30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में नवंबर में स्थिर वृद्धि हुई? वाहनों की बिक्री 2.14 प्रतिशत बढ़ी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में नवंबर में स्थिर वृद्धि हुई? वाहनों की बिक्री 2.14 प्रतिशत बढ़ी

सारांश

भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री ने नवंबर में स्थिर वृद्धि की। वाहनों की बिक्री 2.14 प्रतिशत बढ़कर 33,00,832 यूनिट हो गई है। जानिए इसके पीछे के कारण और बाजार की स्थिति।

मुख्य बातें

भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में नवंबर में 2.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वाहनों की बिक्री 33,00,832 यूनिट हो गई।
फेस्टिव सीजन के बाद भी मांग में स्थिरता बनी रही।
यात्री वाहनों के लिए इंवेंट्री लेवल में सुधार हुआ।
मारुति सुजुकी का 39.4 प्रतिशत मार्केट शेयर है।

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री ने इस वर्ष नवंबर में स्थिर वृद्धि का अनुभव किया है, जिसमें सालाना आधार पर वाहनों की बिक्री 2.14 प्रतिशत बढ़कर 33,00,832 यूनिट हो गई।

फेस्टिव सीजन के बाद भी मांग में स्थिरता बनी रही। जीएसटी 2.0 सुधार के कारण वाहनों की कीमतों में कमी आई, जिससे ग्राहक डीलरशिप की ओर आकर्षित हुए।

बेहतर मॉडल की उपलब्धता और कॉम्पैक्ट एसयूवी की बढ़ती मांग के चलते यात्री वाहनों की बिक्री में सकारात्मक संकेत देखने को मिले।

यात्री वाहनों के लिए इंवेंट्री लेवल पिछले महीने के 53–55 दिन से सुधरकर 44–46 दिन हो गया, जो ग्राहकों के बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

मारुति सुजुकी ने 39.4 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ अपनी लीडरशिप बनाए रखी, जिसके बाद महिंद्रा का हिस्सा 13.7 प्रतिशत और टाटा मोटर्स का हिस्सा 13.2 प्रतिशत रहा।

हालांकि, नवंबर में टू-व्हीलर की बिक्री में गिरावट देखने को मिली, जो मासिक आधार पर 19.16 प्रतिशत की कमी के बाद 25.46 लाख यूनिट रह गई। सालाना आधार पर यह गिरावट 3.10 प्रतिशत थी।

फाडा के अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने कहा कि नवंबर में गिरावट इसलिए आई क्योंकि ग्राहक ने फेस्टिव सीजन से पहले अक्टूबर में ही खरीदारी कर ली थी।

उन्होंने यह भी बताया कि क्रॉप पेमेंट में देरी और पॉपुलर मॉडल की असमान सप्लाई ने प्रदर्शन को प्रभावित किया। फिर भी, शादी के सीजन और जीएसटी की दरों में बदलाव के कारण डीलर्स को ग्राहक संख्या में सुधार देखने को मिला है।

इस महीने थ्री-व्हीलर की बिक्री मजबूत रही, जो मासिक आधार पर 3.42 प्रतिशत बढ़कर 1.33 लाख यूनिट के आंकड़े तक पहुंच गई। इस श्रेणी में सालाना आधार पर 23.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसे ई-रिक्शा और ई-कार्ट की बढ़ती मांग से समर्थन मिला।

इस वर्ष नवंबर में कमर्शियल व्हीकल की बिक्री मिली-जुली रही। जहां एक ओर लाइट और मीडियम कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में गिरावट हुई, वहीं हेवी कमर्शियल व्हीकल की बिक्री इस ट्रेंड के उलट रही। इस महीने हेवी कमर्शियल व्हीकल की बिक्री मासिक आधार पर 3.28 प्रतिशत बढ़कर 28,659 यूनिट हो गई। सालाना आधार पर यह 17.61 प्रतिशत की बढ़त थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उत्पादन और सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जाए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री की स्थिति क्या है?
भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में नवंबर में 2.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वाहनों की बिक्री में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
वाहनों की कीमतों में कमी और बेहतर मॉडल की उपलब्धता के कारण बिक्री में वृद्धि हुई है।
टू-व्हीलर की बिक्री में गिरावट क्यों आई?
फेस्टिव सीजन के कारण ग्राहक ने अक्टूबर में पहले ही खरीदारी कर ली थी।
थ्री-व्हीलर की बिक्री में क्या हुआ?
थ्री-व्हीलर की बिक्री में 3.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कमर्शियल व्हीकल की बिक्री की स्थिति क्या है?
कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में मिली-जुली तस्वीर है, जहां हेवी कमर्शियल व्हीकल की बिक्री बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले