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क्या भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति 2026 में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगी?

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क्या भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति 2026 में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगी?

सारांश

2026 में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी। एनालिस्ट के अनुसार, 2025 में हुई बिकवाली के बावजूद, उम्मीद है कि निवेश में सुधार होगा। जानें कैसे ये विकास भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

मुख्य बातें

2025 में एफआईआई की बिकवाली का बड़ा आंकड़ा सामने आया है।
2026 में संभावित विदेशी निवेश की उम्मीदें बढ़ रही हैं।
डीआईआई द्वारा भारी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है।
मजबूत जीडीपी वृद्धि भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
अर्थव्यवस्था में सुधार से विदेशी निवेशकों की वापसी संभव है।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 2025 में बड़ी बिकवाली के बाद, भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति 2026 में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। यह जानकारी एनालिस्ट ने शनिवार को साझा की।

एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में एफआईआई ने 30,332 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी, जबकि पूरे 2025 में यह आंकड़ा 2,40,193 करोड़ रुपए तक पहुँच गया।

इस अवधि में, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने प्राइमरी मार्केट में 73,909 करोड़ रुपए का निवेश किया, जिससे शुद्ध बिकवाली का आंकड़ा घटकर 1,66,283 करोड़ रुपए हो गया है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "भारत में निवेश शुरू करने के बाद से एफआईआई द्वारा यह सबसे बड़ी बिकवाली है। 2024 में भी एफआईआई ने शेयरों की बिकवाली की थी, जिसमें उन्होंने 1,21,210 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। फिर भी, पूरे वर्ष का शुद्ध प्रवाह सकारात्मक रहा, क्योंकि उन्होंने प्राथमिक बाजार के माध्यम से 1,21,637 करोड़ रुपए का निवेश किया। लेकिन 2025 के लिए, शुद्ध बिकवाली का आंकड़ा गंभीर रूप से 166,283 करोड़ रुपए है।"

भारत में अपेक्षाकृत ऊँचे मूल्य और 'एआई ट्रेड' जैसे प्रमुख कारकों ने विदेशी निवेशकों को यहाँ बिकवाली के लिए प्रेरित किया।

एफआईआई द्वारा लगातार बिकवाली ने 2025 में डॉलर के मुकाबले रुपए के 5 प्रतिशत की तेज अवमूल्यन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विजयकुमार ने आगे कहा, "2026 में एफआईआई की रणनीति में कुछ बदलाव संभव हैं।"

एनालिस्ट ने कहा कि मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और 2026 में कंपनियों की आय में सुधार की संभावनाएं विदेशी निवेशकों की वापसी के लिए शुभ संकेत हैं।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले वर्ष एफआईआई की बिकवाली की भरपाई के लिए भारी मात्रा में खरीदारी की।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि डीआईआई ने नवंबर में 8.7 अरब डॉलर का मजबूत निवेश किया, जो लगातार 28वें महीने की खरीदारी को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति और निवेश के अवसर न केवल देश की विकास यात्रा को और मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को ऊंचाई पर ले जाएंगे।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में भारत में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का क्या कारण था?
भारत में अपेक्षाकृत ऊँचे मूल्य और 'एआई ट्रेड' कुछ प्रमुख कारक थे जिन्होंने विदेशी निवेशकों को बिकवाली के लिए प्रेरित किया।
क्या 2026 में विदेशी निवेशकों की वापसी की संभावना है?
बिल्कुल! एनालिस्ट के अनुसार, मजबूत जीडीपी वृद्धि और कंपनियों की आय में सुधार की संभावनाएं 2026 में विदेशी निवेशकों की वापसी का संकेत देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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