कंगना रनौत के विवादित बयान पर भोपाल में महिला कांग्रेस का पुतला दहन, BJP पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में जिला महिला कांग्रेस ने 30 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के सामने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के पुतले का दहन किया। यह प्रदर्शन कंगना रनौत द्वारा दिल्ली के विरोध प्रदर्शन को लेकर आंदोलनकारी महिलाओं के संदर्भ में दिए गए कथित अपमानजनक बयान के विरोध में आयोजित किया गया।
विरोध की पृष्ठभूमि
बीते दिनों नई दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर सांसद कंगना रनौत ने आंदोलनकारी बेटियों के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस बयान की देशभर में चौतरफा निंदा हुई, जिसके बाद रनौत ने सफाई भी दी। महिला कांग्रेस नेत्रियों ने इस सफाई को अपर्याप्त बताते हुए प्रदर्शन का रास्ता चुना।
यह ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस पहले से तेज़ है। गौरतलब है कि महिला कांग्रेस ने अपने विरोध में केवल कंगना रनौत के बयान को नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा बिलकिस बानो प्रकरण से जुड़े दोषियों के कथित स्वागत एवं समर्थन को भी निशाने पर लिया।
महिला कांग्रेस का पक्ष
जिला महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि महिलाओं के सम्मान, न्याय और सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था, 'देश की बेटियाँ जब अपने अधिकार और न्याय के लिए आवाज़ उठाती हैं, तब उनके सम्मान की रक्षा करना हर जिम्मेदार नागरिक और जनप्रतिनिधि का दायित्व है।'
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अन्याय, अपराध और अपमानजनक टिप्पणियों के विरुद्ध कांग्रेस पार्टी अपनी आवाज़ उठाती रहेगी।
BJP और केंद्र सरकार से माँग
महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार और BJP नेताओं से महिलाओं के सम्मान एवं न्याय के प्रति संवेदनशीलता बरतने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बयान और आचरण महिला-विरोधी संदेश देते हैं, जो अस्वीकार्य है।
राजनीतिक संदर्भ
कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से BJP सांसद हैं। अभिनेत्री से राजनेता बनी रनौत अपने विवादित बयानों के लिए पहले भी चर्चा में रही हैं। आलोचकों का कहना है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि से भाषाई संयम की अपेक्षा स्वाभाविक है। यह पहला मौका नहीं है जब विपक्षी दलों ने उनके बयानों पर सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया हो।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि BJP इस राजनीतिक दबाव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है या नहीं।