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क्या भारत के टियर-2 और टियर-3 गैर-मेट्रो शहरों में नौकरियों और प्रतिभाओं का आकर्षण बढ़ रहा है?

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क्या भारत के टियर-2 और टियर-3 गैर-मेट्रो शहरों में नौकरियों और प्रतिभाओं का आकर्षण बढ़ रहा है?

सारांश

भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में रोजगार के नए अवसर उभर रहे हैं, जिससे वहां के युवा पेशेवरों को अपने करियर का विकास करने का सुनहरा मौका मिल रहा है। जानिए कैसे ये शहर बन रहे हैं सीरियस करियर हब

मुख्य बातें

विशाखापत्तनम , रांची और विजयवाड़ा तेजी से उभरते केंद्र हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में बिजनेस डेवलपमेंट रोल्स की अधिक मांग है।
इंजीनियरिंग क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर हैं।
स्थानीय सरकारों का विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
टेक्नोलॉजी कंपनियां स्थानीय प्रतिभाओं को आकर्षित कर रही हैं।

नई दिल्ली, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । भारत के गैर-मेट्रो शहरों में रोजगार बाजार की गति और आर्थिक अवसर बढ़ते जा रहे हैं। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

प्रोफेशनल नेटवर्क प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की "सिटीज ऑन द राइज" रिपोर्ट में विशाखापत्तनम, रांची, विजयवाड़ा, नासिक और रायपुर को सबसे तेजी से बढ़ते गैर-मेट्रो केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां पेशेवर अवसरों में तेजी आ रही है।

रिपोर्ट उन उभरते टियर-2 और टियर-3 विकास क्षेत्रों जैसे राजकोट, आगरा, मदुरै, वडोदरा और जोधपुर पर भी प्रकाश डालती है, जो उन पेशेवरों के लिए उपयुक्त हैं जो स्थानांतरित होना चाहते हैं, नए उद्योगों में प्रवेश करना चाहते हैं या स्थानीय स्तर पर अपना करियर बनाना चाहते हैं।

इन उभरते शहरों की सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को दिया गया है।

लिंक्डइन इंडिया की संपादकीय प्रमुख और करियर विशेषज्ञ निराजिता बनर्जी ने कहा, "टियर-2 और टियर-3 शहर भारत के आर्थिक परिवर्तन के केंद्र में हैं। जीसीसी निवेशों का प्रवाह, स्थानीय एमएसएमई में उछाल और सरकार का विकसित भारत का दृष्टिकोण मिलकर छोटे शहरों को सीरियस करियर हब में बदल रहे हैं।"

बनर्जी ने आगे कहा, "इसका मतलब है कि कई भारतीयों के लिए, सार्थक करियर प्रगति के लिए अब बड़े शहर जाना आवश्यक नहीं है। क्योंकि ये 10 उभरते शहर उद्योगों, कार्यों और भूमिकाओं में वास्तविक अवसर प्रदान करते हैं।"

इसके अलावा, रिपोर्ट में टियर-2 और टियर-3 भारतीय शहरों में कदम रखने और प्रतिभाओं को आकर्षित करने में टेक्नोलॉजी, फार्मा और फाइनेंस कंपनियों की भूमिका पर जोर दिया गया है।

इसमें कहा गया है कि डेटा और एआई के बढ़ते ट्रेंड के बीच, टेक कंपनियां टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपने कारोबार स्थापित कर रही हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं की गतिविधि को बढ़ावा मिल रहा है।

यहां तक कि स्वास्थ्य सेवा और दवा कंपनियां भी विशाखापत्तनम और वडोदरा में अवसर पैदा कर रही हैं; जबकि कई प्रमुख बैंक रायपुर, आगरा और जोधपुर में वित्तीय सेवाओं के विकास को गति दे रहे हैं।

नासिक, रायपुर, राजकोट, आगरा, वडोदरा और जोधपुर सहित दस उभरते शहरों में से छह में बिजनेस डेवलपमेंट रोल्स को सबसे ज्यादा नियुक्तियों का प्रमुख स्रोत माना गया है।

विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और मदुरै के पेशेवरों के लिए, इंजीनियरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर उभर रहे हैं।

बिक्री, ऑपरेशन और शिक्षा दूसरे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां टियर-2 और टियर-3 शहरों के पेशेवर नौकरी की तलाश कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के आर्थिक परिवेश में भी योगदान कर रहे हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टियर-2 और टियर-3 शहरों में कौन से उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं?
टियर-2 और टियर-3 शहरों में टेक्नोलॉजी , फार्मा , और फाइनेंस उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या इन शहरों में नौकरी के अवसर बड़े शहरों की तुलना में बेहतर हैं?
हाँ, रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में नौकरी के अवसर अब बड़े शहरों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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