11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत का ईएसडीएम मार्केट 2030 तक 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचेगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत का ईएसडीएम मार्केट 2030 तक 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचेगा?

सारांश

भारत की ईएसडीएम इंडस्ट्री में तेजी से वृद्धि होने जा रही है। क्या आप जानते हैं कि 2030 तक इसका आकार 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है? जानें इस रिपोर्ट में इसके पीछे के कारण और रुझान।

मुख्य बातें

ईएसडीएम उद्योग का आकार 2030 तक 7-8 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ने का अनुमान है।
स्मार्टफोन सेगमेंट ने उद्योग में 62 प्रतिशत का योगदान दिया है।
ईएसडीएम में 20-25 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद है।
भारत में 99 प्रतिशत स्मार्टफोन अब घरेलू स्तर पर बनाए जाते हैं।
निर्यात में वृद्धि 2015 से तेजी से हुई है।

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) इंडस्ट्री का आकार 2030 तक दोगुना होकर 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स की मजबूत मांग के कारण अगले पांच वर्षों में उद्योग 20-25 प्रतिशत की तेज चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ सकता है।

स्मार्टफोन सेगमेंट भारत के ईएसडीएम उद्योग की रीढ़ बनकर उभरा है, जिसने वित्त वर्ष 25 में कुल बाजार में 62 प्रतिशत का योगदान दिया।

वित्त वर्ष 20 और वित्त वर्ष 25 के बीच, इस सेगमेंट में 28 प्रतिशत की मजबूत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई, जिसे बढ़ती आय, स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता और शहरों व छोटे कस्बों में स्मार्ट उपकरणों की व्यापक पहुंच का समर्थन प्राप्त हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया, "इस सेगमेंट के वित्त वर्ष 2025-30 के दौरान 23-25 ​​प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने का अनुमान है, जो उद्योग में वॉल्यूम वृद्धि और तकनीकी प्रगति, दोनों के प्राथमिक इंजन के रूप में इसकी भूमिका को और पुख्ता करता है।"

बीते एक दशक में भारत के स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आया है। पहले देश में बिकने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन आयातित होते थे। अब, भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध 99 प्रतिशत स्मार्टफोन घरेलू स्तर पर बनाए जाते हैं।

देश में मैन्युफैक्चर किए जाने वाले स्मार्टफोन की वैल्यू वित्त वर्ष 24 में बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 14 में 18,900 करोड़ रुपए थी।

वार्षिक शिपमेंट लगातार 15 करोड़ यूनिट को पार कर गया है, और वित्त वर्ष 2025 तक भारत में सालाना 325-330 मिलियन से अधिक स्मार्टफोन का उत्पादन हुआ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जो उत्पादन का 36 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 2015 में यह केवल 8 प्रतिशत था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक कदम है। देश की स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि ने इसे विश्व स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी बना दिया है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का ईएसडीएम मार्केट कब दोगुना होगा?
भारत का ईएसडीएम मार्केट 2030 तक दोगुना होकर 7-8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।
ईएसडीएम का मतलब क्या है?
ईएसडीएम का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग ।
कौन से सेक्टर ईएसडीएम में योगदान दे रहे हैं?
स्मार्टफोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर ईएसडीएम में योगदान दे रहे हैं।
भारत में स्मार्टफोन का उत्पादन कब से बढ़ा है?
भारत में स्मार्टफोन का उत्पादन पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है, और अब 99 प्रतिशत स्मार्टफोन देश में ही निर्मित होते हैं।
निर्यात में वृद्धि कब से हुई है?
निर्यात में वृद्धि 2015 से शुरू हुई थी, जब यह केवल 8 प्रतिशत था, और अब यह 36 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले
    क्या भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स को प्राथमिकता देनी चाहिए? : आईसीईए