अलग $1 ट्रिलियन) और 2032 तक वार्षिक एफडीआई प्रवाह को $20 अरब तक बढ़ाने में योगदान देना है।
टीआईपीएस प्लेटफॉर्म पर कारोबारियों को क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय विश्लेषण, निवेश अवसरों की जानकारी, केंद्र-राज्य सिंगल-विंडो मंजूरियों का मार्गदर्शन, कराधान, एफडीआई नियम, व्यापार समझौते और वैश्विक बाजार रुझान उपलब्ध होंगे। यह एंड-टू-एंड सहयोग प्रदान करेगा — अवसर पहचानने से लेकर वैश्विक साझेदार तलाशने तक।
यह पहल सरकार की किन योजनाओं से जुड़ी है?
टीआईपीएस सरकार के विकसित भारत 2047 विजन और मेक इन इंडिया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रमों के अनुरूप बताई जा रही है। एसोचैम का कहना है कि यह 2035 तक जीडीपी में विनिर्माण की हिस्सेदारी 25% करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में भी सहायक होगा।
एसोचैम अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने टीआईपीएस के बारे में क्या कहा?
एसोचैम अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि टीआईपीएस का उद्देश्य बाजार जानकारी, नीतिगत अंतर्दृष्टि और सुविधा सेवाओं को एकजुट कर 'भारत की विकास की कहानी को ठोस निवेश अवसरों में बदलना' है। उन्होंने कहा कि यह मंच निवेश की मंशा को परियोजनाओं और रोजगार सृजन में परिवर्तित करने में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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