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क्या भारत 1100 किलोमीटर ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है?

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क्या भारत 1100 किलोमीटर ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है?

सारांश

भारत ने 1100 किलोमीटर के ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। मनोहर लाल के अनुसार, यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। जानिए इस सफलता के पीछे की कहानी और पीएम मोदी के दृष्टिकोण का महत्व।

मुख्य बातें

भारत का मेट्रो नेटवर्क 1100 किलोमीटर तक फैला है।
यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है।
मनोहर लाल ने पीएम ई-बस सेवा की घोषणा की।
शहरी विकास इंफ्रास्ट्रक्चर से परे है।
लास्ट माइल कनेक्टिविटी की चुनौती का समाधान किया जाएगा।

नई दिल्ली, 7 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, पीएम ई-बस सेवा, आरआरटीएस और मेट्रो विस्तार जैसी प्रमुख पहल 2047 तक विकसित भारत के लिए एक स्थायी शहरी परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज गुरुग्राम में 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस-कम-एग्जीबिशन 2025 का उद्घाटन किया।"

उन्होंने इस कॉन्फ्रेंस-कम-एग्जीबिशन को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि आज शहरी विकास केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक ही सीमित नहीं है। यह हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन देना सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा, "ट्रू मोबिलिटी का मतलब बदलाव से है। यह फोरम हमारी साझा प्रतिबद्धताओं को दर्शाता है, जो एक सही दिशा में बदलाव की ओर बढ़ रहा है।"

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने उद्घाटन भाषण में भारत के मोबिलिटी इकोसिस्टम को आकार देने में अर्बन मोबिलिटी इंडिया के योगदान को सराहा।

उन्होंने कहा कि करीब 1100 किलोमीटर ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है और इसी के साथ देश दूसरे पायदान पर पहुंचने जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पीएम ई-बस सेवा को लेकर कहा कि छोटे शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की घोषणा की। इनमें से 100 ई-बस को गुरुग्राम में लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मेट्रो यात्रा को लेकर लास्ट माइल कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंत्रालय सुधारों को लाने का हर संभव प्रयास करेगा।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), अपनी सहायक कंपनी दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (डीएमआईएल) के साथ मिलकर भारत और विदेशों में कंसल्टेंसी, निर्माण, टर्नकी प्रोजेक्ट, प्रबंधन सेवाएं और संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए मंत्रालय की ओर से नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि देश में शहरी परिवहन में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मनोहर लाल का दृष्टिकोण और पीएम मोदी के प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि भारत शहरी विकास के क्षेत्र में एक नई दिशा में अग्रसर है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का मेट्रो नेटवर्क कब शुरू हुआ?
भारत का पहला मेट्रो नेटवर्क, दिल्ली मेट्रो, 2002 में शुरू हुआ था।
भारत में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कब तक होगा?
भारत में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 2047 तक जारी रहने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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